शिक्षक एमएलसी चुनाव: बरेली-मुरादाबाद सीट पर भाजपा के ढिल्लों की लगातार दूसरी जीत, सपा के दानिश को हराया
बरेली-मुरादाबाद शिक्षक एमएलसी चुनाव में भाजपा प्रत्याशी हरी सिंह ढिल्लो ने सपा के हाजी दानिश अख्तर को 17,676 मतों से हराया। ढिल्लो को 21,672 और दानिश को 3,996 वोट मिले। डॉ. सुनीत गिरी 2,145 मतों के साथ तीसरे स्थान पर रहे। 23 अक्तूबर को हुए मतदान में 73.69 फीसदी मतदाताओं ने हिस्सा लिया था। मतगणना के बाद मंगलवार देर रात चुनाव परिणाम घोषित किया गया।
विस्तार
बरेली-मुरादाबाद खंड शिक्षक एमएलसी चुनाव में भाजपा प्रत्याशी हरी सिंह ढिल्लों ने बड़ी जीत दर्ज की। उन्होंने सपा प्रत्याशी हाजी दानिश अख्तर को 17,676 मतों के अंतर से हराया। पहले चरण से बनी ढिल्लों की बढ़त पांचवें और अंतिम चरण तक कायम रही।
भाजपा प्रत्याशी को 21,672 और सपा के हाजी दानिश को 3,996 मत प्राप्त हुए। 3,183 मत निरस्त हो गए। मतगणना में तीसरे स्थान पर डॉ. सुनीत गिरी रहे। उन्हें 2,145 वोट मिले। संजय मिश्र 981 वोटों के साथ चौथे और विमलेंद्र कुमार 622 वोटों के साथ पांचवें स्थान पर रहे।
मंगलवार सुबह आठ बजे से संजय गांधी कम्युनिटी हॉल में मतगणना शुरू हुई। चुनाव में भाजपा और सपा समेत कुल 17 प्रत्याशियों ने चुनौती पेश की। रिटर्निंग ऑफिसर शंभू कुमार ने बताया कि सुबह आठ बजे से मतगणना की प्रक्रिया शुरू हुई। सबसे पहले मतपेटियों से मतपत्रों को निकालकर 50-50 के बंडल बनाए गए। यह कार्य सुबह आठ से दोपहर करीब तीन बजे तक चला, जिसके बाद शाम चार बजे मतगणना शुरू हो सकी।
संजय कम्युनिटी हॉल में हुई मतगणना
आठ टेबलों पर हुई गिनती
मतगणना स्थल पर आठ टेबल लगाई गई थीं, जहां प्रत्याशियों के एजेंट गिनती पर नजर रखे रहे। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे, जिसमें तीन चरणों का सुरक्षा घेरा शामिल था। समर्थकों को मतगणना स्थल से सौ मीटर पहले ही रोक दिया गया था। परिसर के मुख्य गेट पर भारी पुलिस बल तैनात रहा, जहां जांच के बाद ही लोगों को प्रवेश मिला।
इसके बाद मतगणना परिसर में दाखिल होने से पहले भी सघन तलाशी की व्यवस्था की गई थी। इस तरह मतगणना स्थल के बाहर से लेकर अंदर तक सुरक्षा के तीन चरण बनाए गए। मतगणना की निगरानी और व्यवस्थाओं के लिए बरेली और मुरादाबाद मंडल के संबंधित अधिकारी भी मौजूद रहे।
मतगणना को लेकर किए गए सुरक्षा के कड़े इंतजाम
शिक्षक एमएलसी निर्वाचन के लिए 23 अक्तूबर को 105 बूथों पर मतदान हुआ था। दोनों मंडलों के 46 हजार से ज्यादा मतदाताओं में से 35,149 यानी 73.69 फीसदी ने मताधिकार का प्रयोग किया था। मतगणना की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए प्रत्येक टेबल पर प्रत्याशियों को एक-एक काउंटिंग एजेंट तैनात करने की अनुमति दी गई है। सभी टेबल पर वीडियोग्राफी और पूरे हॉल में सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की गई। मतगणना के विभिन्न चरणों की जानकारी देने के लिए लाउडस्पीकर भी लगाए गए।