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Balrampur News: गांवों के दहलीज पर राप्ती, कटान से किसान बेहाल

Wed, 19 Aug 2026 11:03 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर Updated Wed, 19 Aug 2026 11:03 PM IST
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Rapti at the doorstep of villages; farmers in distress due to erosion
फोटो-30- बलरामपुर के गंगा बख्श भागड़ के पास कटान कर रही राप्ती ।- संवाद
ललिया/गौरा चौराहा। राप्ती नदी का जलस्तर बढ़ने से नदी किनारे बसे गांवों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। पानी बढ़ने के साथ ही ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। लोग घरों में रखे अनाज और जरूरी सामान को ऊंचे स्थानों पर सुरक्षित करने में जुट गए हैं। पशुपालक भी भूसा और पशुओं के चारे को सुरक्षित कर रहे हैं। वहीं नदी का पानी थोड़ा कम होने पर कटान तेज होने की आशंका किसानों को सता रही है। कई किसानों की उपजाऊ जमीन पहले ही नदी में समा चुकी है।
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ललिया क्षेत्र के गंगाबख्श, भागड़, चौकाकला, मधवापुर, जोगिया कला, गोसाईपुरवा, लालपुर, फगुइया समेत नदी किनारे बसे कई गांवों में राप्ती के बढ़ते जलस्तर को लेकर ग्रामीण सतर्क हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पानी इसी तरह बढ़ता रहा तो गांव बाढ़ की चपेट में आ सकते हैं। पिछले अनुभवों को देखते हुए लोगों ने पहले से ही जरूरी सामान सुरक्षित करना शुरू कर दिया है।
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घर में अनाज, बाहर भूसा सुरक्षित कर रहे ग्रामीण



--नदी के आसपास रहने वाले लोगों ने अनाज और घरेलू सामान को घरों में ऊंचे स्थानों पर रखना शुरू कर दिया है। पशुपालक भूसा और अन्य चारा भी सुरक्षित कर रहे हैं, ताकि बाढ़ आने की स्थिति में पशुओं के लिए चारे का संकट न हो। गौरा चौराहा क्षेत्र के रजवापुर निवासी नरदाहे निषाद परिवार के साथ घर का सामान सुरक्षित करने में जुटे हैं। राप्ती नदी के किनारे उनका फूस का मकान है। ग्रामीण संतोष सिंह, राजेंद्र सिंह, मनोज तिवारी और इश्तियाक ने बताया कि नदी का पानी इसी तरह बढ़ता रहा तो गांव बाढ़ से घिर सकते हैं।
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कई बीघा जमीन नदी में समाई, बची जमीन पर भी खतरा



--ललिया के चौकाकला निवासी तेजराम वर्मा ने बताया कि राप्ती की धारा में कटकर उनकी कई बीघा जमीन पहले ही नदी में समा चुकी है। अब जो जमीन बची है, उसके भी कटने का खतरा बना हुआ है। पानी कम होने के बाद कटान तेज होने की आशंका रहती है। मंगल, पलटन यादव, तीजू, जमाई, सोखा और राजेंद्र वर्मा समेत कई किसानों को अपनी उपजाऊ जमीन नदी में समाने की चिंता सता रही है। किसानों का कहना है कि कटान से जमीन जाने के साथ ही उनकी खेती और परिवार की आय पर भी सीधा असर पड़ता है।

फोटो-30- बलरामपुर के गंगा बख्श भागड़ के पास कटान कर रही राप्ती ।- संवाद

फोटो-30- बलरामपुर के गंगा बख्श भागड़ के पास कटान कर रही राप्ती ।- संवाद

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