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Ballia News: ममता और संस्कार की अमिट पहचान थीं दूजा देवी
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पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की पत्नी स्व. दूजा देवी की पुण्यतिथि पर उनके चित्र के समक्ष श्रद्
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बलिया। दूजा देवी स्नातकोत्तर महाविद्यालय, रजौली, सहतवार के प्रांगण में महाविद्यालय की प्रेरणास्रोत एवं भारत के पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की पत्नी स्वर्गीय दूजा देवी की 29वीं पुण्यतिथि श्रद्धा और भावनाओं के साथ मनाई गई। इस दौरान उपस्थित लोगों ने उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और उनके आदर्शों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के नवनियुक्त प्रबंधक उत्कर्ष सिंह ने दीप प्रज्वलित कर एवं दूजा देवी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि दूजा देवी का जीवन त्याग, करुणा, संस्कार और सेवा की प्रेरणादायी मिसाल था। उन्होंने कहा कि कुछ व्यक्तित्व समय के साथ स्मृतियों का हिस्सा बन जाते हैं, लेकिन कुछ ऐसे होते हैं जो पीढ़ियों को दिशा देते रहते हैं। दूजा देवी उन्हीं विरल व्यक्तित्वों में से एक थीं। उन्होंने कहा कि दूजा देवी ने अपने जीवन से संदेश दिया कि महिला केवल परिवार की आधारशिला ही नहीं, बल्कि समाज निर्माण की भी महत्वपूर्ण शक्ति है। उनमें ममता के साथ निर्णय लेने का साहस, सेवा की भावना के साथ आत्मसम्मान और भविष्य को संवारने की दूरदृष्टि थी।
संगोष्ठी में वक्ताओं ने कहा कि महिला सशक्तीकरण को केवल अधिकारों तक सीमित नहीं रखना चाहिए। कार्यक्रम में शशि दूबे, अमित सिंह बघेल, राजेश सिंह, अजीत यादव, पवन गुप्ता, डॉ. जयप्रकाश सिंह,ओमप्रकाश सिंह, नागेंद्र आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन अजीत कुमार यादव ने किया।
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कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के नवनियुक्त प्रबंधक उत्कर्ष सिंह ने दीप प्रज्वलित कर एवं दूजा देवी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि दूजा देवी का जीवन त्याग, करुणा, संस्कार और सेवा की प्रेरणादायी मिसाल था। उन्होंने कहा कि कुछ व्यक्तित्व समय के साथ स्मृतियों का हिस्सा बन जाते हैं, लेकिन कुछ ऐसे होते हैं जो पीढ़ियों को दिशा देते रहते हैं। दूजा देवी उन्हीं विरल व्यक्तित्वों में से एक थीं। उन्होंने कहा कि दूजा देवी ने अपने जीवन से संदेश दिया कि महिला केवल परिवार की आधारशिला ही नहीं, बल्कि समाज निर्माण की भी महत्वपूर्ण शक्ति है। उनमें ममता के साथ निर्णय लेने का साहस, सेवा की भावना के साथ आत्मसम्मान और भविष्य को संवारने की दूरदृष्टि थी।
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संगोष्ठी में वक्ताओं ने कहा कि महिला सशक्तीकरण को केवल अधिकारों तक सीमित नहीं रखना चाहिए। कार्यक्रम में शशि दूबे, अमित सिंह बघेल, राजेश सिंह, अजीत यादव, पवन गुप्ता, डॉ. जयप्रकाश सिंह,ओमप्रकाश सिंह, नागेंद्र आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन अजीत कुमार यादव ने किया।
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