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कार्रवाई: डिजिटल अरेस्ट कर 26.70 लाख की साइबर ठगी करने वाला शातिर बदमाश गिरफ्तार, पुलिस ने लखनऊ से दबोचा

Thu, 20 Aug 2026 05:28 PM IST
Pragati Chand अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़।
अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़। Published by: Pragati Chand Updated Thu, 20 Aug 2026 05:28 PM IST
सार
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Azamgarh News: आजमगढ़ जिले की साइबर थाना पुलिस ने साइबर ठगी के आरोपी को लखनऊ से गिरफ्तार किया। उसने पीड़ित को डिजिटल अरेस्ट कर धमकी देते हुए ठगी की वारदात को अंजाम दिया था। 

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Azamgarh cyber police arrested criminal for cyber fraud worth ₹26.70 lakh via digital arrest
पुलिस के गिरफ्त में आरोपी (लाल टी-शर्ट) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आजमगढ़ में साइबर क्राइम थाना पुलिस ने 'डिजिटल अरेस्ट' के नाम पर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज करने की धमकी देकर एक व्यक्ति से 26.70 लाख रुपये की ठगी करने वाले एक शातिर साइबर अपराधी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान जहांगीर आलम पुत्र मो. रईस, निवासी ग्राम मछली माहौल, लालकुर्ती, अमीनाबाद, लखनऊ के रूप में हुई है।

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एसपी ग्रामीण चिराग जैन ने बताया कि वादी मुकदमा ने थाना साइबर क्राइम पर शिकायत दर्ज कराई थी कि उन्हें विभिन्न मोबाइल नंबरों से व्हाट्सएप कॉल आए, जिसमें कॉल करने वाले ने खुद को सीआईओ अधिकारी बताया। उसने पीड़ित के खाते से गलत लेन-देन होने और उनके विरुद्ध देशद्रोह का मुकदमा दर्ज होने की बात कहकर भयभीत किया और 'डिजिटल अरेस्ट' कर लिया। इसके बाद, गिरफ्तारी से बचाने के नाम पर वादी से कुल 26,70,000 रुपये अपने खातों में ट्रांसफर करा लिए गए।
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इस संबंध में थाना साइबर क्राइम आजमगढ़ में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। विवेचना के दौरान, तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर अभियुक्त जहांगीर आलम का नाम सामने आया। पुलिस टीम ने लखनऊ पहुंचकर अभियुक्त को गिरफ्तार किया और उसकी सहमति से थाना साइबर क्राइम लाई। पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों से घटना में उसकी संलिप्तता प्रमाणित होने पर बृहस्पतिवार को उसे पुलिस अभिरक्षा में लिया।

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ऐसे दिया वारदात को अंजाम
एसपी ग्रामीण ने बताया कि अभियुक्त अपने अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर लोगों को विभिन्न मोबाइल नंबरों से व्हाट्सएप कॉल करता था। खुद को पुलिस या अन्य अधिकारी बताकर, वे पीड़ित के खाते से गलत लेन-देन होने और मुकदमा दर्ज होने का भय दिखाकर 'डिजिटल अरेस्ट' कर लेते थे। इसके बाद, गिरफ्तारी से बचाने के नाम पर पीड़ितों से धनराशि अपने खातों में ट्रांसफर करा लेते थे।
 
बरामदगी और आपराधिक इतिहास
एसपी ग्रामीण ने बताया कि अभियुक्त के कब्जे से 02 मोबाइल फोन, 2,070 रुपये नगद और विभिन्न मोबाइल नंबरों से संबंधित सिम कार्ड बरामद किए गए हैं। बरामदगी के आधार पर, मुकदमे में धारा की बढ़ोत्तरी की गई है। अभियुक्त जहांगीर आलम के विरुद्ध आईटी एक्ट के साथ ही बीएनएस की विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज है।

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