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Ayodhya News: शहर की हवा का हिसाब लगाएगा अविवि
Sat, 22 Aug 2026 12:06 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Sat, 22 Aug 2026 12:06 AM IST
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दर्शन नगर स्थित खेत में लगा हवा में प्रदूषण मापने वाला यंत्र- विभाग
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अयोध्या। शहर की हवा में मौजूद प्रदूषकों और उनके स्वास्थ्य पर असर का अब वैज्ञानिक आकलन होगा। डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के शोधकर्ता डॉ. विनोद कुमार चौधरी को वायु गुणवत्ता और स्वास्थ्य जोखिम पर अध्ययन के लिए भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएसएसआर) से शोध परियोजना मिली है। परियोजना का नाम इंटीग्रेटेड असेसमेंट ऑफ एंबिएंट एयर क्वालिटी इन अयोध्या एंड हेल्थ रिस्क एनालिसिस है।
शोध में जिले की हवा की गुणवत्ता के साथ प्रदूषण के संपर्क में आने से लोगों के स्वास्थ्य पर होने वाले संभावित खतरे का आकलन किया जा रहा है। इसमें हवा में मौजूद अलग-अलग प्रदूषकों की स्थिति और उनसे जुड़े स्वास्थ्य जोखिम को समझने का प्रयास होगा। यह 24 महीने की परियोजना है, जिसके लिए 16 लाख रुपये का अनुदान मिला है। अध्ययन में पीएम2.5 और पीएम10 जैसे सूक्ष्म कणों समेत दूसरे वायु प्रदूषकों को देखा जाएगा। इनके लंबे समय तक संपर्क में रहने से सांस और हृदय संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।
इसके अलावा हेल्थ रिस्क एनालिसिस यानी स्वास्थ्य जोखिम का आकलन किया जाएगा। इससे यह पता लगाने की कोशिश होगी कि हवा में प्रदूषकों के संपर्क से लोगों के स्वास्थ्य पर संभावित खतरा कितना है।
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शोध में जिले की हवा की गुणवत्ता के साथ प्रदूषण के संपर्क में आने से लोगों के स्वास्थ्य पर होने वाले संभावित खतरे का आकलन किया जा रहा है। इसमें हवा में मौजूद अलग-अलग प्रदूषकों की स्थिति और उनसे जुड़े स्वास्थ्य जोखिम को समझने का प्रयास होगा। यह 24 महीने की परियोजना है, जिसके लिए 16 लाख रुपये का अनुदान मिला है। अध्ययन में पीएम2.5 और पीएम10 जैसे सूक्ष्म कणों समेत दूसरे वायु प्रदूषकों को देखा जाएगा। इनके लंबे समय तक संपर्क में रहने से सांस और हृदय संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।
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इसके अलावा हेल्थ रिस्क एनालिसिस यानी स्वास्थ्य जोखिम का आकलन किया जाएगा। इससे यह पता लगाने की कोशिश होगी कि हवा में प्रदूषकों के संपर्क से लोगों के स्वास्थ्य पर संभावित खतरा कितना है।
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