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अलीगढ़: सचिन राघव पिटाई मामले ने पकड़ा तूल, एक पक्ष ने घेरा थाना, दूसरे ने की हमलावरों की गिरफ्तारी की मांग

Thu, 17 Sep 2026 11:52 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़ Published by: अलीगढ़ ब्यूरो Updated Thu, 17 Sep 2026 11:52 AM IST
सार
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एसएसपी नीरज कुमार जादौन ने कहा है कि अलीगढ़ एक बेहद शांतिप्रिय जनपद है। सोशल मीडिया पर किसी भी गलत टिप्पणी से बचें। ऐसी कोई बात न करें जिससे आपसी सौहार्द बिगड़े।

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Gau Rakshak Dal worker beaten up
युवक से मारपीट करते लोग - फोटो : वीडियो ग्रैब

विस्तार

अलीगढ़ में क्षत्रिय करणी युवा सेना के जिलाध्यक्ष सचिन राघव के साथ बुधवार की देर शाम हुई मारपीट के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस मामले में नगर सफाई मजदूर संघ के पदाधिकारियों ने पांच घंटे तक थाना सिविल लाइन का घेराव करते हुए धरना प्रदर्शन किया। दूसरी ओर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के पदाधिकारियों ने भी एसपी सिटी कार्यालय पहुंच कर सचिन राघव के साथ मारपीट करने वालों की गिरफ्तारी की मांग की।

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पुलिस ने दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग एफआईआर दर्ज की है। सचिन राघव से मारपीट के जिन तीन आरोपियों को हिरासत में लिया था, नगर सफाई मजदूर संघ के प्रदर्शन के बाद उन्हें छोड़ दिया गया है। इस मामले में आजाद समाज पार्टी के खैर विधानसभा से पूर्व प्रत्याशी नितिन चौटेल की ओर से सचिन राघव सहित 13 अन्य के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कराई गई है।
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ये है पूरा मामला
बुधवार की शाम करीब 6.30 बजे स्टेट बैंक तिराहे पर हमलावरों ने सचिन राघव दाैड़ाया और आंबेडकर पार्क में ले जाकर मारपीट की थी। हमलावर मंगलवार को आईटीआई रोड पर हुई सवर्ण महापंचायत के दौरान सचिन के भाई सुंदर राघव की एक टिप्पणी का विरोध करते हुए उनका वीडियो पोस्ट डिलीट करने की मांग कर रहे थे। सचिन ने ऐसा करने से इन्कार कर दिया था। घटना के बाद सचिन राघव ने 100 से अधिक अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। पुलिस ने पूछताछ के लिए तीन लोगों को हिरासत मे ले लिया था।
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युवकों को छुड़ाने के लिए किया प्रदर्शन
बृहस्पतिवार सुबह 8.30 बजे नगर सफाई मजदूर संघ के अध्यक्ष प्रदीप भंडारी, सुनील टुंडा, किशन चंदेल, रूपेश, कीरतराज चंचल आदि सैकड़ों लोगों के साथ थाना सिविल लाइन पहुंचे। थाने का घेराव करते हुए प्रदर्शन किया। हिरासत में लिए गए युवकों को छोड़ने और गलत टिप्पणी का आरोप लगाते हुए सचिन राघव के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग की। दोपहर 12:30 बजे पुलिस ने पुलिस ने नितिन चौटेल की तहरीर पर सचिन राघव एवं अन्य 13 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया। इसके बाद मजदूर संघ का प्रदर्शन समाप्त हुआ।

सवर्ण समाज संगठनों ने एसपी सिटी को साैंपा ज्ञापन
इसी मामले में सवर्ण समाज के विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी सुबह 10.30 बजे एसपी सिटी कार्यालय पहुंचे और सचिन राघव के हमलावरों की गिरफ्तारी के साथ ही कठोर कार्रवाई की मांग की। मांगों के संबंध में उन्हें ज्ञापन भी साैंपा। करीब दो घंटे तक एसपी सिटी आदित्य बंसल, सीओ सर्वम सिंह की मौजूदगी हुई बातचीत के बाद महासभा को भरोसा दिया गया कि सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।

कानून हाथ में लेने वालों पर हो कार्रवाई
अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. शैलेन्द्र पाल सिंह ने एसपी सिटी से कहा कि रोहिणी घावरी की ओर से क्षत्रिय महासभा के समर्थन में आवाज उठाए जाने के बाद सामने आए इस घटनाक्रम को जांच के दायरे में रखा जाना चाहिए। हापुड़ से आए युद्धि राणा ने कहा कि कानून हाथ में लेने वालों पर हो कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। लोकेश जादौन, मुकेश रावल, अजीत सिंह राघव, अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के जिला अध्यक्ष प्रमोद कुमार सिंह, विवेक चौहान आदि ने वायरल वीडियो, सीसीटीवी फुटेज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच कर घटना में शामिल प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका सामने लाने की मांग की। प्रतिनिधि मंडल में गौरी पाठक, देवेंद्र शर्मा, धीरू पहलवान, कृष्णा ठाकुर, रुद्र पंडित, बंटी जादौन, कौशल सिंह, अरविंद पंडित, ज्ञानेंद्र चौहान, उमेश राघव, विवेक प्रताप सिंह, अनुज ठाकुर राधे तनुजी महाराज, अर्जुन उपाध्याय, साठा चौरासी, अभिषेक ठाकुर, डॉ. प्रशांत जाटव, अजय लोधी, कुलदीप सिंह, अखिलेश तोमर, रोबिन सिंह, संजय चौहान शामिल रहे।

एसएसपी कहिन

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में देखा गया है कि सचिन राघव के साथ मारपीट की जा रही है। इसमें थाना सिविल लाइन में केस दर्ज किया गया है। कुछ दिन पहले सचिन के भाई सुंदर राघव ने एक जातिसूचक टिप्पणी की थी जिसके संबंध में थाना बन्ना देवी में केस दर्ज किया गया है। दोनों ही केसों में जांच चल रही है। दोनों ही मामलों में वीडियो व अन्य साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। -नीरज कुमार जादौन, एसएसपी

सोशल मीडिया पर पुलिस की पैनी नजर
एसएसपी नीरज कुमार जादौन ने कहा है कि अलीगढ़ एक बेहद शांतिप्रिय जनपद है। सोशल मीडिया पर किसी भी गलत टिप्पणी से बचें। ऐसी कोई बात न करें जिससे आपसी सौहार्द बिगड़े। इसके साथ ही पुलिस सोशल मीडिया प्लेटफाॅर्म पर कड़ी निगरानी कर रही है। अनर्गल टिप्पणी करने वालों पर खास नजर है।

ये हुआ था सवर्ण महापंचायत में
मंगलवार को हुई सवर्ण महापंचायत में एससी-एसटी एक्ट के तहत दर्ज किए गए फर्जी केसों और यूजीसी एक्ट को वापस लेने की मांग की गई थी। इसमें करणी सेना के संस्थापक डाॅ. राज शेखावत शामिल हुए थे। इसी दौरान सुंदर राघव ने कहा था कि उसके अंदर सभी वर्ण हैं। नाले में गिरी गाय को बचाते समय, संगठन के लिए कोष इकट्ठा करते समय, सामाजिक मुद्दों के लिए संघर्ष करते समय वह अलग-अलग वर्ण की भूमिका निभाते हैं।
बाइक के नंबरों के आधार पर हिरासत में लिए गए थे युवक

पुलिस ने स्टेट बैंक के पास बुधवार को हुई मारपीट की घटना में वहां खड़ी बाइकों के नंबर के आधार पर तीन युवकों को हिरासत में लिया था। जांच में पाया कि वहां पर युवकों की मौजूदगी तो थी लेकिन मारपीट में उनकी कोई भूमिका नहीं थी। सीओ तृतीय सर्वम सिंह ने बताया कि इसके बाद युवकों को छोड़ दिया गया। पुलिस अब कंट्रोल एंड कमांड में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज के आधार पर हमलावरों की शिनाख्त करने में जुटी है।

नितिन चौटेल ने दर्ज कराई एफआईआर में यह हैं नामजद 
सुंदर सिंह राघव, गौरव सारस्वत, देवेंद्र शर्मा, शांतनु महाकाल, नितिन सक्सेना, गौरी पाठक, सोनू गुप्ता, अमित सारस्वत, रुद्रा पंडित, सचिन राघव, पिंकू वाष्र्णेय, केवल श्रीवास्तव, मुकेश शर्मा।

दो महीने पहले फार्मासिस्ट प्रशिक्षु के साथ हुई थी मारपीट
अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के प्रदेश अध्यक्ष ठा. शैलेंद्र पाल सिंह ने एसपी सिटी कार्यालय पर वार्ता के दौरान एसपी सिटी आदित्य बंसल को बताया कि दो महीने पहले जिला अस्पताल में फार्मास्टि का प्रशिक्षण ले रहे शिवा शर्मा के साथ भी मारपीट की घटना हुई। अस्पताल में तैनात एक संविदा कर्मी ने शिवा के साथ पानी पिला पिला कर उसको अपमानित करते हुए मारपीट की घटना को अंजाम दिया। थाना बन्ना देवी पर शिकायत करने के बाद भी दो महीने तक एफआईआर दर्ज नहीं हुई। अगर उस समय एफआईआर दर्ज हो जाती तो संभवत: इस प्रकार की घटना पर अंकुश लगता क्योंकि वही आरोपी ताजा घटना में भी देखा गया है।

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