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सात फेरों का निभाया वचन: पत्नी ने खतरे में डाल दी अपनी जिंदगी, पति को दिया नया जीवन; सास बोली-देवी है बहू
Mon, 24 Aug 2026 08:18 AM IST
Dhirendra Singh
धर्मेंद्र त्यागी, अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
धर्मेंद्र त्यागी, अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Mon, 24 Aug 2026 08:18 AM IST
आगरा में मीना कुशवाहा ने अपनी किडनी दान कर पति महेंद्र कुशवाहा को नया जीवन दिया। महेंद्र डेढ़ साल से डायलिसिस पर थे और दोनों किडनियां खराब हो चुकी थीं। एसएन मेडिकल कॉलेज में शुरू हुई किडनी ट्रांसप्लांट सेवा का लाभ लेते हुए महेंद्र का सफल ट्रांसप्लांट हुआ और वह इस सुविधा से ट्रांसप्लांट कराने वाले पहले मरीज बने।
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सात फेरों का निभाया वचन
- फोटो : अमर उजाला
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सुख-दुख, बीमारी में हमेशा साथ दूंगी...विवाह के दौरान फेरों के समय दिए इस वचन को पूरी तरह निभाया सिकंदराराऊ निवासी मीना कुशवाहा (30) ने। पति की दोनों किडनी खराब होने पर इलाज के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी। जब किडनी ट्रांसप्लांट की बात आई तो सबसे आगे रहीं। उन्होंने किडनी देकर पति को नया जीवन दिया।
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हाथरस के सिकंदराराऊ निवासी महेंद्र कुशवाहा (32) निजी स्कूल में पढ़ाते थे। डेढ़ साल पहले दोनों किडनी खराब होने की जानकारी मिली। वे लगातार डायलिसिस करा रहे थे। शरीर कमजोर होता जा रहा था। डायलिसिस के लिए मीना खुद उन्हें लेकर एसएन मेडिकल कॉलेज आती थीं। तीन बच्चों की परवरिश के साथ घर भी संभालती रहीं। डॉक्टर ने किडनी ट्रांसप्लांट होने पर जान बचने की बात कही।
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निजी अस्पतालों में खर्च अधिक होने के कारण ट्रांसप्लांट के लिए रुपयों का इंतजाम भी चुनौती बन गया। इसी बीच एसएन में किडनी ट्रांसप्लांट की सेवाएं शुरू होने की जानकारी मिली तो मीना ने पति को दिखाकर पंजीकरण कराया और अपनी किडनी देने का फैसला किया। चिकित्सकीय जांच में मीना की रिपोर्ट भी ठीक आई।
शनिवार को महेंद्र का सफल किडनी ट्रांसप्लांट हुआ। वह अभी आइसोलेट चैंबर में भर्ती हैं। किडनी रोग विभागाध्यक्ष डाॅ. अपूर्व जैन ने बताया कि मरीज की हालत बिल्कुल ठीक है। महेंद्र एसएन में किडनी ट्रांसप्लांट कराने वाले पहले मरीज भी बन गए।
पति से बड़ा नहीं किडनी का मोल
मीना ने कहा कि पति की किडनी खराब होने की जानकारी मिलने पर मन बहुत विचलित था। हर वक्त यही सोचती थी कि इन्हें कैसे बचाया जाए। किडनी दान करने की बात आई तो सबसे पहले मैंने ही हामी भरी। जीवनसाथी है तो सबकुछ है। पति से बड़ा किडनी का मोल नहीं है। इनसे ही मेरी जिंदगी की डोर जुड़ी है।
मीना ने कहा कि पति की किडनी खराब होने की जानकारी मिलने पर मन बहुत विचलित था। हर वक्त यही सोचती थी कि इन्हें कैसे बचाया जाए। किडनी दान करने की बात आई तो सबसे पहले मैंने ही हामी भरी। जीवनसाथी है तो सबकुछ है। पति से बड़ा किडनी का मोल नहीं है। इनसे ही मेरी जिंदगी की डोर जुड़ी है।
मेरी बहू देवी है
मीना के ससुर पप्पू सिंह ने बताया कि बेटे की किडनी खराब होने की जानकारी मिली तो पूरा परिवार दुखी रहने लगा। डॉक्टरों ने कहा कि कोई किडनी दान कर दे तो जीवन बच जाएगा। ऐसे में बहू सबसे आगे आई। मेरी बहू देवी है। उसने मेरे बेटे को नया जीवन दिया है।
मीना के ससुर पप्पू सिंह ने बताया कि बेटे की किडनी खराब होने की जानकारी मिली तो पूरा परिवार दुखी रहने लगा। डॉक्टरों ने कहा कि कोई किडनी दान कर दे तो जीवन बच जाएगा। ऐसे में बहू सबसे आगे आई। मेरी बहू देवी है। उसने मेरे बेटे को नया जीवन दिया है।