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ड्राइविंग लाइसेंस: सात महीने में 4017 आवेदक फेल, अब क्लास में करनी होगी पढ़ाई; सीखने होंगे यातायात के नियम
Wed, 23 Sep 2026 03:04 PM IST
Arun Parashar
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Published by: Arun Parashar
Updated Wed, 23 Sep 2026 03:04 PM IST
सिकंदरा स्थित ऑटोमेटेड ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर में ड्राइविंग टेस्ट की व्यवस्था है। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद आवेदक की दक्षता का आकलन किया जाएगा। इसके बाद प्रशिक्षण केंद्र की ओर से सारथी पोर्टल पर फॉर्म-5 जेनरेट किया जाता है। इसी के आधार पर संभागीय परिवहन विभाग की ओर से ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया पूरी की जाती है।
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ड्राइविंग लाइसेंस
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
ड्राइविंग लाइसेंस के लिए होने वाले टेस्ट में बड़ी संख्या में आवेदक वाहन चलाने के निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतर पा रहे हैं। आगरा में सात महीने में 4,017 आवेदक ड्राइविंग टेस्ट में फेल हुए हैं। अब इन्हें दोबारा ड्राइविंग टेस्ट देने के बजाय प्रशिक्षण लेना होगा। 29 घंटे के प्रशिक्षण में वाहन चलाने के साथ यातायात नियमों और सुरक्षित ड्राइविंग की पढ़ाई भी कराई जाएगी।
संभागीय परिवहन विभाग के अनुसार जनवरी से जुलाई तक 25,748 आवेदक ड्राइविंग टेस्ट में पास हुए थे। सात महीने में 4,017 आवेदक असफल हुए। जनवरी में 2,594 पास और 855 फेल हुए। फरवरी में 3,000 पास और 715 फेल, मार्च में 3,177 पास और 414 फेल, अप्रैल में 3,633 पास और 509 फेल, मई में 4,020 पास और 530 फेल, जून में 4,830 पास और 548 फेल तथा जुलाई में 4,494 पास और 446 फेल हुए। नई व्यवस्था के तहत टेस्ट में असफल आवेदक को संबंधित ऑटोमेटेड ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर में 29 घंटे का प्रशिक्षण लेना होगा।
प्रशिक्षण में वाहन पर नियंत्रण, सड़क संकेतों की समझ, यातायात नियमों का पालन, सुरक्षित दूरी, मोड़ पर गति नियंत्रण और आपात स्थिति में वाहन संभालने जैसी व्यावहारिक जानकारी दी जाएगी। उन्होंने बताया कि सिकंदरा स्थित ऑटोमेटेड ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर में ड्राइविंग टेस्ट की व्यवस्था है। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद आवेदक की दक्षता का आकलन किया जाएगा। इसके बाद प्रशिक्षण केंद्र की ओर से सारथी पोर्टल पर फॉर्म-5 जेनरेट किया जाता है। इसी के आधार पर संभागीय परिवहन विभाग की ओर से ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया पूरी की जाती है।
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नई व्यवस्था के तहत ये नियम लागू कर दिए गए हैं। अगस्त और सितंबर में अब तक 248 आवेदक फेल हुए हैं हुए हैं। असफल आवेदक को संबंधित ऑटोमेटेड ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर में 29 घंटे का प्रशिक्षण लेना होगा। -विनय कुमार, एआरटीओ, प्रशासन
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संभागीय परिवहन विभाग के अनुसार जनवरी से जुलाई तक 25,748 आवेदक ड्राइविंग टेस्ट में पास हुए थे। सात महीने में 4,017 आवेदक असफल हुए। जनवरी में 2,594 पास और 855 फेल हुए। फरवरी में 3,000 पास और 715 फेल, मार्च में 3,177 पास और 414 फेल, अप्रैल में 3,633 पास और 509 फेल, मई में 4,020 पास और 530 फेल, जून में 4,830 पास और 548 फेल तथा जुलाई में 4,494 पास और 446 फेल हुए। नई व्यवस्था के तहत टेस्ट में असफल आवेदक को संबंधित ऑटोमेटेड ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर में 29 घंटे का प्रशिक्षण लेना होगा।
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प्रशिक्षण में वाहन पर नियंत्रण, सड़क संकेतों की समझ, यातायात नियमों का पालन, सुरक्षित दूरी, मोड़ पर गति नियंत्रण और आपात स्थिति में वाहन संभालने जैसी व्यावहारिक जानकारी दी जाएगी। उन्होंने बताया कि सिकंदरा स्थित ऑटोमेटेड ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर में ड्राइविंग टेस्ट की व्यवस्था है। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद आवेदक की दक्षता का आकलन किया जाएगा। इसके बाद प्रशिक्षण केंद्र की ओर से सारथी पोर्टल पर फॉर्म-5 जेनरेट किया जाता है। इसी के आधार पर संभागीय परिवहन विभाग की ओर से ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया पूरी की जाती है।
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नई व्यवस्था के तहत ये नियम लागू कर दिए गए हैं। अगस्त और सितंबर में अब तक 248 आवेदक फेल हुए हैं हुए हैं। असफल आवेदक को संबंधित ऑटोमेटेड ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर में 29 घंटे का प्रशिक्षण लेना होगा। -विनय कुमार, एआरटीओ, प्रशासन