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यूपी: सिंचाई विभाग के एक्सईएन पर भ्रष्टाचार के आरोप, जांच के लिए कमेटी गठित; एक हफ्ते में मांगी रिपोर्ट
Wed, 21 Oct 2026 10:22 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Wed, 21 Oct 2026 10:22 AM IST
आगरा नहर के लोअर खंड में तैनात रहे अधिशासी अभियंता नीरज कुमार सिंह के खिलाफ भ्रष्टाचार, वित्तीय अनियमितताओं और फर्जी रिपोर्टिंग के आरोपों की जांच शुरू हो गई है।
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सांकेतिक
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
सिंचाई विभाग के लोअर खंड आगरा नहर में तैनात रहे अधिशासी अभियंता नीरज कुमार सिंह भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं के भंवर में फंस गए हैं। पद का दुरुपयोग कर सरकारी खजाने में सेंधमारी, फर्जी रिपोर्टिंग और शासकीय कदाचार के आरोपों से घिरे एक्सईएन के खिलाफ जिला प्रशासन ने शिकंजा कसते हुए एडीएम नमामि गंगे की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय कमेटी गठित की है। टीम ने जांच शुरू कर दी है।
लंबे समय से विधायकों व सांसदों का फोन न उठाने और कामकाज में लापरवाही के आरोपों में घिरे नीरज कुमार सिंह को हाल ही में लखनऊ संबद्ध किया गया था। उस समय कहा गया कि जनप्रतिनिधियों के फोन न उठाने और काम में लापरवाही के चलते उन्हें हटाया गया है। हालांकि अब भारतीय किसान यूनियन (भारत) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी पुष्पेंद्र सिंह की ओर से जिलाधिकारी से की गई शिकायत के बाद मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।
शिकायत में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप के चलते तीन सदस्यीय संयुक्त जांच कमेटी का गठन किया गया है। जांच दल में अपर जिलाधिकारी नमामि गंगे, अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड और सहायक अभियंता आवास एवं विकास परिषद, निर्माण खंड-दो आगरा को शामिल किया गया है। सीडीओ ने इस संयुक्त जांच टीम को निर्देश दिए हैं कि वे शिकायती पत्र में दर्ज तमाम बिंदुओं व साक्ष्यों की प्राथमिकता के आधार पर स्थलीय व अभिलेखीय जांच करें। जांच समिति को एक सप्ताह के भीतर अपनी विस्तृत जांच आख्या जिला प्रशासन और सीडीओ कार्यालय को सौंपने के आदेश दिए गए हैं।
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मुख्य विकास अधिकारी अमित कुमार ने बताया कि मेरे कार्यभार संभालने से पहले के आदेश हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी।
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लंबे समय से विधायकों व सांसदों का फोन न उठाने और कामकाज में लापरवाही के आरोपों में घिरे नीरज कुमार सिंह को हाल ही में लखनऊ संबद्ध किया गया था। उस समय कहा गया कि जनप्रतिनिधियों के फोन न उठाने और काम में लापरवाही के चलते उन्हें हटाया गया है। हालांकि अब भारतीय किसान यूनियन (भारत) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी पुष्पेंद्र सिंह की ओर से जिलाधिकारी से की गई शिकायत के बाद मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।
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शिकायत में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप के चलते तीन सदस्यीय संयुक्त जांच कमेटी का गठन किया गया है। जांच दल में अपर जिलाधिकारी नमामि गंगे, अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड और सहायक अभियंता आवास एवं विकास परिषद, निर्माण खंड-दो आगरा को शामिल किया गया है। सीडीओ ने इस संयुक्त जांच टीम को निर्देश दिए हैं कि वे शिकायती पत्र में दर्ज तमाम बिंदुओं व साक्ष्यों की प्राथमिकता के आधार पर स्थलीय व अभिलेखीय जांच करें। जांच समिति को एक सप्ताह के भीतर अपनी विस्तृत जांच आख्या जिला प्रशासन और सीडीओ कार्यालय को सौंपने के आदेश दिए गए हैं।
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मुख्य विकास अधिकारी अमित कुमार ने बताया कि मेरे कार्यभार संभालने से पहले के आदेश हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी।