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आगरा: अधिकारियों ने व्यापारियों और दलालों से मिलकर पूरा किया लक्ष्य, किसानों का आरोप; जानें क्या कहा
Thu, 22 Oct 2026 10:02 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Thu, 22 Oct 2026 10:02 AM IST
आगरा में किसान दिवस के दौरान किसानों ने मूंग और बाजरा की एमएसपी पर खरीद में देरी और विभागीय लापरवाही के आरोप लगाए। किसानों का दावा है कि मूंग की सरकारी खरीद देर से शुरू होने के कारण उन्हें निर्धारित एमएसपी से कम कीमत पर फसल बेचनी पड़ी।
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विकास भवन में बैठक
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
विकास भवन सभागार में बुधवार को किसान दिवस आयोजित किया गया। इसमें किसानों ने फसल खरीद से जुड़ी कई गंभीर समस्याएं उठाईं। उन्होंने एमएसपी पर खरीद में देरी और विभागों की लापरवाही पर नाराजगी जताई।
किसानों ने कहा कि एमएसपी पर खरीद की घोषणा होती है लेकिन विभागों की लापरवाही से खरीद देरी से शुरू होती है। इसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ता है। किसान प्रेम सिंह ने बताया कि मूंग की एमएसपी 8780 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित थी। खरीद केंद्रों के इंतजार में किसानों को 7000 से 7500 रुपये प्रति क्विंटल में मूंग बेचनी पड़ी। मूंग खरीद केंद्र 22 जून से खुलने थे लेकिन उन्हें 16 जुलाई को खोला गया।
आरोप लगाया गया कि अधिकारियों ने व्यापारियों और दलालों की सांठगांठ से मूंग क्रय का लक्ष्य पूरा किया। सहकारिता विभाग से इस पर जवाब मांगा गया। किसान राजेंद्र सिंह ने बाजरा की एमएसपी पर खरीद में देरी का मुद्दा उठाया। किसानों को रबी फसल की बोआई के लिए रुपयों की जरूरत है।किसान बाजार में 1800 से 2000 रुपये प्रति क्विंटल बाजरा बेचने को मजबूर हैं। जबकि एक अक्तूबर से एमएसपी 2900 रुपये प्रति क्विंटल पर खरीद होनी थी। किसान नेता पुष्पेंद्र चौधरी ने समितियों पर डीएपी अधिक दर पर बेचने का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि कई समितियां तीन-तीन दिन तक खोली ही नहीं जा रही हैं।
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किसान नेता मोहन सिंह चाहर ने आगरा की नहरों में प्रदूषित पानी आने की शिकायत की। इससे फसलों को नुकसान पहुंच रहा है, जिसे बंद करने की मांग की गई। उन्होंने यह भी कहा कि रबी की फसल की बोआई चल रही है, पर नहरों और रजबहों की सफाई नहीं हुई है। कृषि उपनिदेशक मुकेश कुमार ने बताया कि दिवस में विभिन्न विभागों की कुल 23 शिकायतें आईं। इनमें सबसे ज्यादा 11 शिकायतें सहकारिता विभाग की थीं।
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किसानों ने कहा कि एमएसपी पर खरीद की घोषणा होती है लेकिन विभागों की लापरवाही से खरीद देरी से शुरू होती है। इसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ता है। किसान प्रेम सिंह ने बताया कि मूंग की एमएसपी 8780 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित थी। खरीद केंद्रों के इंतजार में किसानों को 7000 से 7500 रुपये प्रति क्विंटल में मूंग बेचनी पड़ी। मूंग खरीद केंद्र 22 जून से खुलने थे लेकिन उन्हें 16 जुलाई को खोला गया।
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आरोप लगाया गया कि अधिकारियों ने व्यापारियों और दलालों की सांठगांठ से मूंग क्रय का लक्ष्य पूरा किया। सहकारिता विभाग से इस पर जवाब मांगा गया। किसान राजेंद्र सिंह ने बाजरा की एमएसपी पर खरीद में देरी का मुद्दा उठाया। किसानों को रबी फसल की बोआई के लिए रुपयों की जरूरत है।किसान बाजार में 1800 से 2000 रुपये प्रति क्विंटल बाजरा बेचने को मजबूर हैं। जबकि एक अक्तूबर से एमएसपी 2900 रुपये प्रति क्विंटल पर खरीद होनी थी। किसान नेता पुष्पेंद्र चौधरी ने समितियों पर डीएपी अधिक दर पर बेचने का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि कई समितियां तीन-तीन दिन तक खोली ही नहीं जा रही हैं।
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किसान नेता मोहन सिंह चाहर ने आगरा की नहरों में प्रदूषित पानी आने की शिकायत की। इससे फसलों को नुकसान पहुंच रहा है, जिसे बंद करने की मांग की गई। उन्होंने यह भी कहा कि रबी की फसल की बोआई चल रही है, पर नहरों और रजबहों की सफाई नहीं हुई है। कृषि उपनिदेशक मुकेश कुमार ने बताया कि दिवस में विभिन्न विभागों की कुल 23 शिकायतें आईं। इनमें सबसे ज्यादा 11 शिकायतें सहकारिता विभाग की थीं।