चोरी का तो नहीं है आपका स्मार्टफोन, इस नंबर पर मैसेज भेजकर ऐसे करें पता

पीयूष पांडेय, अमर उजाला, नई दिल्ली
Wed, 29 Aug 2018 09:24 AM IST
now you can easily find whether old mobile phone is not stolen one

    देश में मोबाइल चोरी की बढ़ती घटनाओं पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से केंद्रीय दूरसंचार मंत्रालय की पहल से खुद पता लगाया जा सकता है कि जो पुराना मोबाइल आप खरीदने जा रहे हैं, कहीं वह चोरी का तो नहीं। इसके लिए उपभोक्ता को बस दूरसंचार विभाग की हेल्पलाइन 14422 पर एक संदेश भेजना होगा। इसके बाद अगले कुछ पलों में आने वाले जवाब से यह साफ हो जाएगा कि पुराना मोबाइल चोरी का है या नहीं।

    चोरी और बदले गए इंटरनेशल मोबाइल इक्युपमेंट आइडेंटिटी (आईएमईआई) वाले मोबाइल फोन के जरिये आपराधिक तथा आतंकी गतिविधियों के बढ़ते मामलों के मद्देनजर सरकार ने यह रास्ता निकाला है। ताकि अंजान लोग चोरी का मोबाइल नहीं खरीद सकें। आमतौर पर लोग ऐसा मोबाइल खरीद लेते हैं और उन्हें हकीकत का पता पुलिस की गिरफ्त में आने के बाद लगता है।

    हेल्पलाइन बताएगा फोन की हकीकत 

    चोरी का तो नहीं है आपका स्मार्टफोन, इस नंबर पर मैसेज भेजकर ऐसे करें पता

    उपभोक्ता को सेकेंड हैंड मोबाइल फोन खरीदते वक्त हेल्पलाइन 14422 पर KYM (IMEI नंबर) संदेश भेजना होगा। इस संदेश के जवाब में यह स्पष्ट हो जाएगा कि आईएमईआई नंबर बदला तो नहीं गया। साथ ही, यह भी स्पष्ट हो जाएगा कि मोबाइल की निर्माता कंपनी कौन है। सेकेंड हैंड मोबाइल में जारी आईएमईआई किस ब्रांड या मॉडल को सपोर्ट करता है। पंद्रह अंकों के आईएमईआई नंबर का आवंटन हर कंपनी के फोन और उसके मॉडल के लिए अलग होता है, क्योंकि यह एक तरह से हैंडसेंट की पहचान संख्या है। चोरी या अन्य तरीके से मोबाइल हासिल करने वाले लोग उसका आईएमईआई नंबर बदल देते हैं, जिसे खरीदकर अंजान व्यक्ति को एक तरह से खतरे में डाल दिया जाता है। उपभोक्ता *#06# डायल करके अपने मोबाइल का आईएमईआई जान सकते हैं।

    काम नहीं करेंगे अवैध मोबाइल

    angry mobile user
    angry mobile user

    संदेश के अलावा, सी-डॉट द्वारा बंधन एप भी तैयार किया गया है, जो अभी परीक्षण के दौर से गुजर रहा है। यह प्ले स्टोर पर मौजूद है, लेकिन फिलहाल सेवाएं नहीं दे रहा है। आने वाले दिनों में इसके जरिये भी सेकेंड हैंड मोबाइल की हकीकत का पता चल सकेगा।

    दूरसंचार विभाग के निर्देश पर सी-डॉट में केंद्रीय उपकरण पहचान रजिस्टर के ट्रायल का पहला कदम सी-डॉट ने पुणे में शुरू किया था। पूरे देश में यह व्यवस्था दिसंबर तक लागू की जा सकती है। इसके बाद सभी अवैध मोबाइल नेटवर्क पर नहीं चलेंगे। यह कवायद तब शुरू हुई, जब मंत्रालय को एक सर्वे में यह पता चला कि देश में एक ही आईएमईआई नंबर पर 18 हजार हैंडसेट चल रहे हैं।

    आईएमईआई बदलने पर 3 साल सजा

    सरकार ने आईएमईआई बदलने पर तीन साल की सजा और जुर्माने का प्रावधान लागू किया है। गौरतलब है कि अब आईएमईआई से छेड़छाड़ करने वाले के खिलाफ पुलिस और एजेंसिया दंडात्मक प्रावधान के तहत मुकदमा दर्ज कर सकती हैं।

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