पहली बार 1973 में हुआ था मोबाइल फोन का इस्तेमाल, वजन जानकर हैरान रह जाएंगे
- इसकी बैट्री को एक बार चार्ज करने के बाद करीब 35 मिनट तक बातचीत की जा सकती थी
- मोटोरोला के पूर्व उपाध्यक्ष व डिवीजन मैनेजर मार्टिन कूपर ने किया था पहली बार इस्तेमाल
- बाजार में लाने से पहले डायना टीएसी का वजन करीब 794 ग्राम तक कम किया गया था

विस्तार
क्या आप जानते हैं कि आज हर आम और खास की जरूरत बन चुके मोबाइल का पहली बार इस्तेमाल कब हुआ था और यह कैसा दिखता होगा या इसका वजन कितना होगा? मोबाइल फोन का पहली बार इस्तेमाल करीब 40 साल पहले तीन अप्रैल 1973 को मोटोरोला के पूर्व उपाध्यक्ष और डिवीजन मैनेजर मार्टिन कूपर ने किया था।
उस समय कूपर ने न्यूयॉर्क के हिल्टन होटल में दुनिया के पहले मोबाइल फोन से बात करके सबको चौंका दिया था। इस फोन का नाम मोटोरोला 'डायना टीएसी' था। कूपर ने डायना टीएसी का इस्तेमाल बेल लैब्स के हेड ऑफ रिसर्च को कॉल करने के लिए किया था और तभी से शुरू हो गई थी कम्युनिकेशन क्रांति।
मोटोरोला डायना टीएसी की लंबाई 10 इंच और वजन एक किलो था। फोन की बैटरी 20 मिनट तक ही चलती थी। पूर्व नौसेनिक और इंजीनियर कूपर ने 1952 में मोटोरोला कंपनी ज्वाइन की थी। वहीं, आज मोबाइल तकनीक ने इतनी तरक्की कर ली है कि यह मिनी कंप्यूटर की तरह इस्तेमाल होने लगा है।