Pegasus Spyware सॉफ्टवेयर की पूरी कहानी जिससे हैक हुआ जेफ बेजोस का फोन

प्रदीप पांडे
टेक डेस्क, अमर उजालाप्रदीप पांडे
Tue, 28 Jan 2020 01:43 PM IST
Jeff Bezos Phone Hacked By Saudi Crown Prince Mohammed Bin Salman with Pegasus spyware
Jeff Bezos Phone Hacked By Pegasus - फोटो : amar ujala

    अमेजन के सीईओ जेफ बेजोस का व्हाट्सएप अकाउंट हैक हुआ है और हैकिंग का आरोप सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान पर लगा है। 'द गार्जियन' ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि 8 नवंबर 2018 को जेफ बेजोस को एक व्हाट्सएप मैसेज भेजकर उनके फोन को हैक किया गया था।

    बेजोस को मैसेज सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस के पर्सनल व्हाट्सएप अकाउंट से भेजा गया था, हालांकि अभी तक इस बात की जानकारी नहीं मिली है कि जेफ बेजोस के फोन से क्या-क्या डाटा चोरी हुए। कहा जा रहा है कि जेफ बेजोस का व्हाट्सएप अकाउंट पिगासस सॉफ्टवेयर (Pegasus) के जरिए हैक किया गया है। बता दें कि पिगासस दुनिया का सबसे खतरनाक हैकिंग सॉफ्टवेयर है। तो आइए इस सॉफ्टवेयर की पूरी कहानी जानते हैं और साथ ही यह भी जानेंगे कि आखिर जेफ बेजोस का फोन कैसे हैक हुआ?

    कब-कब क्या-क्या हुआ?

    mohammed bin salman- jeff bezos
    mohammed bin salman- jeff bezos - फोटो : social media

    रिपोर्ट के मुताबिक नवंबर 2017 में सऊदी अरब ने जासूसी सॉफ्टवेयर स्पाई पिगासस को खरीदा। पिगासस के को इजरायल की एनएसओ ग्रुप ने तैयार किया है। 4 अप्रैल 2018 को एक डिनर पार्टी में जेफ बेजोस और मोहम्मद बिन सलमान ने एक-दूसरे को अपना मोबाइल नंबर दिया। इसके बाद 8 नवंबर 2018 को मोहम्मद बिन सलमान के व्हाट्सएप नंबर से जेफ बेजोस को मैसेज मिला।

    मैसेज में एक फोटो थी जो कि टेलीविजन होस्ट लॉरेन सांचेज जैसी थी। बता दें कि लॉरेन सांचेज और बेजोस की गर्लफेंड रही हैं। रिपोर्ट में कहा जा रहा है कि इसी मैसेज के साथ स्पाईवेयर (जासूसी वाला सॉफ्टवेयर) पिगासस भी भेजा गया था जो कि फोटो पर क्लिक करते ही बेजोस के फोन में इंस्टॉल हो गया था, हालांकि एनएसओ ग्रुप ने इस हैकिंग में पिगासस के होने से साफ इनकार कर दिया है।

    व्हाट्सएप हैकिंग में भी हुआ था पिगासस के इस्तेमाल

    whatsapp pegasus attack
    whatsapp pegasus attack - फोटो : youtube

    आपको याद होगा कि साल 2019 में दुनियाभर के कई पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के व्हाट्सएप चैट की जासूसी हुई थी। इसमें भारत के पत्रकार और कुछ सामाजिक कार्यकर्ता भी शिकार हुए। इस हैकिंग/जासूसी के बारे में खुद व्हाट्सएप ने पुष्टि की थी और कहा था कि जासूसी के लिए वीडियो कॉलिंग की गई और Pegasus नाम के सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया गया।

    MP हनीट्रैप में भी हुआ पिगासस का इस्तेमाल

    honey trap
    honey trap - फोटो : social media

    इस पिगासस सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल मध्य प्रदेश के चर्चित हनीट्रैप कांड में भी हुआ था। रिपोर्ट के मुताबिक बंगलूरू की एक कंपनी नेताओं और अफसर के फोन टैपिंग के लिए पिगासस (Pegasus) सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करती थी। यह सॉफ्टवेयर फोन में छिपकर कॉल रिकॉर्डिंग, वॉट्सएप चैटिंग, एसएमएस के साथ अन्य चीजों की सर्विलांस आसानी से कर सकता है।

    फेसबुक ने आईफोन को ठहराया जिम्मेदार

    Facebook
    Facebook - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

    फेसबुक ने इस पूरे मामले में अपने एक बयान से नया मोड़ ला दिया है। हाल ही में बीबीसी को दिए गए एक इंटरव्यू में फेसबुक के ग्लोबल अफेयर्स ऐंड कम्यूनिकेशन्स के वाइस प्रेजिडेंट निक क्लेग ने बेजोस के व्हाट्सएप अकाउंट की हैकिंग पर कहा कि व्हाट्सएप कभी हैक नहीं हो सकता। बेजोस के फोन की हैकिंग के लिए आईफोन जिम्मेदार है। निक क्लेग ने कहा कि व्हाट्सएप एंड-टू-एंड एनक्रिप्शन के साथ आता है। ऐसे में इसे हैक नहीं किया जा सकता।

    क्या है और Pegasus और क्या-क्या कर सकता है?

    pegesus
    pegesus - फोटो : citizenlab

    NSO ग्रुप/Q साइबर टेक्नोलॉजीजी ने इस स्पाइवेयर (जासूसी वाले सॉफ्टवेयर) को तैयार किया है। पिगासस का दूसरा नाम Q Suite भी है। पिगासस दुनिया के सबसे खतरनाक जासूसी सॉफ्टवेयर्स में से एक है जो एंड्रॉयड और आईओएस डिवाइस दोनों की जासूसी कर सकता है। पिगासस सॉफ्टवेयर यूजर की इजाजत और जानकारी के बिना भी फोन में इंस्टॉल हो सकता है। एक बार फोन में इंस्टॉल हो जाने के बाद इस आसानी से हटाया नहीं जा सकता है।

    पिगासस सॉफ्टवेयर आपकी निजी जानकारियों पर बारिकी से नजर रख सकता है। हैरान करने वाली बात यह है कि फोन में इस सॉफ्टवेयर का कोई आइकन भी नहीं बनता जिसके जरिए आप इसकी पहचान कर सकें। यह सॉफ्टवेयर पासवर्ड, कॉन्टेक्ट लिस्ट, कैलेंडर, मैसेज, माइक्रोफोन, कैमरा और विभिन्न मैसेजिंग एप्स के कॉलिंग फीचर पर पल-पल नजर रखने में माहिर है। पिगासस यूजर का जीपीएस लोकेशन भी ट्रैक करता है।

    56 करोड़ से भी अधिक है पिगासस सॉफ्टवेयर की कीमत

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    nso group israel - फोटो : haaretz

    इकोनॉमिक्स टाइम्स में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक पिगासस (Pegasus) सॉफ्टवेयर की कीमत 7-8 मिलियन डॉलर यानी करीब 56 करोड़, 56 लाख, 40 हजार रुपये है। इस कीमत में पिगागस सॉफ्टवेयर का एक साल के लिए लाइसेंस मिलता है। एक लाइसेंस पर आप एक साल में 500 फोन को मॉनिटर कर सकते हैं। पिगासस के जरिए एक बार में 50 मोबाइल फोन पर पल-पल नजर रखी जा सकती है।

    पिगासस सॉफ्टवेयर यूजर की परमिशन के बिना उसके फोन को ऑफ/ऑन के अलावा फॉर्मेट भी मार सकता है। व्हाट्सएप हैकिंग मामले में हैकर्स ने लोगों को निशाने पर लेने के लिए अलग-अलग नंबर्स से अकाउंट्स बनाए थे जो कि ब्राजील, इजरायल, स्वीडन और इंडोनेशिया जैसे देशों में एक्टिव थे। व्हाट्सएप को हैक करने के लिए पिगासस ने व्हाट्सएप के सर्वर का इस्तेमाल किया।

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