एपल: आईफोन 18 प्रो मैक्स की स्क्रीन टूटी तो कितना आएगा रिपेयर बिल? कीमत सुनकर रह जाएंगे हैरान
iPhone 18 Pro Max खरीदना जितना महंगा है, उसे रिपेयर कराना भी उतना ही भारी पड़ सकता है। फोन गिर गया और स्क्रीन टूट गई तो समझिए बड़ा फटका लग सकता है। जानें पूरी डिटेल इस खास रिपोर्ट में।

विस्तार
टेक लवर्स के बीच प्रीमियम फ्लैगशिप डिवाइसेज का क्रेज हमेशा सिर चढ़कर बोलता है, और जब बात एपल के सबसे पावरफुल फोन iPhone 18 Pro Max की हो, तो यूजर का एक्साइटमेंट दोगुना हो जाता है। करीब 1.79 लाख रुपये की शुरुआती कीमत और टॉप वेरिएंट के लिए 3 लाख रुपये से भी अधिक कीमत पर आने वाले इस हैंडसेट को खरीदना जितना बड़ा स्टेटस सिंबल है, इसे संभालकर रखना उससे भी बड़ी चुनौती है। हालिया रिपोर्ट्स में डिवाइस के संभावित रिपेयरिंग खर्च को लेकर जो आंकड़े सामने आए हैं, वे किसी को भी हैरान करने के लिए काफी हैं।
नए फ्लैगशिप जितना स्क्रीन रिपेयरिंग का खर्च
स्मार्टफोन यूजर्स के लिए सबसे डरावना सपना होता है हाथ से फोन का फिसलना। अगर iPhone 18 Pro Max की स्क्रीन गलती से भी क्रैक हो जाए है, तो इसका रिपेयरिंग बिल आपके बजट को पूरी तरह हिला सकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस प्रीमियम मॉडल के डिस्प्ले को रिप्लेस करवाने के लिए लगभग 43,000 रुपये से 45,000 रुपये तक खर्च करने पड़ सकते हैं। इतनी रकम में भारतीय बाजार में एक शानदार नया फ्लैगशिप 5G स्मार्टफोन खरीदा जा सकता है। ऐसे में बिना कवर या टेंपर्ड ग्लास के फोन इस्तेमाल करने वाले यूजर्स के लिए यह चेतावनी की तरह है।
बैटरी बदलवाने में भी छूट जाएंगे पसीने
स्मार्टफोन के इस्तेमाल के साथ समय बीतने पर बैटरी हेल्थ गिरना स्वाभाविक है। आमतौर पर दो से तीन साल बाद बैटरी रिप्लेसमेंट की जरूरत महसूस होने लगती है। जानकारी के अनुसार, इस बार 18 Pro सीरीज की बैटरी बदलना भी जेब पर पहले से ज्यादा भारी पड़ेगा। अनुमान है कि आधिकारिक सर्विस सेंटर पर इसकी नई बैटरी लगवाने का खर्च करीब 128 डॉलर यानी 11,000 रुपये तक हो सकता है। हालांकि, यह चार्ज देश, टैक्स और डिवाइस की स्थिति के हिसाब से थोड़ा बदल भी सकता है।
कैमरा और बैक ग्लास का रिपेयर बिल भी महंगा
अगर डिवाइस किसी हार्ड सरफेस पर गिरता है, तो नुकसान केवल स्क्रीन तक सीमित नहीं रहता। रियर ग्लास पैनल, टाइटेनियम फ्रेम या कैमरा लेंस को नुकसान पहुंचने पर सर्विस सेंटर का एस्टीमेट लाखों रुपये के करीब पहुंच सकता है। चूंकि फोन में बेहद एडवांस्ड और प्रीमियम कंपोनेंट्स का इस्तेमाल होता है, इसलिए सर्विस सेंटर से ओरिजिनल पार्ट्स बदलवाने का खर्च भी प्रीमियम लेवल का ही आता है।
खर्च बचाने के लिए आईफोन यूजर्स लेते हैं ये प्लान
अगर आप आईफोन जैसे अल्ट्रा-प्रीमियम डिवाइस में खरीद रहे हैं, तो केवल प्रोसेसर, कैमरा क्वालिटी या डिजाइन देखकर फैसला न लें। मेंटेनेंस बजट को ध्यान में रखते हुए AppleCare+ जैसा एक्सीडेंटल डैमेज प्रोटेक्शन प्लान लेना एक समझदारी भरा फैसला साबित हो सकता है। इस प्लान का फायदा यह है कि एक्सीडेंटल डैमेज होने पर स्टैंडर्ड सर्विस फीस से कम में आपका काम निपट जाता है। इसके अलावा, एक मजबूत प्रोटेक्टिव केस और हाई-ग्रेड स्क्रीन गार्ड लगाना इस महंगे डिवाइस को सुरक्षित रखने का सबसे पहला और किफायती कदम है।
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