भारत में एपल की बादशाहत: कीमत बढ़ने के बावजूद क्यों बढ़ी आईफोन से लेकर मैकबुक तक की मांग? तोड़ डाले ये रिकॉर्ड

कुलदीप शर्मा
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीकुलदीप शर्मा
Tue, 03 Nov 2026 03:25 PM IST
सार

ईफोन के दाम और कंपोनेंट्स की महंगाई के बावजूद एपल ने दर्ज की रिकॉर्डतोड़ कमाई! भारत कैसे बना एपल के इस ऐतिहासिक वैश्विक उछाल का सबसे बड़ा गेम-चेंजर? आइए जानते हैं किस सेग्मेंट में कंपनी ने कितनी कमाई की?

Apple Records Stellar Fiscal Quarter Driven by Strong Growth in India iphone macbook
प्रतीकात्म इमेज - फोटो : Amar Ujala Digital

    विस्तार

    वैश्विक बाजार में बढ़ती कीमतों और कंपोनेंट्स की महंगाई के बावजूद दिग्गज टेक कंपनी एपल ने इस फायनेंशियल ईयर की चौथी तिमाही में शानदार प्रदर्शन किया है। कंपनी ने वैश्विक स्तर पर साल-दर-साल आधार पर 12 प्रतिशत की बढ़त दर्ज करते हुए कुल 114.5 बिलियन डॉलर का रिकॉर्ड राजस्व हासिल किया है। एपल की इस ऐतिहासिक सफलता में भारतीय बाजार की सबसे अहम भूमिका रही है, जहां कंपनी ने कमाई के सारे पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं।

    एपल के सीईओ जॉन टर्नस ने अर्निंग्स कॉल के दौरान बताया कि भारत में कंपनी के लिए यह तिमाही अब तक की सबसे बेहतरीन रही है। उन्होंने भारतीय बाजार में एक्सिस बैंक के साथ मिलकर शुरू की गई 'एपल पे' सेवा को एक बड़ा मील का पत्थर करार दिया है।

    किस सेगमेंट से हुई कितनी कमाई?

    • टोटल रिवेन्यू:114.5 बिलियन डॉलर यानी करीब 10.84 लाख करोड़ रुपये (आज के डॉलर के भाव से). इसमें 12% की बढ़ोतरी हुई है।
    • आईफोन:57.6 बिलियन डॉलर यानी करीब 5.45 लाख करोड़ रुपये. इसमें 17% की बढ़ोतरी हुई।
    • मैक:10.8 बिलियन डॉलर यानी करीब 1.02 लाख करोड़ रुपये। इसमें 24% की बढ़ोतरी हुई।
    • सर्विसेस:31.6 बिलियन डॉलर यानी करीब 3 लाख करोड़ रुपये। इसमें 10% की बढ़ोतरी के साथ ऑल-टाइम रिकॉर्ड।
    भारत में एपल की बादशाहत: कीमत बढ़ने के बावजूद क्यों बढ़ी आईफोन से लेकर मैकबुक तक की मांग? तोड़ डाले ये रिकॉर्ड

    एपल सीएफओ केवन पारेख के अनुसार अमेरिका, चीन, जापान और भारत जैसे बड़े बाजारों में आईफोन अपग्रेड करने वाले यूजर्स की संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

    भारत में रिकॉर्ड ASP और बढ़ता इकोसिस्टम

    काउंटरपॉइंट रिसर्च के रिसर्च डायरेक्टर तरुण पाठक के मुताबिक भारत में आईफोन 17 सबसे ज्यादा शिप होने वाला मॉडल रहा। भले ही ओवरऑल आईफोन शिपमेंट में मामूली गिरावट रही हो, लेकिन भारत में एपल का एवरेज सेलिंग प्राइस पहली बार 1000 डॉलर के पार पहुंच गया है।

    रिसर्च के अनुसार भारत अब केवल आईफोन का बाजार नहीं रहा बल्कि यह एपल के पूरे इकोसिस्टम यानी मैकबुक, सर्विसेज और एक्सेसरीज के लिए एक प्रमुख मार्केट बन चुका है। भारत में आसान फाइनेंसिंग, एक्सचेंज ऑफर्स, लोकल मैन्युफैक्चरिंग और स्टोर्स के विस्तार ने प्रीमियम सेगमेंट में एपल की बिक्री को रफ्तार दी है। किफायती 'MacBook Neo' ने भी इस तिमाही बिक्री के नए आंकड़े छुए हैं।

    नए प्रोडक्ट्स और AI इंफ्रास्ट्रक्चर का असर

    आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इंफ्रास्ट्रक्चर की बढ़ती मांग के कारण मेमोरी और स्टोरेज कंपोनेंट्स महंगे हुए हैं, जिससे एपल को भी अपने डिवाइसेस की कीमतें बढ़ानी पड़ी हैं। इसके बावजूद कंपनी की मांग में कोई कमी नहीं आई है। कंपनी आने वाले त्योहारी सीजन के लिए अपनी अब तक की सबसे मजबूत प्रोडक्ट लाइनअप पेश कर रही है। इसमें कंपनी का पहला फोल्डेबल फोन iPhone Duo, iPhone 18 Pro और iPhone 18 Pro Max शामिल हैं। इसके अलावा, कंपनी ने मैक पोर्टफोलियो में पहली बार टच-स्क्रीन सपोर्ट, नया 'Siri AI' और होम डिवाइसेस की नई रेंज पेश की है।