ऑस्ट्रेलियाई सरकार से नाराज हुआ Facebook, यूजर्स को दी चेतावनी, कहा- खबरों के शेयर पर लगा सकता है बैन

श्रीधर मिश्रा
टेक डेस्क, अमर उजालाश्रीधर मिश्रा
Tue, 01 Sep 2020 06:27 PM IST
Facebook angered by Australian government new law, warns users, says - news shares can be banned
सांकेतिक तस्वीर

    फेसबुक (Facebook) ने ऑस्ट्रेलिया में अपने यूजर्स को चेतावनी दी है कि वो अपने प्लेटफॉर्म पर लोकल या अंतरराष्ट्रीय समाचारों को शेयर करने पर प्रतिबंध लगा सकता है। दरअसल फेसबुक की यह धमकी ऑस्ट्रेलियाई सरकार के उस कानून के खिलाफ है, जिसमें सरकार की तरफ से कहा गया है कि गूगल और फेसबुक को समाचारों से होने वाली कमाई को ऑस्ट्रेलिया की मीडिया के साथ साझा करना होगा।

    सोमवार को फेसबुक ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के प्रबंध निदेशक विल ईस्टन ने एक ब्लॉग में लिखा, "यह हमारी पहली पसंद नहीं है- आखिरी है।" उन्होंने पोस्ट में लिखा कि सरकार के फैसले के खिलाफ बचाव के लिए यह एकमात्र तरीका है, जिससे काफी नुकसान पहुंचेगा।

    क्या है पूरा मामला?

    ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने जुलाई महीने की शुरुआत में गूगल और फेसबुक को ऑस्ट्रेलियाई मीडिया की खबरों से होने वाली कमाई को मीडिया कंपनियों के साथ साझा करने के निर्देश दिए थे। यह फैसला इसलिए भी सबसे अलग है, क्योंकि गूगल और फेसबुक के खिलाफ पूरी दुनिया में यह इस तरह का पहला कदम है। यही कारण है कि अब फेसबुक इस फैसले के खिलाफ खुल कर सामने आ गया है।

    इससे पहले पिछले महीने सरकार के इस कदम के खिलाफ गूगल ने भी अपनी नाराजगी जाहिर की थी

    ऑस्ट्रेलियाई कोषाध्यक्ष ने क्या कहा?

    ऑस्ट्रेलिया के कोषाध्यक्ष जोश फ्राइडेनबर्ग ने इससे पहले कहा था कि गूगल और फेसबुक जैसी दिग्गज कंपनियों को आस्ट्रेलिया की मीडिया के साथ चल कर काम करना होगा। उन्होंने कहा कि इन कंपनियों को खबरों के कारण हो रही कमाई को देश की मीडिया के साथ साझा करना होगा। बता दें कि ऑस्ट्रेलिया में फेसबुक और गूगल के अलावा दूसरे बड़े प्लेयरों को इस कानून से राहत दी गई है।

    फ्राइडेनबर्ग ने सरकार के फैसले का बचाव करते हुए कहा कि इस कदम से देश की मीडिया कंपनियों को कमाई करने का मौका मिलेगा। उन्होंने बताया कि इस मामले में ड्राफ्ट कोड पर काम शुरू हो गया है। फ्राइडेनबर्ग के मुताबिक यह ड्राफ्ट जल्द पूरा हो जाएगा। सरकार आगे जाकर दूसरी बड़ी कंपनियों को भी इस नए कानून में शामिल कर सकती है।

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