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Shimla News: सब्जी मंडी में मलबे में दबी फाइलें निकालने के आदेश
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अमर उजाला असर...
शहर में पेयजल उपभोक्ताओं से जुड़ी पुरानी फाइलों के निस्तारण में लापरवाही सामने आने के बाद हरकत में आई कंपनी
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में पेयजल उपभोक्ताओं से जुड़ी सैकड़ों पुरानी फाइलें मलबे से निकाली जाएंगी। जनता से जुड़ी फाइलों के निस्तारण में लापरवाही सामने आने के बाद पेयजल कंपनी हरकत में आ गई है। कंपनी ने मौके पर काम कर रहे कर्मचारियों को सभी फाइलें निकालने के निर्देश दिए हैं।
इन फाइलों का तुरंत निस्तारण करने को भी कहा गया है। इन फाइलों में उपभोक्ताओं की ओर से जमा किए गए दस्तावेजों का दुरुपयोग न हो, इसके निर्देश दिए गए हैं। शहर के सब्जी मंडी क्षेत्र में इन दिनों नगर निगम के पुराने आवासों को गिराने का काम चल रहा है। यहां नगर निगम का नया परिसर बनना है। इन पुराने आवासों के बीच पेयजल कंपनी का दफ्तर भी था जिसे अब गिराया जा रहा है। कंपनी ने यहां से अपना दफ्तर तो शिफ्ट कर लिया लेकिन पेयजल उपभोक्ताओं से जुड़ा पुराना रिकॉर्ड यहीं छोड़ दिया। काफी रिकॉर्ड मलबे में भी दब गया। लोगों ने सवाल उठाए कि जनता से जुड़े रिकॉर्ड के निस्तारण में लापरवाही बरती जा रही है। सभी सरकारी महकमों को अपने पुराने रिकॉर्ड का नियमों के अनुसार सुरक्षित तरीके से निस्तारण करना पड़ता है लेकिन कंपनी ने ऐसा नहीं किया। नगर निगम ने भी कंपनी को इस लापरवाही के लिए जवाब तलब किया है। कंपनी को मौके से सारा रिकॉर्ड निकालने को कहा गया है।
पार्षद बोले, लापरवाह अधिकारियों पर हो कार्रवाई
सब्जी मंडी में जनता से जुड़ी पुरानी फाइलें मलबे में दबने के मामले पर नगर निगम पार्षदों ने भी आपत्ति जताई है। नाभा से कांग्रेस पार्षद सिमी नंदा ने कहा कि यह सिर्फ प्रशासनिक चूक नहीं है बल्कि आम जनता के अधिकारों से जुड़ा मामला भी है। कहा कि इस मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। जिस अधिकारी ने इसमें लापरवाही बरती है, उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। यहां से सारा रिकॉर्ड सुरक्षित निकाला जाना चाहिए। पूर्व उप महापौर राकेश शर्मा ने कहा कि पुराने रिकॉर्ड के निस्तारण में ऐसी लापरवाही गंभीर चूक है। इससे पता चलता है कि नगर निगम और कंपनी में जनता से जुड़ा पुराना रिकॉर्ड कैसे रखा जा रहा है।
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मलबे से निकाला जाएगा रिकॉर्ड : महाप्रबंधक
पेयजल कंपनी के महाप्रबंधक राजेश कश्यप ने कहा कि मौके से सभी फाइलें सुरक्षित निकालने को कहा गया है। सारा रिकॉर्ड मलबे से निकाला जाएगा। इसका नियमों के अनुसार ही निस्तारण होगा।
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शहर में पेयजल उपभोक्ताओं से जुड़ी पुरानी फाइलों के निस्तारण में लापरवाही सामने आने के बाद हरकत में आई कंपनी
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में पेयजल उपभोक्ताओं से जुड़ी सैकड़ों पुरानी फाइलें मलबे से निकाली जाएंगी। जनता से जुड़ी फाइलों के निस्तारण में लापरवाही सामने आने के बाद पेयजल कंपनी हरकत में आ गई है। कंपनी ने मौके पर काम कर रहे कर्मचारियों को सभी फाइलें निकालने के निर्देश दिए हैं।
इन फाइलों का तुरंत निस्तारण करने को भी कहा गया है। इन फाइलों में उपभोक्ताओं की ओर से जमा किए गए दस्तावेजों का दुरुपयोग न हो, इसके निर्देश दिए गए हैं। शहर के सब्जी मंडी क्षेत्र में इन दिनों नगर निगम के पुराने आवासों को गिराने का काम चल रहा है। यहां नगर निगम का नया परिसर बनना है। इन पुराने आवासों के बीच पेयजल कंपनी का दफ्तर भी था जिसे अब गिराया जा रहा है। कंपनी ने यहां से अपना दफ्तर तो शिफ्ट कर लिया लेकिन पेयजल उपभोक्ताओं से जुड़ा पुराना रिकॉर्ड यहीं छोड़ दिया। काफी रिकॉर्ड मलबे में भी दब गया। लोगों ने सवाल उठाए कि जनता से जुड़े रिकॉर्ड के निस्तारण में लापरवाही बरती जा रही है। सभी सरकारी महकमों को अपने पुराने रिकॉर्ड का नियमों के अनुसार सुरक्षित तरीके से निस्तारण करना पड़ता है लेकिन कंपनी ने ऐसा नहीं किया। नगर निगम ने भी कंपनी को इस लापरवाही के लिए जवाब तलब किया है। कंपनी को मौके से सारा रिकॉर्ड निकालने को कहा गया है।
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पार्षद बोले, लापरवाह अधिकारियों पर हो कार्रवाई
सब्जी मंडी में जनता से जुड़ी पुरानी फाइलें मलबे में दबने के मामले पर नगर निगम पार्षदों ने भी आपत्ति जताई है। नाभा से कांग्रेस पार्षद सिमी नंदा ने कहा कि यह सिर्फ प्रशासनिक चूक नहीं है बल्कि आम जनता के अधिकारों से जुड़ा मामला भी है। कहा कि इस मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। जिस अधिकारी ने इसमें लापरवाही बरती है, उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। यहां से सारा रिकॉर्ड सुरक्षित निकाला जाना चाहिए। पूर्व उप महापौर राकेश शर्मा ने कहा कि पुराने रिकॉर्ड के निस्तारण में ऐसी लापरवाही गंभीर चूक है। इससे पता चलता है कि नगर निगम और कंपनी में जनता से जुड़ा पुराना रिकॉर्ड कैसे रखा जा रहा है।
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मलबे से निकाला जाएगा रिकॉर्ड : महाप्रबंधक
पेयजल कंपनी के महाप्रबंधक राजेश कश्यप ने कहा कि मौके से सभी फाइलें सुरक्षित निकालने को कहा गया है। सारा रिकॉर्ड मलबे से निकाला जाएगा। इसका नियमों के अनुसार ही निस्तारण होगा।