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स्वयं सहायता समूह अब ई-मार्ट बेच सकेंगे उत्पाद : विक्रमादित्य
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लोक निर्माण मंत्री ने किया श्यामार्क ब्रांड का शुभारंभ
प्रदेश के ग्रामीण उत्पादों को मिलेगी राष्ट्रीय पहचान
समूहों से जुड़कर 2500 महिलाएं बेच सकेंगी उत्पाद
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने सोमवार को शिमला में श्यामार्क ब्रांड का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि इस ब्रांड के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों के व्यवसायियों और स्वयं सहायता समूहों को अपने उत्पादों की नई पहचान बनाने और उन्हें व्यापक बाजार उपलब्ध करवाने का अवसर मिलेगा।
मसाले, दालें, घी, सूखे मेवे और हस्तशिल्प सहित विभिन्न स्थानीय उत्पाद ई-मार्ट भारत के माध्यम से ऑनलाइन बेचे जा सकेंगे। हिमाचल ई-मार्ट प्रदेश में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने और महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इस ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से प्रदेशभर के स्वयं सहायता समूहों को अपने उत्पादों की बिक्री के लिए व्यापक बाजार उपलब्ध होगा। इससे शहरों में रहने वाले उपभोक्ताओं को गांवों के शुद्ध एवं स्थानीय उत्पाद उपलब्ध होंगे और उत्पादकों को बेहतर मूल्य प्राप्त करने में मदद मिलेगी। ई-मार्ट के माध्यम से स्वयं सहायता समूह अपने उत्पाद प्रदेश के साथ देश के विभिन्न राज्यों में भी बेच सकेंगे। इससे स्थानीय उत्पादों को बेहतर बाजार मिलने के साथ ग्रामीण महिलाओं की आर्थिकी को मजबूत करने में सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में अधिक से अधिक महिलाओं और स्वयं सहायता समूहों को इस प्लेटफॉर्म से जोड़ने के प्रयास किए जाएंगे।
ई-मार्ट के संस्थापक अरुण वर्मा ने कहा कि यह प्लेटफॉर्म केवल हिमाचल प्रदेश तक सीमित नहीं रहेगा और उत्तर भारत के विभिन्न क्षेत्रों को इससे जोड़ा जा चुका है। ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को घर बैठे कच्चा माल उपलब्ध करवाकर उन्हें उत्पाद तैयार करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि वर्तमान में प्रदेश के 11 जिलों की लगभग 2500 महिलाएं इस पहल से जुड़ चुकी हैं। इस अवसर पर उपमहापौर उमा कौशल, नगर निगम शिमला के आयुक्त सचिन कंवल, राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की सदस्य मोनिता चौहान, कांग्रेस जिला अध्यक्ष शिमला इंद्रजीत सिंह, ब्लॉक कांग्रेस टुटू के अध्यक्ष देवेंद्र सिंह सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
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प्रदेश के ग्रामीण उत्पादों को मिलेगी राष्ट्रीय पहचान
समूहों से जुड़कर 2500 महिलाएं बेच सकेंगी उत्पाद
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने सोमवार को शिमला में श्यामार्क ब्रांड का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि इस ब्रांड के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों के व्यवसायियों और स्वयं सहायता समूहों को अपने उत्पादों की नई पहचान बनाने और उन्हें व्यापक बाजार उपलब्ध करवाने का अवसर मिलेगा।
मसाले, दालें, घी, सूखे मेवे और हस्तशिल्प सहित विभिन्न स्थानीय उत्पाद ई-मार्ट भारत के माध्यम से ऑनलाइन बेचे जा सकेंगे। हिमाचल ई-मार्ट प्रदेश में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने और महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इस ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से प्रदेशभर के स्वयं सहायता समूहों को अपने उत्पादों की बिक्री के लिए व्यापक बाजार उपलब्ध होगा। इससे शहरों में रहने वाले उपभोक्ताओं को गांवों के शुद्ध एवं स्थानीय उत्पाद उपलब्ध होंगे और उत्पादकों को बेहतर मूल्य प्राप्त करने में मदद मिलेगी। ई-मार्ट के माध्यम से स्वयं सहायता समूह अपने उत्पाद प्रदेश के साथ देश के विभिन्न राज्यों में भी बेच सकेंगे। इससे स्थानीय उत्पादों को बेहतर बाजार मिलने के साथ ग्रामीण महिलाओं की आर्थिकी को मजबूत करने में सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में अधिक से अधिक महिलाओं और स्वयं सहायता समूहों को इस प्लेटफॉर्म से जोड़ने के प्रयास किए जाएंगे।
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ई-मार्ट के संस्थापक अरुण वर्मा ने कहा कि यह प्लेटफॉर्म केवल हिमाचल प्रदेश तक सीमित नहीं रहेगा और उत्तर भारत के विभिन्न क्षेत्रों को इससे जोड़ा जा चुका है। ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को घर बैठे कच्चा माल उपलब्ध करवाकर उन्हें उत्पाद तैयार करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि वर्तमान में प्रदेश के 11 जिलों की लगभग 2500 महिलाएं इस पहल से जुड़ चुकी हैं। इस अवसर पर उपमहापौर उमा कौशल, नगर निगम शिमला के आयुक्त सचिन कंवल, राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की सदस्य मोनिता चौहान, कांग्रेस जिला अध्यक्ष शिमला इंद्रजीत सिंह, ब्लॉक कांग्रेस टुटू के अध्यक्ष देवेंद्र सिंह सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
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