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आयोग गठित करने की मांग को लेकर सामान्य संयुक्त मोर्चे ने घेरा हिमाचल सचिवालय, पुलिस के साथ धक्कामुक्की
Tue, 20 Apr 2021 06:46 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Tue, 20 Apr 2021 06:46 PM IST
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सामान्य संयुक्त मोर्चे ने किया प्रदर्शन।
- फोटो : अमर उजाला
सामान्य वर्ग आयोग गठित करने की मांग को लेकर मंगलवार को सामान्य संयुक्त मोर्चे ने राज्य सचिवालय का घेराव किया। करीब तीन घंटे तक छोटा शिमला में चक्का जाम किया गया। दोपहर साढ़े 12 बजे से साढ़े तीन बजे तक मोर्चे के सदस्य सड़क पर बैठकर नारेबाजी करते रहे। मुख्यमंत्री से हुई मुलाकात के दौरान आश्वासन के बाद सड़क को खोला गया। देवभूमि क्षत्रिय सभा और अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की अगुवाई विरोध प्रदर्शन किया गया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों की पुलिस के साथ धक्कामुक्की भी हुई। शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने जूस पिलाकर मोर्चे के पदाधिकारी मदन ठाकुर का आमरण अनशन तुड़वाया।
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मंगलवार सुबह करीब दस बजे से सामान्य संयुक्त मोर्चे के बैनर तले सैकड़ों लोग पुराने बस अड्डे स्थित पंचायत भवन में जुटना शुरू हुए। पंचायत भवन से छोटा शिमला तक रैली निकाली गई। करीब साढ़े 12 बजे प्रदर्शनकारी छोटा शिमला पहुंच गए। इस दौरान भारी पुलिस बल भी मौके पर तैनात रहा। सड़क के बीच बैठने के चलते प्रदर्शनकारियों की पुलिस के साथ काफी कहासुनी और धक्कामुक्की भी हुई। प्रदर्शनकारी मुख्यमंत्री को मौके पर बुलाने पर अड़े रहे। संयुक्त मोर्चे के पदाधिकारी रुमित ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में करीब 70 फीसदी आबादी सामान्य वर्ग की है।
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मध्य प्रदेश सरकार ने 22 फीसदी सामान्य वर्ग की आबादी के बावजूद वहां 26 जनवरी को सवर्ण आयोग गठित कर दिया है लेकिन हिमाचल सरकार इस मांग को पूरा नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि बीते कई दिनों से शिमला में मोर्चे का अनशन जारी है। सरकार के किसी भी मंत्री या अधिकारी ने वहां आकर हमसे बात नहीं की। आज के समय में सामान्य वर्ग के लोगों का सबसे अधिक शोषण हो रहा है। एट्रोसिटी एक्ट के चलते झूठे मामले दर्ज हो रहे हैं। मोर्चे के पदाधिकारी जितेन्द्र राजपूत ने कहा कि झूठे मामले दर्ज करवाने वाले वर्ग के लोगों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई करने का प्रावधान होना चाहिए। इसी बीच प्रदर्शनकारियों के एक प्रतिनिधिमंडल को वार्ता करने के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय में बुलाया गया। मुख्यमंत्री ने तीन माह के भीतर सवर्ण आयोग गठित करने की संभावनाएं देखने का आश्वासन दिया है।
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टॉलैंड से हिमफेड पेट्रोल पंप तक लगा जाम
राज्य सचिवालय में बाहर हो रहे प्रदर्शन के चलते मंगलवार दोपहर को टॉलैंड से हिमफेड पेट्रोल पंप तक वाहनों का जाम लग गया। छोटी गाडि़यों को पुलिस ने राजभवन होकर आवाजाही को सुचारु रखने का प्रयास किया लेकिन बसें सड़क पर ही खड़ी रहीं। इस कारण लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।