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Shimla News: राजधानी में स्वगणना आज से, अगले महीने घर-घर होगा सर्वेक्षण
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31 अगस्त तक चलेगी स्वगणना की प्रक्रिया, इसके बाद कर्मचारी घरों में आकर करेंगे सत्यापन
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में जनगणना-2027 का दूसरा चरण सोमवार से शुरू होने जा रहा है। लोग सोमवार से ऑनलाइन सेल्फ एन्यूमरेशन यानी स्वगणना के जरिये अपने परिवार की जानकारी दर्ज करवा सकेंगे। यह प्रक्रिया 31 अगस्त तक चलेगी। एक से 30 सितंबर तक नगर निगम के सभी शहरी वार्डों में घर-घर जाकर जनसंख्या गणना की जाएगी। शिमला के बर्फबारी वाले क्षेत्र को देखते हुए जनसंख्या गणना का कार्यक्रम सितंबर में रखा गया है जिससे सर्दियों में फील्ड सर्वे के दौरान आने वाली दिक्कतों से बचा जा सके। ऑनलाइन स्वगणना के दौरान परिवार की जानकारी दर्ज करने पर एक विशिष्ट प्री-वेरिफिकेशन कोड जनरेट होगा जिसका इस्तेमाल बाद में होने वाली प्रक्रिया में किया जाएगा।
सितंबर में घर-घर गणना पूरी होने के बाद एक से पांच अक्तूबर तक रिविजनल राउंड आयोजित किया जाएगा। इस दौरान जन्म, मृत्यु और पलायन के कारण हुए बदलावों को दर्ज किया जाएगा। नगर निगम शिमला ने गणना के लिए माइक्रो-लेवल एन्यूमरेशन ब्लॉक भी तैयार किए हैं। प्रत्येक ब्लॉक में अधिकतम 700 लोगों की सीमा रखी गई है जिससे पहाड़ी क्षेत्र में घरों और आबादी की मैपिंग सटीक तरीके से की जा सके। जनगणना की पूरी प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से की जाएगी। नगर निगम के अनुसार मोबाइल एप्लीकेशन के जरिये जुटाए गए आंकड़े एन्क्रिप्टेड और गोपनीय रहेंगे। आंकड़ों की सुरक्षा के लिए डिजिटल डेटा फ्रेमवर्क का इस्तेमाल किया जाएगा। निगम प्रशासन ने शहरवासियों से अपील की है कि वह सोमवार से शुरू होने वाले ऑनलाइन सेल्फ एन्यूमरेशन में सक्रिय रूप से भाग लें।
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अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में जनगणना-2027 का दूसरा चरण सोमवार से शुरू होने जा रहा है। लोग सोमवार से ऑनलाइन सेल्फ एन्यूमरेशन यानी स्वगणना के जरिये अपने परिवार की जानकारी दर्ज करवा सकेंगे। यह प्रक्रिया 31 अगस्त तक चलेगी। एक से 30 सितंबर तक नगर निगम के सभी शहरी वार्डों में घर-घर जाकर जनसंख्या गणना की जाएगी। शिमला के बर्फबारी वाले क्षेत्र को देखते हुए जनसंख्या गणना का कार्यक्रम सितंबर में रखा गया है जिससे सर्दियों में फील्ड सर्वे के दौरान आने वाली दिक्कतों से बचा जा सके। ऑनलाइन स्वगणना के दौरान परिवार की जानकारी दर्ज करने पर एक विशिष्ट प्री-वेरिफिकेशन कोड जनरेट होगा जिसका इस्तेमाल बाद में होने वाली प्रक्रिया में किया जाएगा।
सितंबर में घर-घर गणना पूरी होने के बाद एक से पांच अक्तूबर तक रिविजनल राउंड आयोजित किया जाएगा। इस दौरान जन्म, मृत्यु और पलायन के कारण हुए बदलावों को दर्ज किया जाएगा। नगर निगम शिमला ने गणना के लिए माइक्रो-लेवल एन्यूमरेशन ब्लॉक भी तैयार किए हैं। प्रत्येक ब्लॉक में अधिकतम 700 लोगों की सीमा रखी गई है जिससे पहाड़ी क्षेत्र में घरों और आबादी की मैपिंग सटीक तरीके से की जा सके। जनगणना की पूरी प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से की जाएगी। नगर निगम के अनुसार मोबाइल एप्लीकेशन के जरिये जुटाए गए आंकड़े एन्क्रिप्टेड और गोपनीय रहेंगे। आंकड़ों की सुरक्षा के लिए डिजिटल डेटा फ्रेमवर्क का इस्तेमाल किया जाएगा। निगम प्रशासन ने शहरवासियों से अपील की है कि वह सोमवार से शुरू होने वाले ऑनलाइन सेल्फ एन्यूमरेशन में सक्रिय रूप से भाग लें।
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