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जयपुर में LPG सिलेंडर की कालाबाजारी: नहीं मिल रहे सिलेंडर, उपभोक्ताओं का फूटा गुस्सा, थाने तक पहुंचा मामला
Sun, 17 May 2026 09:44 AM IST
Sourabh Bhatt
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: Sourabh Bhatt
Updated Sun, 17 May 2026 09:44 AM IST
जयपुर के प्रताप नगर स्थित सांगानेर गैस एजेंसी पर एलपीजी सिलेंडर वितरण में भारी अनियमितताओं और कालाबाजारी के आरोप लगे हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि 40-45 दिन तक सिलेंडर नहीं मिल रहे। नाराज लोगों ने एजेंसी कर्मचारियों पर बदसलूकी का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दी।
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प्रताप नगर स्थित सांगानेर गैस एजेंसी में वितरक एजेंसी को बंद कर पास की दुकान में बैठे
- फोटो : अमर उजाला
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राजधानी जयपुर के प्रताप नगर क्षेत्र में संचालित सांगानेर गैस एजेंसी पर एलपीजी सिलेंडर वितरण में भारी अनियमितताओं और संभावित कालाबाजारी के गंभीर आरोप लगे हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि घरेलू गैस सिलेंडर की बुकिंग कराने के बावजूद 40 से 45 दिन तक सिलेंडर की डिलीवरी नहीं हो रही, जबकि बाजार में अतिरिक्त कीमत देकर तुरंत सिलेंडर उपलब्ध कराने की चर्चाएं लगातार सामने आ रही हैं।
क्षेत्रवासियों का आरोप है कि एजेंसी की लापरवाही और संदिग्ध कार्यप्रणाली के कारण आम उपभोक्ताओं को परेशान होना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि बुकिंग के 20 से 25 दिन बाद भी सिलेंडर नहीं पहुंचता, जिससे यह आशंका गहरा रही है कि कहीं घरेलू गैस सिलेंडरों की सप्लाई को जानबूझकर रोककर कालाबाजारी तो नहीं की जा रही।
उपभोक्ताओं ने बताया कि एजेंसी कार्यालय अक्सर बंद मिलता है और कर्मचारी आसपास की दुकानों व सैलून में समय बिताते नजर आते हैं। एजेंसी के संपर्क नंबर या तो बंद रहते हैं या कॉल रिसीव नहीं किए जाते। इससे लोगों को बार-बार एजेंसी के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
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स्थिति उस समय और बिगड़ गई जब कुछ उपभोक्ताओं ने इंडेन गैस के अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन संपर्क नहीं हो पाया। आरोप है कि बाद में एजेंसी से जुड़े कर्मचारियों ने उपभोक्ताओं के साथ बदसलूकी भी की। इसके बाद नाराज लोगों ने प्रताप नगर थाने पहुंचकर शिकायत पत्र सौंपा।
यह भी पढें- NEET Paper Leak: प्रश्नपत्र बनाने वाली लेक्चरर गिरफ्तार, लाखों रुपये फीस लेकर स्पेशल क्लास में बांटे पेपर
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह क्षेत्र मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का विधानसभा क्षेत्र है, इसके बावजूद लोगों को मूलभूत सुविधा के लिए परेशान होना पड़ रहा है। उपभोक्ताओं ने मांग की है कि गैस एजेंसी की कार्यप्रणाली, सिलेंडर वितरण रिकॉर्ड और स्टॉक की निष्पक्ष जांच कराई जाए ताकि कालाबाजारी और उपभोक्ता शोषण की सच्चाई सामने आ सके।
क्षेत्रवासियों ने प्रशासन और तेल कंपनियों से मांग की है कि दोषी पाए जाने पर संबंधित डीलरों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए तथा गैस वितरण व्यवस्था को पारदर्शी और जवाबदेह बनाया जाए।
क्षेत्रवासियों का आरोप है कि एजेंसी की लापरवाही और संदिग्ध कार्यप्रणाली के कारण आम उपभोक्ताओं को परेशान होना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि बुकिंग के 20 से 25 दिन बाद भी सिलेंडर नहीं पहुंचता, जिससे यह आशंका गहरा रही है कि कहीं घरेलू गैस सिलेंडरों की सप्लाई को जानबूझकर रोककर कालाबाजारी तो नहीं की जा रही।
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उपभोक्ताओं ने बताया कि एजेंसी कार्यालय अक्सर बंद मिलता है और कर्मचारी आसपास की दुकानों व सैलून में समय बिताते नजर आते हैं। एजेंसी के संपर्क नंबर या तो बंद रहते हैं या कॉल रिसीव नहीं किए जाते। इससे लोगों को बार-बार एजेंसी के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
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स्थिति उस समय और बिगड़ गई जब कुछ उपभोक्ताओं ने इंडेन गैस के अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन संपर्क नहीं हो पाया। आरोप है कि बाद में एजेंसी से जुड़े कर्मचारियों ने उपभोक्ताओं के साथ बदसलूकी भी की। इसके बाद नाराज लोगों ने प्रताप नगर थाने पहुंचकर शिकायत पत्र सौंपा।
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स्थानीय लोगों का कहना है कि यह क्षेत्र मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का विधानसभा क्षेत्र है, इसके बावजूद लोगों को मूलभूत सुविधा के लिए परेशान होना पड़ रहा है। उपभोक्ताओं ने मांग की है कि गैस एजेंसी की कार्यप्रणाली, सिलेंडर वितरण रिकॉर्ड और स्टॉक की निष्पक्ष जांच कराई जाए ताकि कालाबाजारी और उपभोक्ता शोषण की सच्चाई सामने आ सके।
क्षेत्रवासियों ने प्रशासन और तेल कंपनियों से मांग की है कि दोषी पाए जाने पर संबंधित डीलरों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए तथा गैस वितरण व्यवस्था को पारदर्शी और जवाबदेह बनाया जाए।