{"_id":"6a96b0a2f549624f6309d57a","slug":"bharatpur-bjp-and-congress-both-name-the-same-leader-as-candidate-now-contesting-on-bjp-ticket-2026-09-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"भरतपुर: एक ही नेता को भाजपा और कांग्रेस ने बनाया अपना उम्मीदवार, अब BJP का दामन थामकर मैदान में उतरे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भरतपुर: एक ही नेता को भाजपा और कांग्रेस ने बनाया अपना उम्मीदवार, अब BJP का दामन थामकर मैदान में उतरे
Tue, 01 Sep 2026 04:32 PM IST
प्रिया वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भरतपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भरतपुर
Published by: प्रिया वर्मा
Updated Tue, 01 Sep 2026 04:32 PM IST
नगर निकाय चुनाव के नामांकन के दौरान वार्ड 19 में भाजपा और कांग्रेस ने एक ही नेता मनोज सिंह को अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया। मनोज सिंह पहले कांग्रेस के टिकट पर दो बार पार्षद रह चुके हैं लेकिन इस बार भाजपा में शामिल होकर चुनाव मैदान में उतरे हैं।
विज्ञापन
भाजपा की ओर से मैदान में मनोज सिंह
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
भरतपुर नगर निकाय चुनाव के दौरान वार्ड 19 में अनूठा मामला सामने आया है, जहां भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस दोनों ही प्रमुख दलों ने एक ही नेता मनोज सिंह को अपना प्रत्याशी बना दिया। दो परस्पर विरोधी राजनीतिक दलों से एक साथ उम्मीदवारी की घोषणा होने की यह घटना पूरे क्षेत्र में चर्चा का केंद्र बन गई है।
विज्ञापन
दरअसल मनोज सिंह भरतपुर के वार्ड 19 के पुराने कांग्रेसी नेता हैं और वे लंबे समय से कांग्रेस में संगठनात्मक पदों पर रहे हैं। उन्होंने पूर्व में दो बार कांग्रेस के टिकट पर पार्षद का चुनाव भी जीता है। इस बार के चुनाव में मनोज सिंह ने शुरुआत में कांग्रेस से उम्मीदवार बनने के लिए अपना आवेदन जमा किया था। हालांकि बाद में उन्होंने भाजपा में शामिल होने का फैसला किया और भाजपा से भी पार्षद पद के लिए आवेदन प्रस्तुत कर दिया।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें: बूंदी में टिकट पर संग्राम: कांग्रेस को दो बड़े झटके, नैनवा में BJP के खिलाफ कार्यकर्ताओं का हंगामा
विज्ञापन
अब मनोज सिंह ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि भाजपा ने उन पर पूरा भरोसा जताया है और उन्हें अपना प्रत्याशी घोषित किया है, इसलिए वे अब भाजपा से ही पार्षद पद का चुनाव लड़ रहे हैं। इसके बाद जिला कांग्रेस कमेटी ने तुरंत सख्त रुख अख्तियार करते हुए मनोज सिंह को पार्टी के साथ विश्वासघात और घोर अनुशासनहीनता की श्रेणी में रखते हुए तत्काल प्रभाव से उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया।