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सुरक्षा में सेंध: पाक के कसूर और सुलेमान से उड़ते हैं ड्रोन, वहीं से तय होता है कहां गिराना है नशा और हथियार
Tue, 20 Oct 2026 09:45 AM IST
Sharukh Khan
अनिल कुमार, संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजपुर
अनिल कुमार, संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजपुर
Published by: Sharukh Khan
Updated Tue, 20 Oct 2026 09:45 AM IST
हिंदुस्तान और पाकिस्तान की सरहद की सुरक्षा में सेंध लगाई जा रही है। पाकिस्तान के कसूर और सुलेमान क्षेत्र से उड़ने वाले ड्रोन नशा और हथियार गिरा रहे हैं। पंजाब में 10 से 20 किलोमीटर तक अंदर घुसकर ड्रोन से हेराइन और हथियार गिराए जा रहे हैं। 15 दिन में हेरोइन की तीन बड़ी खेप बरामद हुई हैं। कई खेपों के तस्करों तक सुरक्षित पहुंचने की आशंका है।
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Pakistan Drones
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
भारत-पाकिस्तान सीमा पर सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़े ड्रोन नई चुनौती बनकर उभरे हैं। पाकिस्तान के कसूर और सुलेमान क्षेत्र से ड्रोन उड़ाए जा रहे हैं। इन्हीं केंद्रों से तय होता है कहां हेराइन और कहां हथियार गिराए जाने हैं।
पहले छोटे ड्रोन भेजे जा रहे थे और अब बड़े ड्रोन अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर पंजाब के गांवों में 10 से 20 किलोमीटर तक अंदर आकर हेरोइन और हथियारों की खेप गिरा रहे हैं। खेप पहुंचाने के बाद इनके सुरक्षित पाकिस्तान लौटने की बात भी सामने आ रही है।
पिछले 15 दिनों में फिरोजपुर क्षेत्र के तीन गांवों में बड़े ड्रोनों के जरिए पहुंचाई गई हेरोइन की तीन बड़ी खेप बरामद होने से सीमा सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
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पहले छोटे ड्रोन भेजे जा रहे थे और अब बड़े ड्रोन अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर पंजाब के गांवों में 10 से 20 किलोमीटर तक अंदर आकर हेरोइन और हथियारों की खेप गिरा रहे हैं। खेप पहुंचाने के बाद इनके सुरक्षित पाकिस्तान लौटने की बात भी सामने आ रही है।
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पिछले 15 दिनों में फिरोजपुर क्षेत्र के तीन गांवों में बड़े ड्रोनों के जरिए पहुंचाई गई हेरोइन की तीन बड़ी खेप बरामद होने से सीमा सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
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हालिया मामलों में गांव पधरी में 20 किलो से अधिक, अलीके में करीब 10 किलो और आरिफके क्षेत्र में 10 किलो से अधिक हेरोइन मिलने की जानकारी सामने आई है। इन घटनाओं ने संकेत दिया है कि सीमा पार से नशीले पदार्थों की तस्करी के लिए अब अधिक क्षमता वाले ड्रोन इस्तेमाल किए जा रहे हैं।
पहले छोटे ड्रोन सीमा के आसपास ही खेप गिराने तक सीमित रहते थे और उनके पकड़े जाने का खतरा भी अधिक था। बड़े ड्रोन भारतीय क्षेत्र में दूर तक जाकर खेप पहुंचाने में सक्षम हैं।
सरकंडों के घने जंगल तस्करों को देते हैं आड़
खुफिया सूत्रों के मुताबिक, फिरोजपुर के सामने पाकिस्तान का कसूर जिला और फाजिल्का की ओर सुलेमान क्षेत्र सीमा के नजदीक स्थित हैं। भारतीय क्षेत्र में सीमा के पास खेती होती है, जबकि पाकिस्तान की तरफ सरकंडों के घने जंगल तस्करों को छिपने की आड़ देते हैं। बताया जाता है कि पाकिस्तानी तस्कर इन जंगलों की आड़ में बड़े ड्रोन उड़ाते हैं और भारतीय तस्करों की ओर से उपलब्ध कराई गई लोकेशन के आधार पर खेप गिराते हैं।
खुफिया सूत्रों के मुताबिक, फिरोजपुर के सामने पाकिस्तान का कसूर जिला और फाजिल्का की ओर सुलेमान क्षेत्र सीमा के नजदीक स्थित हैं। भारतीय क्षेत्र में सीमा के पास खेती होती है, जबकि पाकिस्तान की तरफ सरकंडों के घने जंगल तस्करों को छिपने की आड़ देते हैं। बताया जाता है कि पाकिस्तानी तस्कर इन जंगलों की आड़ में बड़े ड्रोन उड़ाते हैं और भारतीय तस्करों की ओर से उपलब्ध कराई गई लोकेशन के आधार पर खेप गिराते हैं।
ड्रोन के जरिए खेप गांवों और खेतों तक पहुंचने से तस्करों को सीमा के नजदीक ही माल लेने की मजबूरी नहीं रहती। इससे सुरक्षा एजेंसियों के लिए ड्रोन की उड़ान का पता लगाने के साथ खेप लेने वाले स्थानीय नेटवर्क तक पहुंचना भी चुनौतीपूर्ण हो जाता है।
अमृतसर क्षेत्र में भी हथियारों की तस्करी की आशंका
अमृतसर क्षेत्र में भी सीमा पार से ड्रोन के जरिए विदेशी पिस्तौलें, हैंड ग्रेनेड, एके-47, हेरोइन और आरडीएक्स भेजे जाने की घटनाएं सामने आती रही हैं। नशीले पदार्थों के साथ हथियारों और विस्फोटकों की तस्करी की आशंका इस खतरे को और गंभीर बनाती है। सुरक्षा एजेंसियों के सामने अब ड्रोन की घुसपैठ रोकने के साथ-साथ भारतीय क्षेत्र में सक्रिय उन नेटवर्कों की पहचान करने की चुनौती है, जो खेप प्राप्त कर आगे पहुंचाते हैं।
अमृतसर क्षेत्र में भी सीमा पार से ड्रोन के जरिए विदेशी पिस्तौलें, हैंड ग्रेनेड, एके-47, हेरोइन और आरडीएक्स भेजे जाने की घटनाएं सामने आती रही हैं। नशीले पदार्थों के साथ हथियारों और विस्फोटकों की तस्करी की आशंका इस खतरे को और गंभीर बनाती है। सुरक्षा एजेंसियों के सामने अब ड्रोन की घुसपैठ रोकने के साथ-साथ भारतीय क्षेत्र में सक्रिय उन नेटवर्कों की पहचान करने की चुनौती है, जो खेप प्राप्त कर आगे पहुंचाते हैं।
एक माह की प्रमुख बरामदगियां: हेरोइन और हथियारों के मामले
- 20 सितंबर, फरीदकोट: पुलिस ने 47.3 किलो हेरोइन के साथ तीन पिस्तौल, तीन मैगजीन और 15 कारतूस बरामद किए। चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
- 7-8 अक्तूबर, फिरोजपुर का पधरी गांव: पुलिस और बीएसएफ ने 20.298 किलो हेरोइन बरामद की। खेप ड्रोन से गिराए जाने की आशंका जताई गई।
- 18 अक्तूबर, आरिफके क्षेत्र: तेगा सिंह वाला गांव के पास खेतों से 10.750 किलो हेरोइन बरामद हुई। एजेंसियों को खेप ड्रोन से गिराए जाने का संदेह था।
- 19 अक्तूबर, आरिफके क्षेत्र: जीवान भेड़िया गांव के खेतों से 10 किलो हेरोइन बरामद की गई। पुलिस के अनुसार, यह खेप भी ड्रोन के जरिए भेजी गई थी।