{"_id":"6a7bf8ee20814ebb270563a5","slug":"anganwadi-workers-in-chandigarh-announce-struggle-to-resume-if-demands-are-not-met-2026-08-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"चंडीगढ़ में आंगनबाड़ी वर्कर्स का ऐलान: मांगें न मानीं तो फिर शुरू होगा संघर्ष, अधिकारियों पर बड़ा आरोप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चंडीगढ़ में आंगनबाड़ी वर्कर्स का ऐलान: मांगें न मानीं तो फिर शुरू होगा संघर्ष, अधिकारियों पर बड़ा आरोप
Wed, 12 Aug 2026 10:43 AM IST
Nivedita
संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
Published by: Nivedita
Updated Wed, 12 Aug 2026 10:43 AM IST
यूनियन पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि आंगनबाड़ी कर्मियों की मांगों और समस्याओं का समाधान करने के बजाय अधिकारियों की ओर से उन्हें केवल सभाओं में भीड़ जुटाने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।
विज्ञापन
चंडीगढ़ में आंगनबाड़ी वर्कर्स की बैठक
- फोटो : संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मांगों पर लंबे समय से कार्रवाई नहीं होने से नाराज चंडीगढ़ की आंगनबाड़ी वर्कर्स एवं हेल्पर्स यूनियन ने एक बार फिर आंदोलन की चेतावनी दी है। यूनियन की प्रधान नीलम की अध्यक्षता में हुई बैठक में कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर चर्चा हुई।
विज्ञापन
महासचिव रेनू ने कहा कि वर्ष 2018 के बाद से आंगनबाड़ी और क्रैच वर्करों के वेतन में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। उन्होंने तत्काल प्रभाव से कर्मचारियों को वर्तमान डीसी रेट के अनुसार वेतन देने की मांग की।
विज्ञापन
यूनियन पदाधिकारियों ने कहा कि आंगनबाड़ी और क्रैच वर्कर पूर्णकालिक आधार पर सेवाएं दे रही हैं और निर्धारित ड्यूटी के अलावा भी कई जिम्मेदारियां निभा रही हैं। इसके बावजूद उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा। उन्होंने आंगनबाड़ी वर्करों को 100 प्रतिशत सुपरवाइजर पदों पर पदोन्नति देने, समाप्त किए गए पदों को बहाल करने और ईएसआई योजना लागू करने की मांग की।
विज्ञापन
बैठक में सर्दी और गर्मी की छुट्टियां देने, टर्मिनेट की गई आंगनबाड़ी एवं क्रैच वर्करों को बहाल करने और सभी कर्मचारियों के लिए सेवानिवृत्ति की आयु 65 वर्ष करने की मांग भी उठाई गई। इसके अलावा वर्दी, मोबाइल फोन और अन्य आवश्यक सामग्री समय पर उपलब्ध कराने की मांग की गई। यूनियन ने पोषण टीम पर कर्मचारियों के शोषण का आरोप लगाते हुए इसे तत्काल बंद करने की मांग की।
बैठक में फेडरेशन के अध्यक्ष गोपाल दत्त जोशी और संयुक्त सचिव बिहारी लाल भी मौजूद रहे। उन्होंने बाल भवन, सेक्टर-23 में रिकॉर्ड की सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए वहां बाहरी व्यक्ति नरेश शर्मा के बैठने पर आपत्ति जताई और उसे हटाने की मांग की।
सभाओं में भीड़ जुटाने का जरिया बनाने का आरोप
यूनियन पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि आंगनबाड़ी कर्मियों की मांगों और समस्याओं का समाधान करने के बजाय अधिकारियों की ओर से उन्हें केवल सभाओं में भीड़ जुटाने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी कर्मियों को भीड़ जुटाने की मशीन समझना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 12 अगस्त को निदेशक, समाज कल्याण विभाग से मुलाकात कर मांगों का ज्ञापन सौंपा जाएगा। यूनियन ने स्पष्ट किया कि यदि मांगों पर जल्द सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो दोबारा संघर्ष का बिगुल बजाया जाएगा।