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कासगंज में बाढ़: 25 दिन से अंधेरे में गांव, घरों में घुस रहे सांप-बिच्छू, दहशत में कट रहीं रातें; तस्वीरें
Fri, 21 Aug 2026 09:03 PM IST
Arun Parashar
संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज
Published by: Arun Parashar
Updated Fri, 21 Aug 2026 09:03 PM IST
यूपी के कासगंज जिले में बाढ़ से हालात खराब होते जा रहे हैं। कई गांवों में पिछले 25 दिन से बिजली गुल है। पानी में तैरते हुए सांप-बिच्छू घरों में पहुंच रहे हैं। लोग दहशत में हैं।
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कासगंज में घरों में घुसा बाढ़ का पानी।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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कासगंज में बाढ़ प्रभावित आठ गांवों के लोग एक माह से बेहाल हैं। पानी घरों के बाहर तक भरा है। इसमें सांप-बिच्छू तैरते नजर आते हैं। बिजली नहीं होने के कारण रातें दहशत में कट रही हैं। फसलें बर्बाद हो चुकी हैं और शहर से संपर्क भी कटा हुआ है। बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। 25 दिन से बिजली कटी हुई है। मोबाइल रिचार्ज करने के लिए आसपास के गांवों में पहुंच रहे हैं।
कासगंज में बाढ़।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पटियाली के मूंझखेड़ा, नगला दुर्जन, नगला दिपी, नगला जयकिशन, नगला खना, हंसी नगला, राजेपुर कुर्रा, नगला चतुरी, नगला जैली, नगला नरपत में बाढ़ का पानी भरा होने के कारण विद्युत निगम ने बिजली आपूर्ति बंद कर दी है। कई घरों में पानी घुस गया है। वहीं, शहवाजपुर, मुजफ्फरनगर में खेतों में जलभराव है। बारिश होने पर पानी से बचने का ठिकाना मिलना मुश्किल हो जाता है। बिजली बंद होने से मोबाइल चार्ज कराने के लिए भी उन्हें पैसे और समय खर्च करना पड़ रहा है। गंगा में जलस्तर बढ़ने के बाद सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता जितेंद्र कुमार अग्रवाल ने बाढ़ प्रभावित इलाकों व संवेदनशील इलाकों का भ्रमण किया। उन्होंने त्वरित बचाव के इंतजाम और सुरक्षा कार्यों के संबंध में स्थानीय अधिकारियों को निर्देश दिए।
आबादी तक पहुंचा बाढ़ का पानी।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सुरक्षा के कारण काटी गई बिजली
गंगा के जलस्तर में पिछले 24 घंटों में 7 सेंटीमीटर की वृद्धि हुई है जबकि बैराजों का प्रवाह स्थिर बना हुआ है। नरौरा बैराज से बृहस्पतिवार को प्रवाह बढ़ा था, जिसका असर रात तक हुआ। विद्युत उपखंड अधिकारी राकेश सिंह ने बताया कि बाढ़ प्रभावित गांवों में विद्युत पोल के आसपास पानी भरा होने से करंट फैलने और हादसे की आशंका बनी हुई है। इसी को देखते हुए विद्युत निगम ने कई गांवों की आपूर्ति बंद कर रखी है। जहां पानी सूख चुका है, वहां बिजली बहाल की जा रही है, जबकि बाकी गांवों में पानी कम होने का इंतजार है।
गंगा के जलस्तर में पिछले 24 घंटों में 7 सेंटीमीटर की वृद्धि हुई है जबकि बैराजों का प्रवाह स्थिर बना हुआ है। नरौरा बैराज से बृहस्पतिवार को प्रवाह बढ़ा था, जिसका असर रात तक हुआ। विद्युत उपखंड अधिकारी राकेश सिंह ने बताया कि बाढ़ प्रभावित गांवों में विद्युत पोल के आसपास पानी भरा होने से करंट फैलने और हादसे की आशंका बनी हुई है। इसी को देखते हुए विद्युत निगम ने कई गांवों की आपूर्ति बंद कर रखी है। जहां पानी सूख चुका है, वहां बिजली बहाल की जा रही है, जबकि बाकी गांवों में पानी कम होने का इंतजार है।
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बांध का निरीक्षण करते सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कांवड़ियों की बढ़ेंगी दुश्वारियां
गंगा के बढ़े हुए जलस्तर के कारण गंगाघाटों पर गंगास्नान के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं व कांवड़ भरने पहुंचने वाले कांवड़ियों को भी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। शनिवार और रविवार को बड़ी संख्या में कांवड़िए कांवड़ भरने पहुंचेंगे। गंगाघाटों पर बढ़े हुए जलस्तर के कारण गोताखोर व पीएसी की फ्लड यूनिट तैनात की गई है।
बैराजों से पानी का प्रवाह
हरिद्वार बैराज से- 96,731 क्यूसेक
बिजनौर बैराज से- 1,18,978 क्यूसेक
नरौरा बैराज से - 1,34,584 क्यूसेक
कछला ब्रिज- 162.47 मीटर के निशान पर
गंगा के बढ़े हुए जलस्तर के कारण गंगाघाटों पर गंगास्नान के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं व कांवड़ भरने पहुंचने वाले कांवड़ियों को भी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। शनिवार और रविवार को बड़ी संख्या में कांवड़िए कांवड़ भरने पहुंचेंगे। गंगाघाटों पर बढ़े हुए जलस्तर के कारण गोताखोर व पीएसी की फ्लड यूनिट तैनात की गई है।
बैराजों से पानी का प्रवाह
हरिद्वार बैराज से- 96,731 क्यूसेक
बिजनौर बैराज से- 1,18,978 क्यूसेक
नरौरा बैराज से - 1,34,584 क्यूसेक
कछला ब्रिज- 162.47 मीटर के निशान पर
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कासगंज में बाढ़।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बाढ़ पीड़ितों की बात
- बाढ़ के कारण तमाम परेशानी है। बिजली न मिलने से मोबाइल भी चार्ज नहीं हो पा रहे। सनौड़ी के बाजार में जाकर 20 रुपये देकर मोबाइल चार्ज कराते हैं। पांच किलोमीटर तक जाना पड़ता है। -रुकुम सिंह, निवासी मूंझखेड़ा
- पिछले 25 दिनों से बाढ़ की परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। घरों तक बाढ़ के पानी की दस्तक है। बिजली भी नहीं मिल पा रही। मोबाइल चार्ज करने के लिए पांच पांच किलोमीटर दूर जाना पड़ रहा है। -नन्हे, निवासी नगला जैली
- गंगा के जलस्तर में वृद्धि को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। सिंचाई विभाग के अधिकारी एवं कर्मी गंगा की धारा के प्रवाह और बांधों का निरीक्षण कर रहे हैं। कटानरोधी एवं बाढ़ सुरक्षा कार्यों के प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए हैं। -जितेंद्र अग्रवाल, अधीक्षण अभियंता
ये भी पढ़ें- आगरा में 51 लाख का गांजा पकड़ा: कैंटर में जिस तरह छिपाई नशे की खेप, पुलिस भी हुई हैरान; एक आरोपी गिरफ्तार
- बाढ़ के कारण तमाम परेशानी है। बिजली न मिलने से मोबाइल भी चार्ज नहीं हो पा रहे। सनौड़ी के बाजार में जाकर 20 रुपये देकर मोबाइल चार्ज कराते हैं। पांच किलोमीटर तक जाना पड़ता है। -रुकुम सिंह, निवासी मूंझखेड़ा
- पिछले 25 दिनों से बाढ़ की परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। घरों तक बाढ़ के पानी की दस्तक है। बिजली भी नहीं मिल पा रही। मोबाइल चार्ज करने के लिए पांच पांच किलोमीटर दूर जाना पड़ रहा है। -नन्हे, निवासी नगला जैली
- गंगा के जलस्तर में वृद्धि को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। सिंचाई विभाग के अधिकारी एवं कर्मी गंगा की धारा के प्रवाह और बांधों का निरीक्षण कर रहे हैं। कटानरोधी एवं बाढ़ सुरक्षा कार्यों के प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए हैं। -जितेंद्र अग्रवाल, अधीक्षण अभियंता
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