मैनपुरी जिले में बृहस्पतिवार की रात निचली गंग नहर में जगह-जगह खंदी लगने से करीब तीन हजार बीघा में खड़ी आलू, गेहूं एवं सरसों की फसल जलमग्न हो गई। बूंदाबांदी और कड़ाके की सर्दी में किसान फसल को बचाने के प्रयास में जुटे रहे।
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नहर में लगी खंदी
- फोटो : अमर उजाला
बड़े-बूढ़े और बच्चे खंदी पानी के लिए पूरी रात जागे। मदद के लिए अफसरों को फोन किए, लेकिन मदद नहीं मिली। किसानों का कहना था कि किसान अफसरों की लापरवाही से लुट गया है। अगर क्षमता से अधिक पानी नहर में नहीं छोड़ा जाता तो खंदी नहीं लगती।
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गांव तक पहुंचा नहर का पानी
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जिले में बृहस्पतिवार को पहले बेमौसम बारिश आफत बनकर बरसी। रात में निचली गंग नहर में सात स्थानों पर खंदी लग गई। इससे 20 गांव के सैकड़ों किसानों की हजारों बीघा फसल जलमग्न हो गई। इतना ही नहीं, पानी आसपास के गांवों तक पहुंच गया।
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रातभर खंदी बांधने में जुटे रहे किसान
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खेतों में पानी भरने से नुकसान की संभावना को लेकर किसानों के चेहरे मुरझाए गए। किसान रातभर निजी संसाधनों से खंदी पाटने में जुटे रहे। विभागीय उदासीनता को लेकर किसानों ने विरोध भी दर्ज कराया। दन्नाहार क्षेत्र में एक किलोमीटर नहर पटरी पर छह जगह खंदी लगी।
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नहर में लगी खंदी
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निचली गंग नहर इटावा ब्रांच में बृहस्पतिवार रात सात स्थानों पर खंदी लग गई। खंदी लगने की वजह नहर में पानी अधिक छोड़ा जाना बताया गया है। ग्रामीणों के अनुसार बृहस्पतिवार रात नहर में पानी अधिक छोड़ दिया गया। इससे रात करीब 12 बजे खंदी लगी।