बीमारी के लक्षण जानने के लिए एआई से पूछते हैं सवाल?: सलाह पर आंख मूंदकर न करें भरोसा, वरना हो सकता है नुकसान
एआई का इस्तेमाल हर क्षेत्र में बढ़ रहा है। फिर चाहे वह चिकित्सा हो या शिक्षा। अधिकतर लोग स्वास्थ्य संबंधी जानकारी के लिए एआई चैटबॉट का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन क्या आपको पता है कि गलत सलाह और अधूरी जानकारी की वजह से इलाज में देरी या स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचने का खतरा भी हो सकता है। एक्सपर्ट्स ने एआई से मिली जानकारी की जांच करने और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से सलाह लेने की बात कही है।

सिरदर्द हो, थकान हो या किसी बीमारी के लक्षण समझने हों, अब अक्सर लोग डॉक्टर के पास जाने से पहले चैटजीपीटी जैसे चैटबॉट से जानकारी ले लेते हैं। इसकी वजह ये भी है कि एआई कभी भी सवालों के जवाब दे सकता है और यूजर को आसानी से उसकी भाषा में समझा सकता है, लेकिन क्या स्वास्थ्य से जुड़े हर सवाल के लिए एआई पर भरोसा करना सही है? यूनाइटेड किंगडम में हाल ही में हुए एक सर्वे और रिसर्च में चैटबॉट की कुछ सलाह गलत या असुरक्षित पाई गई। ऐसे में यह समझना जरूरी है कि स्वास्थ्य संबंधी जानकारी के लिए एआई का इस्तेमाल करते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
स्वास्थ्य संबंधी सवालों के लिए क्यों बढ़ रहा एआई का इस्तेमाल?
- मान लीजिए, एक महिला जिसकी उम्र तकरीबन 40 साल है, उसे लगातार थकान महसूस होती है। वह व्यस्त और चुनौतीपूर्ण नौकरी में पार्ट-टाइम काम करती हैं और उनके दो बच्चे प्राइमरी स्कूल में पढ़ते हैं। उन्हें अक्सर गुस्सा आता है और लगता है कि उनकी सोचने-समझने की क्षमता पहले जैसी नहीं रही। उनकी एक दोस्त बताती है कि ये पेरिमेनोपॉज के लक्षण हो सकते हैं।
- अब वह महिला इसके लिए डॉक्टर की अप्वाइंटमेंट लेती है, लेकिन पेरिमेनोपॉज के बारे में ज्यादा जानकारी न होने की वजह से वह पहले चैटजीपीटी से पूछती हैं कि यह क्या है और इसके इलाज के कौन-कौन से विकल्प उपलब्ध हैं।
- यह उदाहरण बताता है कि लोग स्वास्थ्य संबंधी जानकारी जुटाने के लिए एआई चैटबॉट्स का सहारा किस तरह ले रहे हैं। एक अनुमान के मुताबिक, 30 से 55 प्रतिशत वयस्क बताते हैं कि उन्होंने अपनी सेहत से जुड़े मामलों में चैटजीपीटी या दूसरे लार्ज लैंग्वेज मॉडल का इस्तेमाल किया है। यह चलन लगातार बढ़ रहा है।
- इतना ही नहीं, अगर आप सीधे किसी एआई चैटबॉट से सवाल नहीं पूछते, तब भी गूगल पर सर्च करने के दौरान कई बार एआई की ओर से तैयार की गई जानकारी दिखाई देती है। ऐसे में एआई स्वास्थ्य संबंधी जानकारी का एक आम जरिया बनता जा रहा है।

लोग स्वास्थ्य के लिए एआई चैटबॉट्स का इस्तेमाल क्यों करते हैं?
- यूनाइटेड किंगडम में हाल ही में हुए एक सर्वे में कहा गया है कि कुछ लोग केवल अपनी उत्सुकता की वजह से चैटबॉट से सवाल पूछते हैं। वहीं, हर तीन में से एक से ज्यादा लोगों ने इनका इस्तेमाल यह तय करने के लिए किया कि उन्हें डॉक्टर को दिखाने की जरूरत है या नहीं।
- इस सर्वे में करीब आधे लोगों ने चैटबॉट्स को सामान्य स्वास्थ्य सेवाओं से ज्यादा सुविधाजनक बताया। इसकी एक बड़ी वजह यह है कि लोगों के मन में कई सवाल रात या सुबह के समय आते हैं, जब पारंपरिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध नहीं होतीं।
- चैटबॉट का इस्तेमाल करने वाले आधे से ज्यादा लोगों को लगा कि इससे उनके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को फायदा हुआ।

माइक्रोसॉफ्ट कोपायलट पर हुई पांच लाख से ज्यादा बातचीत का विश्लेषण
- 2026 में माइक्रोसॉफ्ट कोपायलट पर हुई पांच लाख से ज्यादा स्वास्थ्य संबंधी बातचीत का विश्लेषण किया गया। इसमें सामने आया कि हर पांच में से एक बातचीत लोगों के पर्सनल सिमटम्स और इलाज से जुड़ी थी। इनमें कई सवाल यूजर ने अपने बजाय किसी दूसरे व्यक्ति, जैसे बच्चे या परिवार के सदस्य के स्वास्थ्य के बारे में पूछे थे।
- ऑस्ट्रेलिया में किए गए एक राष्ट्रीय सर्वे के नतीजे भी इसी तरह के रहे। स्वास्थ्य संबंधी जानकारी के लिए चैटजीपीट का इस्तेमाल करने वाले लोगों में से एक-तिहाई से ज्यादा ने ऐसा अपने लक्षणों का मतलब समझने के लिए किया।
- वहीं, आधे लोगों ने किसी खास स्वास्थ्य समस्या के बारे में जानकारी जुटाने के लिए इसका इस्तेमाल किया।
क्या डॉक्टर की बजाय एआई से पूछना ज्यादा आसान?
- सर्वे में यह भी कहा गया है कि कई बार स्वास्थ्य संबंधी जानकारी को लेकर कई ऐसे मेडिकल के टर्म होते हैं, जो काफी कठिन होते हैं। डॉक्टर के पास इतना समय नहीं होता कि वह आपको आसानी से विस्तार से समझा सके। इसलिए कई मरीजों को लगता है कि उनके पास अपने सभी सवाल पूछने के लिए पर्याप्त समय नहीं है। कुछ लोग डॉक्टर से सवाल पूछने में झिझक भी महसूस करते हैं।
- इसके उलट, एआई चैटबॉट आसानी से यूजर की भाषा में ही उसी बात को समझा देता है। यहां उसे इस बात की झिझक भी नहीं होती कि कोई उसके सवालों को लेकर क्या सोचेगा।