Telegram: न ऑफिस, न बड़ी टीम... केवल 30 कर्मचारियों के साथ कैसे चलती है टेलीग्राम, जानिए अंदर की बात
Telegram: दुनिया भर में एक अरब से ज्यादा लोग टेलीग्राम का इस्तेमाल करते हैं। आपको जानकर हैरानी होगी कि इतनी बड़ी कंपनी का कोई ऑफिस नहीं है और इसमें सिर्फ 30 लोग काम करते हैं! भारत में हालिया विवादों के बीच, आइए आसान भाषा में समझते हैं कि बिना ऑफिस और एचआर के टेलीग्राम करोड़ों की कमाई कैसे करता है।

हाल ही में नीट-यूजी (NEET UG) 2026 पेपर लीक के मामले में भारत सरकार ने मैसेजिंग प्लेटफॉर्म टेलीग्राम (Telegram) पर अस्थायी बैन लगा दिया है। यह बैन 22 जून 2026 तक लागू है, जबकि टेलीग्राम के मैसेज एडिटिंग फीचर पर 30 जून तक प्रतिबंध लगाया गया है। आपने भी कभी न कभी टेलीग्राम का इस्तेमाल किया ही होगा। इसमें कई ऐसे फीचर्स हैं जो इसे व्हाट्सएप (WhatsApp) से अलग बनाते हैं।
टेलीग्राम के दुनिया भर में 100 करोड़ से ज्यादा एक्टिव यूजर्स हैं। वहीं, अकेले भारत में इसके 15 करोड़ से ज्यादा लोग यूज करते हैं। हालांकि, टेलीग्राम के काम करने का तरीका दूसरे मैसेजिंग प्लेटफॉर्म से बिल्कुल अलग है। आइए इस मैसेजिंग एप के बारे में कुछ खास बातें आपको बताते हैं...

बिना ऑफिस वाली अरबों की कंपनी
यूजर्स की इतनी बड़ी संख्या देखकर किसी को भी लगेगा कि इस कंपनी में हजारों कर्मचारी काम करते होंगे और इनका कोई बहुत बड़ा आलीशान ऑफिस होगा। लेकिन सच्चाई एकदम अलग है। उपलब्ध जानकारियों के मुताबिक, टेलीग्राम का कोई भी सेंट्रल ऑफिस नहीं है और पूरी कंपनी में सिर्फ 30 लोग काम करते हैं। इस कंपनी का ऑपरेशनल हेडक्वार्टर दुबई में है, लेकिन ये 30 कर्मचारी दुनिया के अलग-अलग कोनों से घर बैठे (रिमोट वर्क) काम करते हैं। यहां तक कि कंपनी में कोई एचआर विभाग भी नहीं है और सारे इंजीनियर सीधे कंपनी के फाउंडर पावेल दुरोव को अपनी रिपोर्ट देते हैं।

टेलीग्राम कैसे संभलता है करोड़ों यूजर्स?
हाल ही में भारत सरकार द्वारा टेलीग्राम पर लगाए गए एक अस्थायी बैन के बाद से यह एप काफी सुर्खियों में आ गया। हर कोई इसके काम करने के तरीके को समझना चाहता है। अब सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि सिर्फ तीस लोग मिलकर दुनियाभर के अरबों लोगों को कैसे संभालते हैं? इसका सीधा सा जवाब है आधुनिक तकनीक। ये इंजीनियर अपना ज्यादातर काम ऑटोमेशन, बॉट्स और एडवांस क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर के भरोसे करते हैं।
एप में किसी भी तरह का सपोर्ट देना हो या सर्वर को संभालना हो, यह सब काम मशीनें और बॉट्स खुद कर लेते हैं। टीम छोटी होने से कंपनी का खर्च तो बहुत बचता है, लेकिन इसके कुछ नुकसान भी हैं। कई बार एप पर मौजूद गलत चीजों (कंटेंट मॉडरेशन) को रोकने में छोटी टीम होने की वजह से टेलीग्राम विवादों में घिर जाता है।
- Apple Price Hike: iPhone से लेकर MacBook तक सब होने वाला है महंगा! Apple ने दिए कीमत बढ़ाने के संकेत
- Smartphone Kill Switch: अब चोरी का फोन नहीं आएगा किसी काम, लॉन्च हुआ 'किल स्वीच', जानें कैसे करता है काम
- फैक्ट्री रीसेट करने ने नहीं मिटता पूरा डेटा: 69% भारतीय पुराना स्मार्टफोन बेचने से कतरा रहे, डेटा लीक का है डर
- खत्म हो सकता है ‘प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग’ का दौर: Anthropic के को-फाउंडर बोले- अब AI खुद लिखेगा अपने निर्देश