मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की समाजवादी विकास रथयात्रा शुरू होने से पहले ही लामार्टिनियर मैदान पर सपाई आपस में ही भिड़ गए। धक्का-मुक्की और गाली-गलौज हुई तो जमकर कुर्सियां भी चलीं। बहुत से कार्यकर्ता तो मीडिया स्टैंड में आ गए।
मंच से अनुशासन बनाए रखने की अपील की जा रही थी तो नीचे कार्यकर्ता मंच के नजदीक पहुंचने के लिए अनुशासन तार-तार करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे थे। यह सिलसिला सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव व अखिलेश समेत अन्य वरिष्ठ नेताओं के मंच पर पहुंचने के बाद तक जारी रहा। आखिरकार अखिलेश की रथयात्रा अफरा-तफरी, धक्का-मुक्की और हंगामे के बीच ही रवाना हुई।
रथयात्रा में शिरकत करने प्रदेश भर से राजधानी पहुंचे बड़ी संख्या में नेता-कार्यकर्ता सुबह से ही मुख्यमंत्री के सरकारी आवास के सामने लामार्टिनियर ग्राउंड पर इकट्ठा होने लगे थे। यात्रा की रवानगी का वक्त 9 बजे तय था।
यात्रा को हरी झंडी दिखाने के लिए बनवाए गए मंच के सामने भारी भीड़ जमा हो गई थी। मंच से बार-बार कार्यकर्ताओं से अनुशासित रहने की अपील की जा रही थी, लेकिन सपाई कुछ सुनने को तैयार नहीं थे।
9 बजे तक अखिलेश समेत अन्य नेता ग्राउंड पर नहीं पहुंचे तो सुबह से इंतजार कर रहे कार्यकर्ताओं के सब्र का बांध टूटने लगा। काफी पहले से ही मंच के करीब डटे पश्चिमी यूपी के कार्यकर्ताओं की सपाइयों के दूसरे गुट से उस समय भिडंत हो गई जब देर से पहुंचने के बाद भी वे अपने-पोस्टर बैनर लेकर आगे जाने लगे। पहले दोनों गुटों में झड़प हुई और फिर मामला धक्का-मुक्की और गाली-गलौच तक पहुंच गया।