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गुड न्यूज: छोटे बच्चों की इस समस्या से सभी माता-पिता रहते हैं परेशान, आयुर्वेद ने ढूंढा इलाज

Tue, 06 Oct 2026 05:00 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिलाष श्रीवास्तव Updated Tue, 06 Oct 2026 05:00 PM IST
सार
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Bedwetting In Children: बच्चों का रात में नींद के दौरान बिस्तर गीला करना यानी बेडवेटिंग काफी आम है। इसके पीछे मूत्राशय का विकास, गहरी नींद, रात में ज्यादा पेशाब बनना और कब्ज जैसे कारण हो सकते हैं। बच्चे को डांटने के बजाय समस्या को समझना जरूरी है। 

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Bedwetting in Children causes how ayurveda can help in this problem
बच्चों में बेडवेटिंग की समस्या - फोटो : Amarujala.com/AI

रात में सोते-सोते छोटे बच्चों का बिस्तर गीला करना माता-पिता के लिए अक्सर चिंता का कारण बन जाता है। कई बार बच्चे को डांट भी पड़ती है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि कम उम्र में नींद के दौरान पेशाब हो जाना यानी बेडवेटिंग काफी आम समस्या है? खासकर जब बच्चा गहरी नींद में हो, तो उसे पेशाब आने का संकेत महसूस नहीं हो पाते और अनजाने में बिस्तर गीला हो जाता है।



स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, बेडवेटिंग को केवल बच्चे की लापरवाही नहीं समझना जाना चाहिए। इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं। बच्चों का मूत्राशय अभी पूरी तरह विकसित नहीं होता, गहरी नींद के दौरान उन्हें पेशाब का एहसास नहीं हो पाता या कभी-कभी तनाव जैसी स्थितियां भी इसका कारण बन सकती हैं। कुछ मामलों में पेट साफ न होने या कब्ज रहने पर भी मलाशय, मूत्राशय पर दबाव डालता है, जिससे रात में सोते समय पेशाब हो सकती है।

उम्र बढ़ने के साथ बच्चों में यह समस्या अपने आप कम होने लगती है। हालांकि, अगर बड़े होने के बाद भी ये दिक्कत बनी रहती है या दिन में भी पेशाब से जुड़ी परेशानी हो तो इस बारे में डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी हो जाता है।

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Bedwetting in Children causes how ayurveda can help in this problem
बच्चों में बेडवेटिंग की समस्या - फोटो : Freepik.com

आयुर्वेद से मिल सकता है आराम

रात में नींद के दौरान बिस्तर पर पेशाब करने की समस्या से परेशान बच्चों के लिए योग और आयुर्वेद का साथ फायदेमंद हो सकता है। जामनगर स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ टीचिंग एंड रिसर्च इन आयुर्वेद के विशेषज्ञों के अध्ययन में आयुर्वेदिक दवा के साथ नियमित योग करने वाले बच्चों में बिस्तर गीला करने की समस्या में करीब 70 फीसदी तक सुधार देखा गया। सिर्फ आयुर्वेदिक दवा लेने वाले बच्चों में यह सुधार करीब 38 फीसदी रहा।
 

  • अध्ययन में 6 से 14 साल के करीब 38 बच्चों को आठ हफ्ते तक देखा गया। बच्चों को दो समूहों में रखा गया था।
  • एक समूह को सिर्फ आयुर्वेदिक दवा दी गई। दूसरे को यही दवा देने के साथ सुबह-शाम चार आसान योगासन कराए गए।
  • अध्ययन में मेध्य रसायन चूर्ण का इस्तेमाल किया गया।
Bedwetting in Children causes how ayurveda can help in this problem
बच्चों की हेल्थ समस्याएं - फोटो : Freepik.com

दवा के साथ योगासन वालों में ज्यादा सुधार

मेध्य रसायन चूर्ण में ब्राह्मी, शंखपुष्पी, मुलेठी और गिलोय शामिल थे। दूसरे समूह के बच्चों ने इसके साथ उत्कटासन, अर्ध-शलभासन, भुजंगासन और शवासन किए। आठ हफ्ते बाद दूसरे समूह में बिस्तर गीला करने की समस्या में करीब 70 फीसदी सुधार दर्ज हुआ। केवल दवा वाले समूह में सुधार करीब 38 फीसदी रहा। अध्ययन में दूसरे फायदे भी सामने आए।
 

  • स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं बच्चों के बिस्तर गीला करने के पीछे कई बार टाइप-1 डायबिटीज और हार्मोन्स से संबंधित समस्याएं भी कारण हो सकती हैं। इसलिए अगर बड़े होने पर भी बच्चे में ये दिक्कतें बनी रहती हैं तो समय रहते इसके कारणों की जांच और इलाज जरूरी है।




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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। ये रिपोर्ट आज के समाचार पत्र में प्रकाशित रिपोर्ट के आधार पर तैयार की गई है। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

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