फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Hamirpur (Himachal) News ›   Hamirpur Student Safe Smart Bridge Flood Sensor Model

हिमाचल: पुल पर पानी छूते ही दोनों छोर होंगे लॉक, अपने आप लगेंगे बैरिकेड; हमीरपुर की छात्रा भार्गवी का कमाल

Thu, 08 Oct 2026 11:46 AM IST
Ankesh Dogra बवीता चंदेल, हमीरपुर।
बवीता चंदेल, हमीरपुर। Published by: Ankesh Dogra Updated Thu, 08 Oct 2026 11:46 AM IST
सार
Register For Event

हिमाचल के हमीरपुर जिले के दुर्गम ऊहल क्षेत्र की छात्रा भार्गवी ठाकुर ने बरसात में पुलों पर होने वाले हादसों को रोकने के लिए स्मार्ट मॉडल तैयार किया है। पुल पर पानी खतरे के स्तर तक पहुंचते ही सेंसर सक्रिय होंगे और दोनों छोर पर लगे बैरिकेड अपने आप बंद हो जाएंगे। हूटर और लाल बत्ती के जरिए वाहन चालकों को भी खतरे की चेतावनी मिलेगी।

विज्ञापन
Hamirpur Student Safe Smart Bridge Flood Sensor Model
12वीं की छात्रा ने कर दिखाया कमाल! - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

पहाड़ी क्षेत्रों में बरसात के दौरान नदी-नालों का जलस्तर अचानक बढ़ना अक्सर जानलेवा साबित हो जाता है। कई बार पुल के ऊपर पानी बहने के बावजूद वाहन चालक जोखिम उठाकर उसे पार करने की कोशिश करते हैं। इसी समस्या का तकनीकी समाधान तलाशते हुए हमीरपुर की एक स्कूली छात्रा ने ऐसा मॉडल तैयार किया है, जो खतरा बढ़ते ही पुल पर वाहनों की आवाजाही रोकने में मदद करेगा।

विज्ञापन




राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला ऊहल की 12वीं कक्षा की नॉन मेडिकल छात्रा भार्गवी ठाकुर ने ‘सेफ एंड स्मार्ट ब्रिज’ मॉडल तैयार किया है। सुजानपुर में आयोजित बाल विज्ञान सम्मेलन में प्रस्तुत किए गए इस मॉडल का चयन अब जिलास्तरीय बाल विज्ञान सम्मेलन के लिए हुआ है।
विज्ञापन


पानी बढ़ते ही बंद होंगे दोनों छोर के बैरिकेड
भार्गवी के मॉडल में पुल के दोनों सिरों पर सेंसर से जुड़े स्वचालित बैरिकेड लगाए गए हैं। जैसे ही पुल पर पानी का स्तर निर्धारित खतरे की सीमा तक पहुंचेगा, सेंसर सक्रिय हो जाएंगे। सेंसर के सक्रिय होते ही दोनों तरफ के बैरिकेड अपने आप बंद हो जाएंगे और पुल पर वाहनों की आवाजाही रोक दी जाएगी। इसके साथ ही हूटर बजने और लाल चेतावनी लाइट जलने की व्यवस्था भी की गई है। इससे वाहन चालकों को ध्वनि और दृश्य दोनों माध्यमों से खतरे का संकेत मिलेगा और वे पुल पर पहुंचने से पहले ही रुक सकेंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन
Trending Videos

पुल क्षतिग्रस्त होने की स्थिति में भी रोकने की योजना
भार्गवी ने बताया कि पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश के दौरान नदियों और नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है। कई बार तेज बहाव के कारण पुल को नुकसान पहुंचने का खतरा भी रहता है। ऐसे समय में बाहर से पुल की वास्तविक स्थिति का अंदाजा लगाना मुश्किल हो सकता है। मॉडल में इसी जोखिम को ध्यान में रखते हुए ऐसी व्यवस्था की परिकल्पना की गई है, जो खतरे की स्थिति में वाहनों को पुल पर जाने से रोक सके।

हिमाचल की आपदाओं से मिली मॉडल बनाने की प्रेरणा
भार्गवी के मुताबिक पिछले कुछ वर्षों में हिमाचल प्रदेश में बारिश और आपदाओं के दौरान पुलों के क्षतिग्रस्त होने की घटनाओं ने उन्हें इस दिशा में सोचने के लिए प्रेरित किया। शिक्षकों के मार्गदर्शन में तैयार किए गए इस मॉडल का मुख्य उद्देश्य लोगों को समय रहते चेतावनी देना और संभावित हादसों को कम करना है।

सुजानपुर में प्रस्तुति के बाद जिलास्तर के लिए चयन
भार्गवी ने सुजानपुर ब्लॉक में आयोजित बाल विज्ञान सम्मेलन में ‘सेफ एंड स्मार्ट ब्रिज’ मॉडल प्रस्तुत किया था। मॉडल की कार्यप्रणाली और समस्या के व्यावहारिक समाधान को देखते हुए इसका चयन जिलास्तरीय बाल विज्ञान सम्मेलन के लिए किया गया। दुर्गम क्षेत्र के सरकारी स्कूल की छात्रा की इस पहल की स्थानीय स्तर पर भी सराहना हो रही है।

जिला विज्ञान पर्यवेक्षक ने की सराहना
जिला विज्ञान पर्यवेक्षक राजेश गौतम ने कहा कि दुर्गम क्षेत्र के स्कूल की छात्रा ने उपयोगी आइडिया प्रस्तुत किया है। अब छात्रा जिलास्तर पर इस मॉडल को पेश करेगी। अगर इस तरह की तकनीक को वास्तविक परिस्थितियों के अनुरूप विकसित किया जाए तो बरसात के दौरान जलस्तर बढ़ने और पुलों के क्षतिग्रस्त होने से जुड़े जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed