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MP: महिला आरक्षण पर घमासान, कांग्रेस ने तत्काल 33% आरक्षण की उठाई मांग, भाजपा ने रखा ‘नारी शक्ति वंदन’ संकल्प

Mon, 27 Apr 2026 03:58 PM IST
भोपाल ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: भोपाल ब्यूरो Updated Mon, 27 Apr 2026 03:58 PM IST
सार
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Nari Shakti Vandan Act: 'नारी शक्ति वंदन' अधिनियम को लेकर आज मध्य प्रदेश विधानसभा का माहौल गर्म रहा। एक और मौसम की तपिश तो दूसरी और भाजपा-कांग्रेस के इस मुद्दे पर अपने-अपने दावे बहस को काफी दिलचस्प बना रहे हैं। चलिए जानते हैं सत्र के दौरान किसने क्या कहा?

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विशेष सत्र पर पक्ष-विपक्ष के बीच दिखी तकरार। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मध्य प्रदेश विधानसभा में सोमवार को  'नारी शक्ति वंदन' अधिनियम को लेकर विशेष सत्र आयोजित किया गया। सुबह सबसे पहले दोनों दलों ने अपनी-अपनी विधायक दल की बैठक में रणनीतिक मुद्दों पर चर्चा की। कैसे विधानसभा में अपनी बात व मुद्दे पटल पर रखना है ऐसे तमाम विषयों खाका तैयार किया गया।
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सुबह नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के निवास पर मध्य प्रदेश कांग्रेस विधायक दल की बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि मध्य प्रदेश कांग्रेस विधानसभा में प्रस्ताव लाकर प्रदेश की सभी 230 विधानसभा सीटों पर महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने की मांग उठाएगी।  बैठक में महिलाओं को राजनीतिक रूप से सशक्त बनाने और उन्हें अधिक प्रतिनिधित्व देने पर विशेष जोर दिया गया।
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वहीं,  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर की अध्यक्षता में कार्य मंत्रणा समिति की बैठक मुख्यमंत्री निवास में आयोजित की गई है। इसके बाद मध्य प्रदेश विधानसभा में विशेष सत्र की कार्यवाही शुरू की गई। इस बीच विधानसभा में सुप्रसिद्ध पार्श्व गायिका आशा भोंसले को श्रद्धांजलि दी गई। विधानसभा के पूर्व सदस्य गणेश प्रसाद वारी, यादवेंद्र सिंह, पूर्व केंद्रीय मंत्री कप उन्नीकृष्णन मोहसिना, अबू हाशिम खान चौधरी समेत पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री बिरेन सिंह को विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने सदन की तरफ से शोकाकुल परिवारों के लिए संवेदना प्रकट की. सदन ने 2 मिनट मौन रह कर श्रद्धांजलि दी। 
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सदन में ‘नारी शक्ति वंदन संकल्प’ प्रस्तुत किया। संकल्प में देश की संसद और सभी विधानसभाओं में महिलाओं को एक-तिहाई आरक्षण देने और परिसीमन प्रक्रिया पूरी कर इसे तत्काल प्रभाव से लागू करने की बात कही गई।

'नारी शक्ति पुरुषों के बराबर अधिकारों की हकदार'
विधानसभा में महिला आरक्षण पर चर्चा के दौरान विधायक व भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि यह केवल एक विषय नहीं, बल्कि देश की दिशा तय करने वाला मुद्दा है। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति पुरुषों के बराबर अधिकारों की हकदार है और सदन को रानी लक्ष्मीबाई व अहिल्याबाई होलकर के सुशासन से प्रेरणा लेनी चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि दुनिया के कई देशों में महिलाओं की स्थिति पर ध्यान देने की आवश्यकता है और भारत भी उन देशों में शामिल हो सकता है, जहां 33 प्रतिशत आरक्षण दिया जा रहा है। खंडेलवाल ने जोर देते हुए कहा कि जब तक आधी आबादी को पूरा न्याय नहीं मिलेगा, तब तक महिला विकास की परिकल्पना साकार नहीं हो सकती।

अमेरिका में सात लाख की आबादी पर एक सांसद है, पाकिस्तान में पांच लाख की आबादी पर और  ब्रिटेन में 70 हजार की आबादी पर एक सांसद है। हमारे यहां 30 लाख से अधिक लोगों पर एक सांसद है। वर्तमान की 543 सीट 1971 की  54 करोड़ जनसंख्या पर थी। आज हमारे देश की जनसंख्या 124 करोड़ के पार है। सीट बढ़ने से संसद पर दबाव भी काम होगा।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा- भाजपा महिला आरक्षण टाल रही 
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि कांग्रेस विधायक दल द्वारा महिलाओं को तत्काल प्रभाव से वर्तमान सीटों पर 33% आरक्षण देने के लिए लाए गए अशासकीय संकल्प को सरकार द्वारा स्वीकार न करना यह स्पष्ट करता है कि भाजपा की मंशा महिला सशक्तिकरण नहीं, बल्कि केवल राजनीतिक दिखावा है। महिलाओं के सम्मान और उनके अधिकारों की लड़ाई को मजबूती से उठाते रहेंगे।

सिंघार ने कहा कि भाजपा के प्रस्ताव में साफ है कि आरक्षण 2028-29 के बाद, परिसीमन के बाद लागू किया जाएगा। उनका कहना था कि यह महिलाओं को तत्काल लाभ देने की मंशा नहीं दिखाता। उन्होंने बताया कि विपक्ष की मांग है कि वर्तमान सीटों के आधार पर ही विधानसभा और लोकसभा में तुरंत महिला आरक्षण लागू किया जाए।

 'कांग्रेस कभी नहीं चाहती कि महिलाओं को आरक्षण मिले'
सदन में मंत्री कृष्णा गौर ने कहा कि महिला सशक्तिकरण की तस्वीर सामने दिखाई देने वाली थी। इस देश में समय-समय पर समाज सुधारकों ने नारियों के हित में और नारियों को मुख्य धारा में लाने का काम किया है। इसी व्यवस्था को आगे बढ़ने का काम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कर रहे हैं। महिलाओं को राजनैतिक अधिकार मिलना चाहिए। महिलाओं के हित मे कई योजना बनाई गई हैं। देश की महिलाओं ने पीएम नरेंद्र मोदी पर विश्वास किया है। लेकिन कांग्रेस की सोच अच्छी नहीं है। कांग्रेस कभी नहीं चाहती कि महिलाओं को आरक्षण मिले।

केंद्र सरकार ने 3 दिन का विशेष सत्र बुलाया, तो उम्मीद थी कि महिलाओं को उनका हक मिलेगा, लेकिन कांग्रेस ने अपना असली चेहरा और चरित्र दिखाया। यह कभी नहीं चाहते कि इस देश में महिलाओं को आरक्षण मिले और महिलाएं आगे बढ़ें, क्योंकि इनकी सोच और नीयत कभी महिलाओं के सम्मान की रही ही नहीं है। मैं ओबीसी समाज की महिला हूं। दलील दी गई कि इस वर्ग को आरक्षण नहीं मिलेगा। मैं दावे के साथ कहती हूं कि ओबीसी वर्ग को कभी भी कांग्रेस ने समर्थन नहीं दिया।

 पूर्व नेता प्रतिपक्ष बोले-परिसीमन क्यों जरूरी?
कांग्रेस विधायक व पूर्व नेता पूर्व नेताप्रतपक्ष अजय सिंह ने महिला आरक्षण को लेकर सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि अगर महिलाओं को आरक्षण देना है, तो मौजूदा सीटों के आधार पर ही इसे लागू किया जा सकता है, फिर परिसीमन की जरूरत क्यों बताई जा रही है?  सिंह ने कहा कि इस मुद्दे पर विशेष सत्र बुलाया गया है। लेकिन सरकार स्पष्ट जवाब देने से बच रही है। उनके मुताबिक, महिला आरक्षण को टालने के लिए परिसीमन को कारण बनाया जा रहा है।

मध्य प्रदेश विधानसभा के 27 अप्रैल के विशेष सत्र में कांग्रेस विधायक अभिजीत शाह अलग अंदाज में नजर आए। वे ट्रैक्टर लेकर विधानसभा पहुंचे। हालांकि, ट्रैक्टर को बाहर ही रोक दिया गया, लेकिन वे अंदर गेहूं की बालियां लेकर पहुंचे और किसानों के मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाया।

 'किसानों को गेहूं की कम कीमत क्यों दी जा रही है'?
अभिजीत शाह ने कहा कि राजस्थान में भाजपा सरकार किसानों से गेहूं 2735 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीद रही है, तो मध्य प्रदेश में किसानों को कम कीमत क्यों दी जा रही है? उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश के किसानों के साथ अन्याय हो रहा है और उन्हें गुमराह किया जा रहा है। यहां भले ही महिला आरक्षण पर चर्चा हो रही है, लेकिन किसानों की परेशानियों पर भी गंभीरता से बात करना जरूरी है।



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'संशोधन विधेयक लाकर महिलाओं को गुमराह किया जा रहा'
कांग्रेस विधायक सोहनलाल वाल्मीकि ने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा महिला आरक्षण का समर्थन किया है और वर्ष 2023 में भी इसका समर्थन किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा अब तक इसे लागू नहीं कर पाई है और संशोधन विधेयक लाकर महिलाओं को गुमराह किया जा रहा है। उनके अनुसार, जनगणना और परिसीमन के नाम पर महिला आरक्षण को जानबूझकर रोका जा रहा है।

वाल्मीकि ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के कुछ मंत्री महिलाओं के प्रति आपत्तिजनक बयान देते रहे हैं, जो महिला सम्मान के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार वास्तव में महिलाओं के सम्मान को लेकर गंभीर है, तो आदिवासी, अनुसूचित जाति और महिलाओं के खिलाफ हो रहे अपराधों पर एक विशेष सत्र बुलाया जाना चाहिए।


 

 


 

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