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इंदौर: एमबीबीएस काउंसलिंग में अंतरिम राहत के बावजूद अभ्यर्थियों को नहीं मिल रहा लाभ

Wed, 07 Oct 2026 07:01 AM IST
Abhishek Chendke न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर Published by: Abhishek Chendke Updated Wed, 07 Oct 2026 07:01 AM IST
सार
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 हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने एमबीबीएस काउंसलिंग 2026 से जुड़े दो मामलों में अभ्यर्थियों को अंतरिम राहत देते हुए मॉप-अप राउंड में एनआरआई श्रेणी का विकल्प चुनने की अनुमति दी है।कुछ अभ्यर्थियों ने  डीएमई पर राहत का लाभ नहीं देने का आरोप लगाया है।

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Indore: Candidates not receiving benefits despite interim relief in MBBS counselling.
इंदौर हाईकोर्ट

विस्तार

मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर खंडपीठ ने एमबीबीएस काउंसलिंग 2026 से जुड़े दो रिट प्रकरणों में अभ्यर्थियों को अंतरिम राहत देते हुए उन्हें मॉप-अप राउंड की काउंसलिंग में शामिल होने की अनुमति दी है। न्यायालय के आदेश के बावजूद कुछ अभ्यर्थियों का कहना है कि उन्हें इस राहत का लाभ नहीं मिल पा रहा है। अभ्यर्थियों ने चिकित्सा शिक्षा संचालनालय (डीएमई) के स्तर पर आदेश का पालन नहीं करने का आरोप लगाया है।

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याचिकाकर्ताओं के वकील हेमेन्द्र जैन का कहना है कि हाईकोर्ट की खंडपीठ ने दो रिट याचिका पर अंतरिम आदेश पारित किया याचिकाकर्ताओं को मॉप-अप राउंड की काउंसलिंग में सम्मिलित होने की अनुमति दी है। इसके तहत अभ्यर्थी अपनी प्रोफाइल में आवश्यक परिवर्तन या दस्तावेज अपलोड कर एनआरआई श्रेणी का विकल्प चुन सकेंगे। न्यायालय ने प्रथम दृष्टया माना कि मामले में अंतरिम राहत देने का आधार बनता है।

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केंद्र सरकार की 15 जुलाई 2025 और 26 सितंबर 2025 की अधिसूचनाओं के माध्यम से अभ्यर्थियों कोराउंड-2 और राउंड-3 में भारतीय श्रेणी से एनआरआई श्रेणी में परिवर्तन की सुविधा दी गई थी। इसी आधार पर काउंसलिंग प्रक्रिया में एनआरआई विकल्प का लाभ दिए जाने की मांग की थी।

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न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि दी गई सुविधा पूरी तरह अंतरिम है। याचिकाकर्ता इस आदेश के आधार पर किसी स्थायी अधिकार का दावा नहीं कर सकेंगे। यदि उन्हें प्रवेश मिलता है तो वह संबंधित रिट याचिकाओं के अंतिम निर्णय के अधीन रहेगा। अब इस मामले में 28 अक्टूबर को सुनवाई होना है।


 

कुछ अभ्यर्थियों का आरोप है कि हाईकोर्ट से अंतरिम राहत मिलने के बाद जब वे आदेश के अनुपालन के लिए चिकित्सा शिक्षा संचालनालय से संपर्क कर रहे हैं, तो उन्हें मदद नहीं मिल रही है।यदि न्यायालय ने उन्हें मॉप-अप राउंड में एनआरआई श्रेणी चुनने की अनुमति दी है, तो संबंधित विभाग को आदेश के अनुरूप काउंसलिंग प्रक्रिया में उन्हें अवसर देना चाहिए।

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