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विजय शाह मामला: राज्यपाल ने कैबिनेट के प्रस्ताव पर लगाई मुहर, अभियोजन न चलाने की मंजूरी
Tue, 01 Sep 2026 07:07 AM IST
Anand Pawar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Anand Pawar
Updated Tue, 01 Sep 2026 07:07 AM IST
विजय शाह के विवादित बयान से जुड़े मामले में सोमवार देर रात राज्यपाल मंगू भाई पटेल ने कैबिनेट के प्रस्ताव पर सहमति दे दी। इससे शाह के खिलाफ अभियोजन चलाने की अनुमति नहीं देने का रास्ता साफ हो गया। सुप्रीम कोर्ट में दिन में हुई सुनवाई के दौरान SIT ने जांच पूरी होने की जानकारी दी थी, जबकि कोर्ट ने अभियोजन मंजूरी के मामले में राज्यपाल के फैसले का इंतजार करने को कहा था।
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मंत्री विजय शाह और कर्नल सौफिया कुरैशी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर दिए गए मंत्री विजय शाह के विवादित बयान के मामले में सोमवार देर राज्यपाल मंगू भाई पटेल ने निर्णय ले लिया। उन्होंने विजय शाह के खिलाफ अभियोजन चलाने की अनुमति नहीं देने संबंधी मध्य प्रदेश कैबिनेट के प्रस्ताव पर सहमति दे दी। यह फैसला सुप्रीम कोर्ट में मामले की सुनवाई के बाद हुआ। राज्यपाल के भोपाल लौटने के बाद देररात मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल ने सोमवार को लोक भवन पहुंचकर उनसे मुलाकात की थी। इसके बाद विजय शाह से संबंधित फाइल राज्यपाल के समक्ष रखी गई। सूत्रों के मुताबिक, राज्यपाल ने फाइल का अवलोकन करने के बाद कैबिनेट के प्रस्ताव पर अपनी सहमति दे दी।
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सुप्रीम कोर्ट में एसआईटी ने बताया- जांच पूरी
विजय शाह के खिलाफ दर्ज मामले की सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ के सामने विशेष जांच दल (SIT) ने बताया कि मामले की जांच पूरी हो चुकी है। जांच रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में अदालत के समक्ष पेश की गई है। एसआईटी की ओर से बताया गया कि जांच पूरी होने के बाद चार्जशीट या क्लोजर रिपोर्ट दाखिल करने के लिए अभियोजन की मंजूरी जरूरी है। सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि कैबिनेट इस मामले पर विचार कर चुकी है और फाइल अंतिम निर्णय के लिए राज्यपाल के पास भेजी गई है।
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कोर्ट ने राज्यपाल के फैसले में दखल नहीं दिया
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने अभियोजन की मंजूरी के मुद्दे पर हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया। अदालत ने कहा कि सक्षम प्राधिकारी को इस पर फैसला लेने दिया जाए। कोर्ट ने यह भी कहा कि जांच पूरी हो चुकी है और अब संबंधित प्राधिकारी के निर्णय का इंतजार किया जाना चाहिए। सरकार की ओर से अदालत में विजय शाह की ओर से मांगी गई माफी का भी उल्लेख किया गया। बताया गया कि विवादित टिप्पणी के अगले ही दिन मंत्री ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगी थी।
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अनुमति नहीं मिलने पर क्लोजर रिपोर्ट होगी दाखिल
सुप्रीम कोर्ट ने यह भी पूछा कि यदि अभियोजन की अनुमति नहीं दी जाती है तो आगे की कार्रवाई क्या होगी। इस पर एसआईटी की ओर से बताया गया कि ऐसी स्थिति में संबंधित अदालत में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की जाएगी। विजय शाह का यह मामला कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर की गई उनकी विवादित टिप्पणी का है। टिप्पणी के बाद मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने मामले का स्वत: संज्ञान लिया था। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर जांच के लिए विशेष जांच दल का गठन किया गया था। अब राज्यपाल की ओर से कैबिनेट के प्रस्ताव पर सहमति दिए जाने के बाद मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया इसी आधार पर आगे बढ़ेगी।
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चार बार माफी मांग चुके शाह
मोहन कैबिनेट में जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह ने 11 मई 2025 को इंदौर के महू के रायकुंडा गांव में आयोजित एक कार्यक्रम में कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर विवादित टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि आतंकियों ने कपड़े उतार-उतारकर हिंदुओं को मारा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनकी बहन को उनकी ऐसी की तैसी करने के लिए उनके घर भेजा। विजय शाह के इस बयान पर विवाद बढ़ने के बाद मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने मामले का स्वत: संज्ञान लिया था। कोर्ट ने पुलिस को विजय शाह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के निर्देश दिए थे। इस बीच मंत्री शाह ने अपने बयान को लेकर चार बार माफी मांगी। मोहन कैबिनेट ने उनकी माफी को लेकर ही उनके खिलाफ अभियानेजन स्वीकृति नहीं देने का फैसला लिया था।
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सुप्रीम कोर्ट में एसआईटी ने बताया- जांच पूरी
विजय शाह के खिलाफ दर्ज मामले की सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ के सामने विशेष जांच दल (SIT) ने बताया कि मामले की जांच पूरी हो चुकी है। जांच रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में अदालत के समक्ष पेश की गई है। एसआईटी की ओर से बताया गया कि जांच पूरी होने के बाद चार्जशीट या क्लोजर रिपोर्ट दाखिल करने के लिए अभियोजन की मंजूरी जरूरी है। सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि कैबिनेट इस मामले पर विचार कर चुकी है और फाइल अंतिम निर्णय के लिए राज्यपाल के पास भेजी गई है।
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कोर्ट ने राज्यपाल के फैसले में दखल नहीं दिया
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने अभियोजन की मंजूरी के मुद्दे पर हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया। अदालत ने कहा कि सक्षम प्राधिकारी को इस पर फैसला लेने दिया जाए। कोर्ट ने यह भी कहा कि जांच पूरी हो चुकी है और अब संबंधित प्राधिकारी के निर्णय का इंतजार किया जाना चाहिए। सरकार की ओर से अदालत में विजय शाह की ओर से मांगी गई माफी का भी उल्लेख किया गया। बताया गया कि विवादित टिप्पणी के अगले ही दिन मंत्री ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगी थी।
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अनुमति नहीं मिलने पर क्लोजर रिपोर्ट होगी दाखिल
सुप्रीम कोर्ट ने यह भी पूछा कि यदि अभियोजन की अनुमति नहीं दी जाती है तो आगे की कार्रवाई क्या होगी। इस पर एसआईटी की ओर से बताया गया कि ऐसी स्थिति में संबंधित अदालत में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की जाएगी। विजय शाह का यह मामला कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर की गई उनकी विवादित टिप्पणी का है। टिप्पणी के बाद मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने मामले का स्वत: संज्ञान लिया था। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर जांच के लिए विशेष जांच दल का गठन किया गया था। अब राज्यपाल की ओर से कैबिनेट के प्रस्ताव पर सहमति दिए जाने के बाद मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया इसी आधार पर आगे बढ़ेगी।
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चार बार माफी मांग चुके शाह
मोहन कैबिनेट में जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह ने 11 मई 2025 को इंदौर के महू के रायकुंडा गांव में आयोजित एक कार्यक्रम में कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर विवादित टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि आतंकियों ने कपड़े उतार-उतारकर हिंदुओं को मारा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनकी बहन को उनकी ऐसी की तैसी करने के लिए उनके घर भेजा। विजय शाह के इस बयान पर विवाद बढ़ने के बाद मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने मामले का स्वत: संज्ञान लिया था। कोर्ट ने पुलिस को विजय शाह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के निर्देश दिए थे। इस बीच मंत्री शाह ने अपने बयान को लेकर चार बार माफी मांगी। मोहन कैबिनेट ने उनकी माफी को लेकर ही उनके खिलाफ अभियानेजन स्वीकृति नहीं देने का फैसला लिया था।
