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“शिक्षा में गुणात्मक सुधार” पर विशेष सत्र: शिक्षकों की 100% उपस्थिति और नामांकन दर बढ़ाने के निर्देश
Wed, 08 Oct 2025 04:59 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Wed, 08 Oct 2025 04:59 PM IST
मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कहा कि विकसित मध्यप्रदेश के लक्ष्य को पाने के लिए शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार और शिक्षकों की शत-प्रतिशत उपस्थिति जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों से नामांकन दर बढ़ाने और आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों के 100% नामांकन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
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कलेक्टर्स कॉन्फ्रेंस 2025
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर में आयोजित कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस के दूसरे दिन बुधवार को “शिक्षा में गुणात्मक सुधार” पर विशेष सत्र आयोजित हुआ। मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कहा कि विकसित भारत के रोडमैप में शिक्षा एक मूलभूत तत्व है, जिसके बिना विकास के लक्ष्य हासिल नहीं किए जा सकते। उन्होंने निर्देश दिए कि सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित की जाए और लापरवाही बरतने वालों पर कठोर कार्रवाई की जाए। मुख्य सचिव ने कहा कि स्कूलों में बच्चों के नामांकन दर को बढ़ाने के लिए प्रयास तेज किए जाएं। उन्होंने शाला विकास समितियों में अभिभावकों और शिक्षा में रुचि रखने वाले व्यक्तियों को शामिल करने पर बल दिया। साथ ही शिक्षकों के प्रशिक्षण के लिए श्रेष्ठ शिक्षकों का समूह बनाकर प्रशिक्षण शेड्यूल तैयार करने के निर्देश दिए।
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सत्र के दौरान सचिव स्कूल शिक्षा डॉ. संजय गोयल ने बताया कि “विकसित मध्यप्रदेश-2047” के तहत प्रत्येक बच्चे को उच्च गुणवत्ता और मूल्य आधारित शिक्षा प्रदान करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि ई-अटेंडेंस ऐप के माध्यम से शिक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित की जा रही है, जिसमें राजगढ़ जिले ने 94 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज की है। महिला एवं बाल विकास विभाग की सचिव जीवी रश्मि ने बताया कि आंगनवाड़ी केंद्रों में “आधारशिला” और “नवचेतना” फ्रेमवर्क लागू किए गए हैं। वहीं, जनजातीय कार्य विभाग के प्रमुख सचिव गुलशन बामरा ने बताया कि विभाग की आश्रम शालाओं और छात्रावासों में 93 प्रतिशत से अधिक विद्यार्थियों को प्रवेश मिला है तथा निरीक्षण के लिए “परख ऐप” शुरू किया गया है।
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इन जिलों ने दी बेस्ट प्रेक्टिस की जानकारी
शाजापुर कलेक्टर ने निपुण भारत मिशन के बेस्ट प्रेक्टिस की जानकारी दी। छतरपुर कलेक्टर ने आदर्श आंगनवाड़ी प्रोजेक्ट, कलेक्टर नीमच ने शासकीय विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और झाबुआ कलेक्टर ने बेस्ट प्रेक्टिस वीडियो परख की प्रस्तुति दी।
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मुख्य सचिव के निर्देश
- विकसित मध्यप्रदेश 2047 के लक्ष्य को हासिल करने के लिये नामांकन दर को सुधारने के लिये विभिन्न विभागों के समन्वय के साथ हो प्रयास।
- सरकारी स्कलों के मरम्मत में शिक्षा में रूचि रखने वाले स्थानीय व्यक्तियों की पहचान कर उन्हें प्रोत्साहित किया जाये।
- बोर्ड परीक्षा कक्षा 10 और 12 में परीक्षा परिणाम सुधार के लिये अभी से हो सघन प्रयास।
- सरकारी योजनाओं का लाभ विद्यार्थियों को समय पर मिले, इस पर रखें निगरानी।
- आंगनवाड़ी में पात्र बच्चों का शत-प्रतिशत हो नामांकन।
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सत्र के दौरान सचिव स्कूल शिक्षा डॉ. संजय गोयल ने बताया कि “विकसित मध्यप्रदेश-2047” के तहत प्रत्येक बच्चे को उच्च गुणवत्ता और मूल्य आधारित शिक्षा प्रदान करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि ई-अटेंडेंस ऐप के माध्यम से शिक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित की जा रही है, जिसमें राजगढ़ जिले ने 94 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज की है। महिला एवं बाल विकास विभाग की सचिव जीवी रश्मि ने बताया कि आंगनवाड़ी केंद्रों में “आधारशिला” और “नवचेतना” फ्रेमवर्क लागू किए गए हैं। वहीं, जनजातीय कार्य विभाग के प्रमुख सचिव गुलशन बामरा ने बताया कि विभाग की आश्रम शालाओं और छात्रावासों में 93 प्रतिशत से अधिक विद्यार्थियों को प्रवेश मिला है तथा निरीक्षण के लिए “परख ऐप” शुरू किया गया है।
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इन जिलों ने दी बेस्ट प्रेक्टिस की जानकारी
शाजापुर कलेक्टर ने निपुण भारत मिशन के बेस्ट प्रेक्टिस की जानकारी दी। छतरपुर कलेक्टर ने आदर्श आंगनवाड़ी प्रोजेक्ट, कलेक्टर नीमच ने शासकीय विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और झाबुआ कलेक्टर ने बेस्ट प्रेक्टिस वीडियो परख की प्रस्तुति दी।
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मुख्य सचिव के निर्देश
- विकसित मध्यप्रदेश 2047 के लक्ष्य को हासिल करने के लिये नामांकन दर को सुधारने के लिये विभिन्न विभागों के समन्वय के साथ हो प्रयास।
- सरकारी स्कलों के मरम्मत में शिक्षा में रूचि रखने वाले स्थानीय व्यक्तियों की पहचान कर उन्हें प्रोत्साहित किया जाये।
- बोर्ड परीक्षा कक्षा 10 और 12 में परीक्षा परिणाम सुधार के लिये अभी से हो सघन प्रयास।
- सरकारी योजनाओं का लाभ विद्यार्थियों को समय पर मिले, इस पर रखें निगरानी।
- आंगनवाड़ी में पात्र बच्चों का शत-प्रतिशत हो नामांकन।
