UP: मुख्यमंत्री योगी बोले, "जिनके इशारे पर स्कूलों के जर्जर भवन दिखाए जा रहे ये उन्हीं के स्मारक हैं"
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में स्कूलों के जर्जर भवनों की जगह नए भवन बनाए गए हैं। वहीं, उन्होंने सोशल मीडिया पर इन जर्जर भवनों को दिखाने वालों को आड़े हाथों लिया।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया पर यूपी के स्कूलों के जर्जर भवन दिखाने वालों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि जिनके इशारे पर ये हो रहा है, ये उन्हीं के स्मारक हैं। प्रदेश सरकार ने माध्यमिक शिक्षा में प्रोजेक्ट अलंकार के तहत पुराने व जर्जर भवनों को नए भवनों को बदला है।
उन्होंने कहा कि नई शिक्षा व्यवस्था नकलमुक्त, अकल से युक्त है। अब समय से परीक्षाएं हो रही हैं। 2017 के पहले तीन महीना परीक्षा, तीन महीना परिणाम, तीन महीना अवकाश व कर्फ्यू में जाता था। बच्चों को तीन महीने भी पढ़ने को नहीं मिलते थे। अब 14 दिन में परीक्षा, अगले 14-15 दिन में परिणाम आते हैं। छह महीने का कार्य एक महीने में पूरा किया गया। शिक्षा व्यवस्था नए यूपी में स्केल को स्किल में बदलने का कार्य कर रहा है। मुख्यमंत्री योगी रविवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर उन्होंने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना भी साधा। उन्होंने कहा कि हम लोग 18 घंटे काम करते हैं। एक-एक योजना और विभागों के कार्यों को आगे बढ़ाने में योगदान देते हैं, तब परिणाम आते हैं। कोई बबुआ की तरह 12 बजे सोकर उठता, 2 बजे तैयार होता, 5 बजे जिम जाता और 7 बजे से महफिल जमा लेता, तो काम कब करता। रसोइया माताएं-बहनें, आंगनबाड़ी व आशा वर्कर, गांव के चौकीदार, होमगार्ड, पीआरडी जवान, ये सब प्रदेश को बढ़ाने में योगदान दे रहे हैं। सरकार इनके सम्मानजनक जीवन और इनके मानदेय में वृद्धि के लिए कार्यरत है। पिछले दिनों सरकार ने शिक्षामित्रों, अनुदेशकों का मानदेय बढ़ाया। शिक्षकों के साथ ही उन्हें भी कैशलेस स्वास्थ्य सुरक्षा व दुर्घटना बीमा कवर उपलब्ध कराया गया है।
सीएम बोले- सपा को साफ करेगी जनता
सीएम ने कहा कि यह काम पहले इसलिए नहीं होता था, क्योंकि गरीब कभी सपा के एजेंडे में नहीं था। उन्होंने सपा मुखिया अखिलेश यादव के बयान पर चुटकी लेते हुए कहा कि बबुआ ने बयान दिया है कि परिवार के सभी लोग सांसद हैं, इसलिए सपा-सपा बनी हुई है। हम कह रहे हैं कि जनता सपा को अगले चुनाव में हमेशा के लिए साफ कर देगी, क्योंकि ये लोग परिवार की खातिर गरीबों का शोषण करते थे। इन्होंने यूपी को गुंडा प्रदेश बना दिया था। जमीन पर कब्जा, बेटी की सुरक्षा में सेंध लगाते थे। रोज दंगा-फसाद होता था। त्योहारों के पहले खुशी छीन ली जाती थी। विकास ठप था, क्योंकि प्रदेश के पास कुछ नहीं था। अब कोई बेटी की सुरक्षा में सेंध लगाएगा तो यमराज के घर जाने का रास्ता तय है। सपाई तो बच्चों के मिड-डे मील पर भी डकैती डलवाते थे। अब यूपी दंगा व कर्फ्यू मुक्त हुआ तो विकास दिखाई दे रहा है। जो लोग कुछ नहीं कर पाए, वे सिर्फ आक्षेप लगाते हैं।
3.54 लाख 'रसोइया बहनों' को दिए चार बड़े उपहार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रक्षाबंधन से पहले ही 3.54 लाख रसोइया बहनों को चार बड़े उपहार दिए। उन्होंने कहा कि रसोइया माताओं-बहनों को अब 2 के बजाय 3 हजार मानदेय मिलेगा, घटना-दुर्घटना होने पर रसोइयों व परिवार को भारतीय स्टेट बैंक के माध्यम से दो लाख रुपये की सहायता और प्रतिवर्ष पांच लाख रुपये तक मुफ्त कैशलेस सुविधा मिलेगी। इसके अलावा परिधान के लिए मिलने वाली राशि भी दोगुनी यानी, 500 रुपये से बढ़ाकर 1000 रुपये कर दी गई है।
सपा ने नकल से प्रदेश की अकल को नीलाम किया था
सीएम ने कहा कि एक समय सपा ने नकल को जन्मसिद्ध अधिकार बना दिया था। कल्याण सिंह जी ने मुख्यमंत्री रहते हुए प्रदेश को पहचान दी थी, लेकिन सपा ने एक झटके में नकल से प्रदेश की अकल को नीलाम कर दिया था। सपा सरकार ने रसोइयों, आंगनबाड़ी व आशा वर्करों, चौकीदारों, महिलाओं या गरीबों, किसी की नहीं सुनी, क्योंकि सुनने के लिए समय, सामर्थ्य, संसाधन चाहिए। डबल इंजन सरकार ने ये सभी जुटाए तो आज सारी सुविधाएं मिल रही हैं।
रसोई रहे साफ-सुथरी, बच्चों को दें पौष्टिक आहार
सीएम ने कहा कि बेसिक शिक्षा परिषद के 1.42 लाख विद्यालयों में डेढ़ करोड़ बच्चे अध्ययनरत हैं। बच्चों को अलग-अलग दिन अलग-अलग प्रकार का आहार देना है। विद्यालय में रसोई साफ-सुथरी रहे, बच्चों को समय पर स्वच्छता के साथ साप्ताहिक मेन्यू के अनुरूप पौष्टिक आहार उपलब्ध कराएं। इससे आपका सम्मान बढ़ेगा। मुख्यमंत्री ने रसोइयों को सचेत करते हुए कहा कि इसमें लापरवाही नहीं होनी चाहिए। फूड प्वॉइजनिंग भी नहीं होनी चाहिए। दुश्मन ऐसा काम न कर पाए, जिससे आप संदेह के घेरे में आएं। छिपकली व कीड़ा खाने में न गिरे, यह जीवन के साथ खिलवाड़ होगा। रसोई बनाते समय किचन में बाहरी व्यक्ति का प्रवेश नहीं होना चाहिए। पीएम पोषण मिशन के अंतर्गत छह दिन के मेन्यू में मिलेट्स, स्थानीय व्यंजन, मौसमी फल भी शामिल हैं।