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चुप्पी का राज...
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Mon, 28 Jul 2014 09:15 AM IST
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आजम के ड्रीम प्रोजेक्ट जौहर विश्वविद्यालय पर राजभवन की मुहर पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी की चुप्पी ने उनके विरोधियों को भी हैरानी में डाल दिया है।
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सियासत के गलियारों में आश्चर्य से देखा जा रहा है कि सरकार के खिलाफ हर वक्त ताल ठोंकने वाले वाजपेयीजी इस मामले में चुप क्यों रह गए?
तरह-तरह की फुसफुसाहटें हैं। कुछ कहते हैं कि पार्टी के एक बड़े नेता की सूबे की सरकार से सहानुभूति ने उन्हें चुप रहने को मजबूर कर दिया।
वाजपेयी के मुंह खोलते ही इस बड़े नेता ने ऐसी आंख तरेरी कि बेचारे चाहकर भी कुछ नहीं कर पाए।
बीएल जोशी के इस्तीफे के बाद किस राज्यपाल को अतिरिक्त प्रभार मिले, केंद्र सरकार में यह तय करने की जिम्मेदारी भी उन्हीं नेता के पास थी।