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लखनऊ: निर्मल गंगा और प्रदूषण मुक्त यूपी पर महामंथन कल, पद्मश्री उमाशंकर पांडेय होंगे शामिल
Mon, 07 Sep 2026 10:25 PM IST
Ishwar Ashish Bhartiya
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: Ishwar Ashish Bhartiya
Updated Mon, 07 Sep 2026 10:25 PM IST
आयोजित कार्यक्रम में पद्मश्री उमाशंकर पांडेय के साथ वन एवं पर्यावरण मंत्री अरुण सक्सेना समेत कई विशेषज्ञ शामिल होंगे। कार्यक्रम का आयोजन गोमतीनगर स्थित ताज महल होटल में सुबह 10 बजे से शुरू होगा।
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निर्मल गंगा और प्रदूषण मुक्त यूपी पर महामंथन
- फोटो : amar ujala
विस्तार
निर्मल गंगा और प्रदूषण मुक्त उत्तर प्रदेश के संकल्प को लेकर मंगलवार को राजधानी में महामंथन होगा। अमर उजाला की ओर से उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण), नमामि गंगे और उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम गोमतीनगर स्थित ताज महल होटल में सुबह 10 बजे शुरू होगा।
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कार्यक्रम में वन एवं पर्यावरण मंत्री अरुण सक्सेना, बुंदेलखंड के जखनी मॉडल के प्रणेता पद्मश्री उमाशंकर पांडेय, लखनऊ विश्वविद्यालय के प्रो. ध्रुवसेन सिंह, पर्यावरण कार्यकर्ता आलोक कुमार सिंह समेत कई विशेषज्ञ और अधिकारी शामिल होंगे। कार्यक्रम में गंगा की अविरलता, स्वच्छता, नदियों के संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण के उपायों पर चर्चा होगी।
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जल संरक्षण से नदी संरक्षण तक पर मंथन
''निर्मल गंगा, प्रदूषण मुक्त उत्तर प्रदेश'' विषय पर होने वाली परिचर्चा में नदियों को स्वच्छ और जीवंत बनाने के साथ जल संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ने पर भी विचार होगा। जल संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय काम करने वाले पद्मश्री उमाशंकर पांडेय ''खेत पर मेड़, मेड़ पर पेड़'' के मंत्र के साथ बुंदेलखंड में जखनी मॉडल विकसित कर चुके हैं। उनके प्रयासों से जखनी को देश का पहला ''जल ग्राम'' घोषित किया गया था। उनके प्रयासों से जुड़े मॉडल को अटल भूजल योजना के व्यापक अभियान से जोड़ा गया। योजना के तहत 10,000 से अधिक ग्राम पंचायतों में भूजल प्रबंधन और 1,050 से अधिक जलग्राम विकसित किए गए। तीन हजार से अधिक पानी की पाठशालाओं के माध्यम से 10 लाख से ज्यादा विद्यार्थियों में जल संरक्षण की जागरूकता पैदा की।
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