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यूपी: मायावती का किसानों को समर्थन, कहा-कृषि कानूनों को वापस लेकर दिवाली का तोहफा दे केंद्र सरकार
Sun, 07 Nov 2021 07:59 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Sun, 07 Nov 2021 07:59 PM IST
बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा कि बसपा से निष्कासित लोगों के सपा में शामिल होने से सपा कार्यकर्ता नाराज होंगे और इससे सपा का जनाधार कमजोर करेगा।
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बसपा सुप्रीमो मायावती।
- फोटो : amar ujala
विस्तार
बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा कि बीएसपी व अन्य पार्टियों के निष्कासित लोगों को सपा में शामिल किए जाने से इस पार्टी का कुनबा या जनाधार बढ़ने वाला नहीं बल्कि इससे सपा कार्यकर्ता आक्रोशित हैं। बाहरी लोगाें को शामिल करने से सपा का जनाधार और भी कमजोर होता चला जाएगा।
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रविवार को बसपा प्रमुख मायावती ने ट्वीट के जरिए सपा पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि सपा को यह मालूम होना चाहिए कि ऐसे स्वार्थी दलबदलू किस्म के लोगों को लेने से इनकी अपनी ही पार्टी में टिकट के दावेदार गुस्से में हैं। इनमें से अधिकांश बसपा के संपर्क में हैं। ये इस चुनाव में अंदर ही अंदर सपा को काफी नुकसान पहुंचाने वाले हैं।
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‘बसपा नहीं देगी दलबदलुओं को टिकट’
मायावती ने यह भी साफ किया है कि बसपा दलबदलुओं को टिकट देने से गुरेज करेगी। मायावती ने ट्वीट के जरिए अपनी पार्टी के पदाधिकारियों को अलर्ट किया है। उन्होंने कहा कि बीएसपी दूसरी पार्टियों के उन विधायकों को टिकट नहीं देगी, जिनका टिकट उनकी पार्टी में कट रहा है। मायावती ने रविवार को यह वक्तव्य तब दिया जब उनकी पार्टी छोड़कर गए विधायक राम अचल राजभर और लालजी वर्मा विधिवत रूप से अंबेडकरनगर में आयोजित कार्यक्रम में सपा में शामिल हो रहे थे। बसपा के लिए इसे तगड़ा झटका माना जा रहा है।
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कृषि कानून वापस लेकर दिवाली का तोहफा दे सरकार
मायावती ने कृषि कानूनों पर भी केद्र सरकार को घेरा। कहा कि कोई भाजपा पर कैसे विश्वास करे जबकि देश के किसान कृषि कानूनों की वापसी को लेकर लंबे समय से आंदोलित हैं। केंद्र सरकार ने तीन साल में पहली बार उत्पाद कर थोड़ा घटाकर लोगों को इस दिवाली पर कुछ राहत दी। इसी प्रकार यदि विवादित कृषि कानूनों को वापस ले लिया जाए तो ये भी पर्व पर किसानों को एक सौगात होगी।