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ऐसी व्याख्या तो राम ही मालिक
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Mon, 19 May 2014 08:30 AM IST
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कांग्रेस की हार की जिम्मेदारी सोनिया गांधी ने आगे आकर ली। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने वहां चुनाव में मिली करारी हार की जिम्मेदारी लेकर सरकार से इस्तीफा ही दे दिया।
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सपा में हार की जिम्मेदारी को लेकर गहमागहमी बढ़ गई है। पर बसपा में हार की जिम्मेदारी लेने वाला कोई नहीं है।
मायावती ने पार्टी की हार के लिए चुनावी रणनीति में किसी चूक से इन्कार और विपक्ष को जिम्मेदार ठहराकर अपनी जिम्मेदारी से बचने का रास्ता निकाल लिया।
पर, बसपा के कई लोग अपने नेताओं की यह ‘थ्यौरी’ मानने को तैयार नहीं हैं।
उनका तर्क है कि बसपा की हार के पीछे विपक्षी दलों को जिम्मेदार बताना जनता को वैसे ही समझाना है जैसे चुनाव भर कहा जाता रहा कि कहीं मोदी लहर नहीं है।
यह समझ में नहीं आ रहा कि बसपा की हार के लिए सपा और कांग्रेस कैसे जिम्मेदार हो गए जिन्होंने खुद अपनी जमीन गवां दी।
इस तरह की समीक्षा सुनकर राजनीति के बड़े-बड़े पंडित भी भौचक हैं। उनका कहना है कि अगर इसी तरह हार का विश्लेषण होगा तो आगे राम ही मालिक।