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Flash Back: 62 साल पहले आम चुनाव में पहली बार चले थे ईंट-पत्थर, यहां पढ़ें - पूरा मामला

Thu, 04 Apr 2024 02:50 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव तेज प्रताप सिंह, अमर उजाला, गोंडा
तेज प्रताप सिंह, अमर उजाला, गोंडा Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Thu, 04 Apr 2024 02:50 PM IST
सार
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1962 के आम चुनाव में कांग्रेस के रामरतन और स्वतंत्र पार्टी के दांडेकर के बीच मुकाबला था। मनकापुर में हुए संघर्ष में कांग्रेस उम्मीदवार देवेंद्रनाथ मिश्र जख्मी हो गए थे। जानें- पूरा मामला:

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Clash in general election before 62 years ago.
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

चुनाव प्रचार और मतदान के दौरान प्रत्याशियों, उनके समर्थकों और विरोधी दलों के बीच मारपीट व हिंसा की घटनाएं अब आम बात हो गई हैं, लेकिन गोंडा जिले के इतिहास में पहली बार चुनाव प्रचार के दौरान पत्थरबाजी और खूनी संघर्ष की घटना साल 1962 के आम चुनाव में मनकापुर में हुई थी। तब गोंडा संसदीय क्षेत्र से कांग्रेस के रामरतन गुप्ता, स्वतंत्र पार्टी के नारायण दांडेकर, मनकापुर विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस के देवेंद्रनाथ मिश्र और स्वतंत्र पार्टी से राजा राघवेंद्र प्रताप सिंह उम्मीदवार थे। 

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पार्टी प्रत्याशियों के पक्ष में माहौल बनाने के लिए पं. जवाहर लाल नेहरू भी आए थे। बभनान के बाद मनकापुर में ब्लाक के निकट पं. नेहरू की चुनावी सभा समाप्त होने के बाद जब कांग्रेस कार्यकर्ता वापस मनकापुर बाजार आए और कांग्रेस के विधान परिषद सदस्य कुंवर देवेंद्र प्रताप सिंह उर्फ लल्लन साहब के कोठी मंगल भवन के सामने रुके। तभी सामने स्वतंत्र पार्टी कार्यालय पर भारी संख्या में मौजूद भीड़ ने पत्थरबाजी शुरू कर दी। अचानक हमले से घबराए कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मंगल भवन में घुसकर जान बचाई, लेकिन जो बाहर रह गए थे उन्हें गंभीर चोटें आईं। इसी पत्थरबाजी में माथे पर पत्थर लगने से मनकापुर से कांग्रेस प्रत्याशी देवेंद्रनाथ मिश्र भी जख्मी हुए।
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कवि और साहित्यकार अवनींद्र मिश्र ''विनोद'' बताते हैं कि तब वे कक्षा नौ के छात्र थे और चुनावी सभा के मंचों पर चुनावी गीत और कविता का पाठ करते थे। उस दिन वे अपने चचेरे भाई के साथ प्रचारकों की जीप में बैठे थे और अल्पायु होने के कारण भाग नहीं पाए। जीप चालक ने उन्हें रजाई से ढक दिया और खुद जीप के नीचे छिप कर जान बचाई। कुछ देर बाद पुलिस मौके पर पहुंची तब हिंसक भीड़ तितर बितर हुई। पुलिस ने पत्थरबाजी कर रहे स्वतंत्र पार्टी के दर्जनों लोगों को मौके से पकड़ कर हिरासत में ले लिया। विनोद के अनुसार इस हिंसक घटना में दोनों पक्ष के दर्जनों लोग घायल हुए थे।

यहां तक कि कांग्रेस उम्मीदवार देवेंद्रनाथ मिश्र स्वयं भी घायल हुए थे। इस मामले में मनकापुर थाने में मुकदमा दर्ज हुआ था। जो बाद में न्यायालय से समाप्त हुआ। 

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