Ayodhya: राम मंदिर के निर्माण में खर्च हुए 1700 करोड़... जानें- किस वर्ष कितना धन खर्च हुआ, पूरा लेखा-जोखा
नवंबर में हुए ध्वजारोहण समारोह के साथ ही राम मंदिर के निर्माण की घोषणा हो चुकी है। इसके साथ ही हिंदू समाज का 500 वर्षों का इंतजार भी खत्म हो गया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
श्रीराम जन्मभूमि पर भव्य राम मंदिर के निर्माण पर अब तक लगभग 1700 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। 25 नवंबर को राम मंदिर के शिखर पर हुए ध्वजारोहण के साथ ही मंदिर निर्माण कार्य की पूर्णता की घोषणा की जा चुकी है। अभी मंदिर परिसर में अन्य प्रकल्पों का निर्माण कार्य चल रहा है। ट्रस्ट से जुड़े सूत्रों के अनुसार निर्माण कार्य में सबसे अधिक व्यय वर्ष 2024 और 2025 के दौरान हुआ, जब मंदिर का मुख्य ढांचा, गर्भगृह, शिखर, मंडप जैसे प्रमुख कार्य तेज़ी से पूरे किए गए।
नौ नवंबर 2019 को सुप्रीम कोर्ट से राम मंदिर के हक में निर्णय आने के बाद मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त हुआ। फरवरी 2020 में राम मंदिर ट्रस्ट का गठन हुआ। पांच अगस्त 2020 को राम मंदिर निर्माण के लिए पीएम नरेंद्र मोदी ने भूमिपूजन किया। निर्माण के दौरान कई बाधाएं आईं, लेकिन निर्माण कार्य कभी थमा नहीं। इस बीच 22 जनवरी 2024 को राम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की गई और इसी के साथ राम मंदिर श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया। भव्य शिल्पकला, पारंपरिक नागर शैली और आधुनिक तकनीक के समन्वय से बने राम मंदिर ने अब अपना पूर्ण स्वरूप ग्रहण कर लिया है। निर्माण में देशभर के कारीगरों, शिल्पियों और इंजीनियरों का योगदान रहा।
ये भी पढ़ें - कोहरे से ढका पूरा प्रदेश, लगातार गिर रहा पारा...गलन से आमजन बेहाल, भीषण ठंड से बाहर निकलना मुश्किल
ये भी पढ़ें - केजीएमयू का रेजिडेंट निलंबित.. मुकदमा दर्ज, धर्मांतरण करने का आरोप; बोला था- मैं कुंवारा हूं
निर्माण कार्य के दौरान राम मंदिर ट्रस्ट ने सबसे अधिक व्यय वित्तीय वर्ष 2023-24 में 540 करोड़ और वित्तीय वर्ष 2024-25 में 455 करोड़ किया। इस साल अप्रैल से नवंबर तक 186 करोड़ रुपये मंदिर निर्माण पर खर्च हुए हैं। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुसार खर्च की गई राशि में निर्माण सामग्री, शिल्प कार्य, संरचनात्मक सुरक्षा, मंदिर परिसर के विकास और तकनीकी व्यवस्थाएं शामिल हैं। मंदिर के पूर्ण होने के साथ ही श्रद्धालुओं की संख्या में निरंतर वृद्धि देखी जा रही है, जिससे अयोध्या धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में नई पहचान स्थापित कर रही है।
| वित्तीय वर्ष | मंदिर निर्माण में खर्च धनराशि |
| 2020-21 | 17.93 करोड़ |
| 2021-22 | 165.77 करोड़ |
| 2022-23 | 330.01 करोड़ |
| 2023-24 | 540.38 करोड़ |
| 2024-25 | 455.07 करोड़ |
राम मंदिर की विशेषता
- मंदिर की लंबाई पूर्व से पश्चिम 308 फीट, चौड़ाई 250 फीट और ऊंचाई 161 फीट है।
- मंदिर में तीन तल हैं, प्रत्येक तल की ऊंचाई 20 फीट है।
- मंदिर में कुल 392 स्तंभ व 44 द्वार हैं।
- मंदिर में पांच मंडप, नृत्य मंडप, रंग मंडप, सभा मंडप, प्रार्थना मंडप व कीर्तन मंडप है।
- खंभों व दीवारों में देवी-देवता और वीरांगनाओं की मूर्तियां उकेरी गई हैं।
- दिव्यांगजनों व वृद्धों के लिए मंदिर में रैंप व लिफ्ट की व्यवस्था है।