में ये चाहता हूँ फिर से वो ही दिल मेरा दुखाए
न गिला करुँ में कोई मेरे सामने तो आए
जो हैं गैर के ही दिल में कभी उसके दिल में हम थे
मुझे गैर ना कहे वो कोई उसको ये बताए
मेरे दिल में राज़ है जो कोई अन सुना सा नग...और पढ़ें
"ठीक होना ही तकलीफ है"
तुम्हारे जाने पर दिल हिलोरें मार रोया,
लगा था कमी तुम्हारी, मुझे स्वाहा कर देगी।
समय बीता तो दिल, धीरे-धीरे संभला,
शरीर ने भी फिर से, साँसें भर ली।
ढाई बरस में सब, सामान्य हो ग...और पढ़ें
मैंने उसको देखा
एक गंभीर चेहरे के साथ
उदासी भरपूर थी
तीस वर्षीय एक युवती को
यौवन से परिपूर्ण
लहराते बाल
गौर वर्ण से सुसज्जित थी
हाथों में मेंहदी लगी थी
आंखों में अंजन
होंठ...और पढ़ें
आज मैं उदास हूँ,
हाँ, बहुत उदास हूँ।
मगर ऐसा क्यों होता है हर बार
कि मेरी हर शिकस्ता-दिली में
सिर्फ़ तुम मेरे साथ होते हो?
हवाएँ, महताब, तारे और शब—
इस कायनात के कितने ही रंग हैं,
मगर तुम
बेहद उ...और पढ़ें
उदासी के आलम में
जब भी ख़यालों के घने जंगल में
गुम हो जाता हूँ,
बैठ जाता हूँ
खिड़की के पास ख़ामोशी से।
तभी बहती ठंडी हवा
आकर अपने मर्मस्पर्शी हाथों से
सारी परेशानियों को
ओझल कर देती है,
औ...और पढ़ें
प्यार एक उदास-सी चीज़ है, और बहुत प्यारी-सी चीज़ है उदासी।
- मनोहर श्याम जोशी
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समीक्षक - कुमारी उर्वशी
सहायक प्राध्यापिका,
हिंदी विभाग, रांची विमेंस कॉलेज
उपासना की पुस्तक ‘उड़ने वाला फूल’ को पढ़ना दरअसल उन चीज़ों को पहली बार सचमुच देखना है, जिन्हें हम रोज़ देखते हुए भी देख नहीं पाते। यह पुस्तक...और पढ़ें
संघर्ष से पूर्ण अवकाश चाहिए
मुझे थोड़ा सा आकाश चाहिए
आँखों में रहा सपनों का डेरा
चारों ओर रहा घनघोर अंधेरा
बिता ली जागकर काली रातें
पर दिन को तो प्रकाश चाहिए
मुझे थोड़ा सा आकाश चाहिए
मे...और पढ़ें
मेरे लफ़्ज़ मेरे गुनाहों को बयान करेंगे,
हम इस क़दर तेरा हक़ अदा करेंगे।
तू एक रौशनी थी, जो खो गई अंधेरों में,
हम तुझे अब सितारों में ढूँढ़ा करेंगे।
तस्दीक़ तेरे वजूद की मेरी आँखों में कैद है,
हम तुझ...और पढ़ें
वो जो जरा सी उदासी है
जैसे पानी में मीन प्यासी है
जैसे बहते दरिया में हो कोई खारापन
जैसे चख ली विष की बूंदे जरा सी है ।
मुट्ठी भर के कुछ लोगों ने तंत्र चला के रखा है
देश बनाने के नाम पर देश हिला के रखा है
करो...और पढ़ें