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                                                                           में ये चाहता हूँ फिर से वो ही दिल मेरा दुखाए
न गिला करुँ में कोई मेरे सामने तो आए

जो हैं गैर के ही दिल में कभी उसके दिल में हम थे
मुझे गैर ना कहे वो कोई उसको ये बताए

मेरे दिल में राज़ है जो कोई अन सुना सा नग...और पढ़ें
7 minutes ago
                                                                           "ठीक होना ही तकलीफ है"

तुम्हारे जाने पर दिल हिलोरें मार रोया,
लगा था कमी तुम्हारी, मुझे स्वाहा कर देगी।
समय बीता तो दिल, धीरे-धीरे संभला,
शरीर ने भी फिर से, साँसें भर ली।

ढाई बरस में सब, सामान्य हो ग...और पढ़ें
4 days ago
                                                                           मैंने उसको देखा
एक गंभीर चेहरे के साथ
उदासी भरपूर थी

तीस वर्षीय एक युवती को
यौवन से परिपूर्ण
लहराते बाल
गौर वर्ण से सुसज्जित थी

हाथों में मेंहदी लगी थी
आंखों में अंजन
होंठ...और पढ़ें
4 days ago
                                                                           आज मैं उदास हूँ,
हाँ, बहुत उदास हूँ।
मगर ऐसा क्यों होता है हर बार
कि मेरी हर शिकस्ता-दिली में
सिर्फ़ तुम मेरे साथ होते हो?
हवाएँ, महताब, तारे और शब—
इस कायनात के कितने ही रंग हैं,
मगर तुम
बेहद उ...और पढ़ें
4 days ago
                                                                           उदासी के आलम में
जब भी ख़यालों के घने जंगल में
गुम हो जाता हूँ,
बैठ जाता हूँ
खिड़की के पास ख़ामोशी से।
तभी बहती ठंडी हवा
आकर अपने मर्मस्पर्शी हाथों से
सारी परेशानियों को
ओझल कर देती है,
औ...और पढ़ें
4 days ago
                                                                           प्यार एक उदास-सी चीज़ है, और बहुत प्यारी-सी चीज़ है उदासी।
- मनोहर श्याम जोशी   
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5 days ago
                                                                           समीक्षक - कुमारी उर्वशी  
सहायक प्राध्यापिका, 
हिंदी विभाग, रांची विमेंस कॉलेज  

उपासना की पुस्तक ‘उड़ने वाला फूल’ को पढ़ना दरअसल उन चीज़ों को पहली बार सचमुच देखना है, जिन्हें हम रोज़ देखते हुए भी देख नहीं पाते। यह पुस्तक...और पढ़ें
5 days ago
                                                                           संघर्ष से पूर्ण अवकाश चाहिए
मुझे थोड़ा सा आकाश चाहिए

आँखों में रहा सपनों का डेरा
चारों ओर रहा घनघोर अंधेरा
बिता ली जागकर काली रातें
पर दिन को तो प्रकाश चाहिए
मुझे थोड़ा सा आकाश चाहिए

मे...और पढ़ें
6 days ago
                                                                           मेरे लफ़्ज़ मेरे गुनाहों को बयान करेंगे,
हम इस क़दर तेरा हक़ अदा करेंगे।

तू एक रौशनी थी, जो खो गई अंधेरों में,
हम तुझे अब सितारों में ढूँढ़ा करेंगे।

तस्दीक़ तेरे वजूद की मेरी आँखों में कैद है,
हम तुझ...और पढ़ें
6 days ago
                                                                           वो जो जरा सी उदासी है
जैसे पानी में मीन प्यासी है
जैसे बहते दरिया में हो कोई खारापन
जैसे चख ली विष की बूंदे जरा सी है ।
मुट्ठी भर के कुछ लोगों ने तंत्र चला के रखा है
देश बनाने के नाम पर देश हिला के रखा है
करो...और पढ़ें
6 days ago
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