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झारखंड: आंदोलनकारियों का 30 सितंबर को बंद का एलान, मांगें पूरी नहीं हुईं तो आमरण अनशन की चेतावनी
Mon, 21 Sep 2026 05:20 PM IST
प्रतीक पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
Published by: प्रतीक पांडेय
Updated Mon, 21 Sep 2026 05:20 PM IST
झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा ने अपनी मांगों को लेकर 30 सितंबर को राज्यव्यापी बंद का आह्वान किया है। इससे पहले 29 सितंबर को मशाल जुलूस निकाले जाएंगे। मांगें पूरी नहीं होने पर 15 नवंबर से रांची में अनिश्चितकालीन आमरण अनशन की चेतावनी दी गई है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा ने अपनी मांगों को लेकर 30 सितंबर को पूरे झारखंड में बंद का आह्वान किया है। राज्य गठन हुए 26 वर्ष बीत जाने के बाद भी मांगें पूरी न होने से खफा मोर्चा ने अपना आंदोलन तेज करने का निर्णय लिया है। बंद सफल बनाने के लिए पूर्वी सिंहभूम जिले समेत राज्य में आंदोलनकारी लगातार जनसंपर्क अभियान चला रहे हैं।
राज्य सरकार पर उपेक्षा का आरोप
झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा के पूर्वी सिंहभूम जिलाध्यक्ष शिबू काली माइती ने बताया कि अलग झारखंड राज्य बनने के बावजूद आंदोलनकारियों की मुख्य मांगों पर सरकार की ओर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि जिन आंदोलनकारियों ने नए राज्य के निर्माण के लिए कठिन संघर्ष किया और अपने सर्वस्व का त्याग किया, उन्हें आज अपने ही अधिकारों तथा सम्मान को पाने के लिए बार-बार सड़कों पर उतरना पड़ रहा है। इसी उदासीनता के विरोध में मोर्चा ने 30 सितंबर को पूरे राज्य में बंद रखने का निर्णय लिया है।
मशाल जुलूस से समर्थन जुटाने की तैयारी
जिलाध्यक्ष शिबू काली माइती ने बताया कि बंद से पहले 29 सितंबर को राज्यभर में मशाल जुलूस निकाले जाएंगे। इस जुलूस के माध्यम से नागरिकों और व्यापारियों से बंद को सफल बनाने के लिए सक्रिय समर्थन मांगा जाएगा। मोर्चा कार्यकर्ता विभिन्न इलाकों में जाकर लोगों से संपर्क कर रहे हैं।
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यह भी पढ़ें: यूपी में मारा गया झारखंड का मोस्ट वांटेड: टीपीसी कमांडर बृजेश गंझू मुठभेड़ में ढेर, दो पुलिसकर्मी बाल-बाल बचे
रांची में आमरण अनशन की चेतावनी
जिलाध्यक्ष ने कहा कि यदि 30 सितंबर को प्रस्तावित बंद के बाद भी सरकार मांगों के प्रति गंभीर नहीं होती है और सकारात्मक पहल नहीं करती है, तो आंदोलन को व्यापक रूप दिया जाएगा। 15 नवंबर को झारखंड राज्य स्थापना दिवस पर पूरे प्रदेश से आंदोलनकारी राजधानी रांची के बिरसा चौक पर एकत्रित होंगे। बिरसा चौक से ही सभी आंदोलनकारी अनिश्चितकालीन आमरण अनशन और जोरदार प्रदर्शन शुरू करेंगे।
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राज्य सरकार पर उपेक्षा का आरोप
झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा के पूर्वी सिंहभूम जिलाध्यक्ष शिबू काली माइती ने बताया कि अलग झारखंड राज्य बनने के बावजूद आंदोलनकारियों की मुख्य मांगों पर सरकार की ओर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि जिन आंदोलनकारियों ने नए राज्य के निर्माण के लिए कठिन संघर्ष किया और अपने सर्वस्व का त्याग किया, उन्हें आज अपने ही अधिकारों तथा सम्मान को पाने के लिए बार-बार सड़कों पर उतरना पड़ रहा है। इसी उदासीनता के विरोध में मोर्चा ने 30 सितंबर को पूरे राज्य में बंद रखने का निर्णय लिया है।
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मशाल जुलूस से समर्थन जुटाने की तैयारी
जिलाध्यक्ष शिबू काली माइती ने बताया कि बंद से पहले 29 सितंबर को राज्यभर में मशाल जुलूस निकाले जाएंगे। इस जुलूस के माध्यम से नागरिकों और व्यापारियों से बंद को सफल बनाने के लिए सक्रिय समर्थन मांगा जाएगा। मोर्चा कार्यकर्ता विभिन्न इलाकों में जाकर लोगों से संपर्क कर रहे हैं।
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रांची में आमरण अनशन की चेतावनी
जिलाध्यक्ष ने कहा कि यदि 30 सितंबर को प्रस्तावित बंद के बाद भी सरकार मांगों के प्रति गंभीर नहीं होती है और सकारात्मक पहल नहीं करती है, तो आंदोलन को व्यापक रूप दिया जाएगा। 15 नवंबर को झारखंड राज्य स्थापना दिवस पर पूरे प्रदेश से आंदोलनकारी राजधानी रांची के बिरसा चौक पर एकत्रित होंगे। बिरसा चौक से ही सभी आंदोलनकारी अनिश्चितकालीन आमरण अनशन और जोरदार प्रदर्शन शुरू करेंगे।