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जेएसएससी-सीजीएल पेपर लीक: सीआईडी अब तक 500 सफल अभ्यर्थियों से कर चुकी पूछताछ, एजेंसी के दो कर्मियों से भी सवाल
Wed, 30 Sep 2026 01:21 PM IST
हिमांशु सिंह बघेल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
Published by: हिमांशु सिंह बघेल
Updated Wed, 30 Sep 2026 01:21 PM IST
जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा में कथित पेपर लीक और अनियमितता की जांच कर रही सीआईडी की एसआईटी ने अब तक करीब 500 सफल अभ्यर्थियों के बयान दर्ज किए हैं। वहीं, परीक्षा संचालन से जुड़ी आईसीएन एजेंसी के गिरफ्तार दो कर्मियों से पूछताछ जारी है।
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झारखंड लोक सेवा आयोग
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की कंबाइंड ग्रेजुएट लेवल (सीजीएल) परीक्षा में कथित पेपर लीक और अनियमितता के मामले की जांच कर रही अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) की विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने बड़ी कार्रवाई की है। सीआईडी की एसआईटी ने परीक्षा संचालन से जुड़ी एजेंसी आईसीएन के गिरफ्तार दो कर्मियों सोमांश प्रकाश और राहुल से लगातार पूछताछ की। इसके साथ ही जांच टीम ने इस मामले में अब तक करीब 500 सफल अभ्यर्थियों के बयान भी दर्ज कर लिए हैं।
एजेंसी कर्मियों से पूछताछ
सीआईडी की एसआईटी ने आईसीएन एजेंसी के गिरफ्तार कर्मियों सोमांश प्रकाश और राहुल से लगातार दूसरे दिन गहन पूछताछ की। पूछताछ के दौरान सीआईडी ने दोनों आरोपियों से बिहार स्थित उनके ठिकानों की जानकारी हासिल की। इसके साथ ही जांच टीम ने एजेंसी के संचालक मिथिलेश सिंह के गुप्त ठिकानों के संबंध में भी महत्वपूर्ण सुराग जुटाए हैं। दोनों आरोपियों को बुधवार को वापस न्यायिक हिरासत में जेल भेजा जाएगा। सीआईडी अब एजेंसी के संचालक मिथिलेश सिंह की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास कर रही है, ताकि मामले में अनियमितता से जुड़ी अतिरिक्त जानकारी प्राप्त हो सके।
सफल अभ्यर्थियों के बयान
सीआईडी करीब 500 सफल अभ्यर्थियों के बयान दर्ज कर चुकी है। सीआईडी अभ्यर्थियों से परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न सवाल पूछ रही है। इसमें आवेदन फॉर्म भरने से लेकर परीक्षा में बैठने और परिणाम जारी होने तक की पूरी प्रक्रिया के संबंध में विस्तार से जानकारी ली जा रही है। जांच अधिकारी अभ्यर्थियों से पूछ रहे हैं कि उन्होंने परीक्षा कैसे दी, कहां दी, वे किन लोगों के संपर्क में थे और पेपर लीक के संबंध में उनके पास क्या जानकारी है। सीआईडी को जिन अभ्यर्थियों पर संदेह हो रहा है, उनके दस्तावेजों और अन्य बिंदुओं पर गहन पड़ताल की जा रही है।
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ये भी पढ़ें- ओकनी तालाब मामले में एनजीटी सख्त: अनुपालन रिपोर्ट नहीं देने पर हजारीबाग जिलाधिकारी को नोटिस, दो महीने की मोहलत
दिल्ली से हुई गिरफ्तारी
मामले में गिरफ्तार दोनों आरोपियों सोमांश प्रकाश और राहुल को सीआईडी ने दिल्ली से पकड़ा था। आरोपी सोमांश प्रकाश बिहार के रोहतास जिले के बिक्रमगंज का रहने वाला है, जबकि राहुल बिहार के वैशाली जिले का निवासी है। जेएसएससी ने इस परीक्षा के संचालन का जिम्मा मेसर्स वेबेल टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड को दिया था। इसके बाद वेबेल टेक्नोलॉजी ने परीक्षा संचालन का कार्य मिथिलेश सिंह के नेतृत्व वाली एजेंसी आईसीएन को सौंप दिया था। इसी आईसीएन के माध्यम से पेपर लीक और अनियमितता की बात सामने आई है।
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एजेंसी कर्मियों से पूछताछ
सीआईडी की एसआईटी ने आईसीएन एजेंसी के गिरफ्तार कर्मियों सोमांश प्रकाश और राहुल से लगातार दूसरे दिन गहन पूछताछ की। पूछताछ के दौरान सीआईडी ने दोनों आरोपियों से बिहार स्थित उनके ठिकानों की जानकारी हासिल की। इसके साथ ही जांच टीम ने एजेंसी के संचालक मिथिलेश सिंह के गुप्त ठिकानों के संबंध में भी महत्वपूर्ण सुराग जुटाए हैं। दोनों आरोपियों को बुधवार को वापस न्यायिक हिरासत में जेल भेजा जाएगा। सीआईडी अब एजेंसी के संचालक मिथिलेश सिंह की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास कर रही है, ताकि मामले में अनियमितता से जुड़ी अतिरिक्त जानकारी प्राप्त हो सके।
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सफल अभ्यर्थियों के बयान
सीआईडी करीब 500 सफल अभ्यर्थियों के बयान दर्ज कर चुकी है। सीआईडी अभ्यर्थियों से परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न सवाल पूछ रही है। इसमें आवेदन फॉर्म भरने से लेकर परीक्षा में बैठने और परिणाम जारी होने तक की पूरी प्रक्रिया के संबंध में विस्तार से जानकारी ली जा रही है। जांच अधिकारी अभ्यर्थियों से पूछ रहे हैं कि उन्होंने परीक्षा कैसे दी, कहां दी, वे किन लोगों के संपर्क में थे और पेपर लीक के संबंध में उनके पास क्या जानकारी है। सीआईडी को जिन अभ्यर्थियों पर संदेह हो रहा है, उनके दस्तावेजों और अन्य बिंदुओं पर गहन पड़ताल की जा रही है।
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दिल्ली से हुई गिरफ्तारी
मामले में गिरफ्तार दोनों आरोपियों सोमांश प्रकाश और राहुल को सीआईडी ने दिल्ली से पकड़ा था। आरोपी सोमांश प्रकाश बिहार के रोहतास जिले के बिक्रमगंज का रहने वाला है, जबकि राहुल बिहार के वैशाली जिले का निवासी है। जेएसएससी ने इस परीक्षा के संचालन का जिम्मा मेसर्स वेबेल टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड को दिया था। इसके बाद वेबेल टेक्नोलॉजी ने परीक्षा संचालन का कार्य मिथिलेश सिंह के नेतृत्व वाली एजेंसी आईसीएन को सौंप दिया था। इसी आईसीएन के माध्यम से पेपर लीक और अनियमितता की बात सामने आई है।