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जम्मू कश्मीर: उपराज्यपाल बोले- पर्यावरण बदलाव सेमिनार, कांफ्रेंस का विषय नहीं समाज के सामने बड़ी चुनौती
Sun, 08 Oct 2023 11:04 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
Updated Sun, 08 Oct 2023 11:04 AM IST
वन्यजीव संरक्षण पर जागरूकता फैलाने के लिए वन्यजीव संरक्षण विभाग द्वारा आयोजित पांच किमी लंबी वॉकथॉन में लोगों, वन्यजीव संरक्षण और इको क्लब के सदस्यों, स्वयंसेवकों, एनसीसी कैडेटों और छात्रों ने हिस्सा लिया।
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LG Manoj Sinha
- फोटो : पीआईबी
विस्तार
उपराज्यपाल ने कहा कि पर्यावरण बदलाव अब सिर्फ सेमिनार और कांफ्रेंस का विषय नहीं, बल्कि यह समाज के सामने सबसे बढ़ी चुनौती है। इससे निपटने का सबसे अच्छा रास्ता है कम्यूनिटी लेड कंजर्वेशन (समुदाय के नेतृत्व में संरक्षण) है। हर एक व्यक्ति को वाइल्डलाइफ और एनवायरनमेंट मित्र की भूमिका निभानी होगी। यह बातें उन्होंने शनिवार को वन्यजीव सप्ताह 2023 के तहत पुलिस गोल्फ कोर्स से निशात बाग से वॉकथॉन ''वॉक फॉर वाइल्डलाइफ'' को हरी झंडी दिखाने के बाद कहीं।
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उन्होंने कहा कि इस अभियान के तहत युवाओं में भविष्य की आशा दिखती है। यह वॉकथॉन उन्हें ही समर्पित है। उन्हे न सिर्फ सेल्फ सस्टेनेबल लाइफ स्टाइल को अपनाना चाहिए, बल्कि समाज को भी प्रेरित करना चाहिए। उन्होंने युवाओं से अपील की किसी भी वाइल्डलाइफ कंजर्वेशन संस्था में शामिल होकर योगदान देनें का संकल्प लें। यह कार्यक्रम इस दिशा में एक मील पत्थर साबित होगा।
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वन्यजीव संरक्षण पर जागरूकता फैलाने के लिए वन्यजीव संरक्षण विभाग द्वारा आयोजित पांच किमी लंबी वॉकथॉन में लोगों, वन्यजीव संरक्षण और इको क्लब के सदस्यों, स्वयंसेवकों, एनसीसी कैडेटों और छात्रों ने हिस्सा लिया। एलजी ने कहा कि श्रीनगर में यह केवल 5 किलोमीटर वॉकथॉन नहीं है बल्कि जम्मू-कश्मीर यूटी में कम्युनिटी लैड कंजरवेसन की शुरुआत है।
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उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समाज के मन में पुनः सहअस्तित्व की उस धारणा को फिर से स्थापित करने का काम किया है। जिस प्रकार आज पूरा समाज मिलकर साइंस की तरक्की का जश्न मना रहा है। एलजी ने कहा कि मैं मानता हूं कि जीवन के असली अभिव्यक्त प्रकृति है। उसके बिना मानवता का विकास असंभव है। इसलिए यह सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है कि इसकी रक्षा की करें।
कुछ सालों में हासिल कीं कई उपलब्धियां
एलजी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर ने तीन चार वर्षों में वाइल्डलाइफ व वेटलैंड कंज़र्वेशन के क्षेत्र में कई उपलब्धियां हासिल की हैं। हांगुल की संख्या में काफी वृद्धि हुई है। पुलवामा के त्राल में 2008 से लटके हांगुल प्रोटेक्शन सेंटर के प्रोजेक्ट को पुनः रिवाइव किया। प्रोजेक्ट को इस साल पूरा कर लिया गया है। दो नए इंटरनेशनल महत्व के वेटलैंड जिसे रामसर कहा जाता है, को पिछले साल एड किया गया था। पिछले साल 13 लाख से ज्यादा माइग्रेटरी बर्ड्स देखी गई थी और ग्लोबल स्नो लेपर्ड मैप पर अब जम्मू कश्मीर भी शामिल हो गया है। विश्वास है कि भविष्य में प्रयासों से वाइल्डलाइफ कंजर्वेशन, ईको टूरिज्म, ग्रीन इकोनॉमी को प्रमोट करने में प्रशासन खासकर वन विभाग पूरे देश में अग्रणी भूमिका निभाएगा।