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जम्मू-कश्मीर की जेलों की सुरक्षा होगी पुख्ता: खुफिया एजेंसियों का बढ़ेगा पहरा, एलजी ने दिए जरूरी निर्देश

Thu, 05 Nov 2026 04:37 PM IST
Akash Dubey अमर उजाला ब्यूरो, जम्मू
अमर उजाला ब्यूरो, जम्मू Published by: Akash Dubey Updated Thu, 05 Nov 2026 04:37 PM IST
सार
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उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने जम्मू-कश्मीर की जेलों में सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश दिए। पुलिस, जेल प्रशासन और खुफिया एजेंसियां आतंकी नेटवर्क पर अंकुश लगाने को मिलकर काम करेंगी।

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Security in Jammu and Kashmir s jails will be strengthened
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा - फोटो : @OfficeOfLGJandK

विस्तार

जम्मू-कश्मीर की जेलों में सुरक्षा व्यवस्था और पुख्ता की जाएगी। आतंकी नेटवर्क व कट्टरपंथी गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस, जेल प्रशासन और खुफिया एजेंसियों की संयुक्त टीम मिलकर काम करेगी। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने वीरवार को लोक भवन में जेल विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को इस दिशा में प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए।

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उपराज्यपाल ने कहा कि जेलों की सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता बनाने के लिए पुलिस, जेल विभाग और खुफिया एजेंसियों के बीच नियमित समीक्षा बैठकें होनी चाहिए। इस दौरान सूचनाओं का आदान-प्रदान भी होना चाहिए। इसका उद्देश्य जेलों के भीतर आतंकी नेटवर्क, कट्टरपंथ और कानून-व्यवस्था से जुड़ी चुनौतियों से निपटना है।

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जेल परिसरों और आसपास के क्षेत्रों में औचक जांच करने तथा जब्त किए जाने वाले इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की उपराज्यपाल ने फोरेंसिक जांच कराने के निर्देश भी दिए। बैठक में जेलों के भीतर प्रिजन इंटेलिजेंस यूनिट गठित करने, सभी जेलों में बायोमीट्रिक प्रणाली लागू करने और कैदियों के लिए टेलीमेडिसिन सुविधाओं का विस्तार करने पर भी चर्चा हुई। जेल विभाग में मानव संसाधन मजबूत करने की जरूरत पर जोर दिया गया। उपराज्यपाल ने महानपुर में निर्माणाधीन हाई सिक्योरिटी जेल की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने शेष निर्माण कार्य निर्धारित समय में पूरा करने के निर्देश दिए।

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बैठक में ये रहे मौजूद
डीजीपी नलिन प्रभात, डीजीपी जेल दीपक कुमार, गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव चंद्राकर भारती, स्पेशल डीजी (कोऑर्डिनेशन) एसजेएम गिलानी, एडीजी सीआईडी एमके सिन्हा मौजूद रहे।

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प्रदेश में 15 जेलें, कोट भलवाल और श्रीनगर सबसे संवेदनशील
केंद्रशासित प्रदेश में 15 जेलें हैं। इनकी स्वीकृत क्षमता 3,629 बंदियों की है। जम्मू-कश्मीर जेल विभाग की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार अभी 5,300 से अधिक बंदी जेलों में बंद हैं। इनमें जम्मू स्थित कोट भलवाल सेंट्रल जेल अत्यधिक संवेदनशील श्रेणी में है। यहां आतंकवाद से जुड़े स्थानीय और पाकिस्तानी बंदियों को रखा गया है। जेल के भीतर मोबाइल फोन और प्रतिबंधित सामग्री मिलने की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। यहां आतंकियों के बीच अवैध संपर्क और नेटवर्क की आशंका बनी रहती है। इसी प्रकार सेंट्रल जेल श्रीनगर भी अत्यधिक संवेदनशील श्रेणी में है। वहां आतंकवाद और अलगाववाद से जुड़े मामलों के बंदियों व कैदियों की मौजूदगी है। यहां सीआईएसएफ को आंतरिक सुरक्षा की जिम्मेदारी दी गई है।

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