जम्मू-कश्मीर: बारिश की तबाही का जायजा लेने कल पहुंचेगी दिल्ली की टीम, 23 अधिकारी करेंगे नुकसान का आकलन
मानसून के दौरान जम्मू-कश्मीर में हुए नुकसान का जायजा लेने गृह मंत्रालय की केंद्रीय टीम रविवार को प्रदेश पहुंचेगी। दौरे से पहले पीडब्ल्यूडी ने 23 नोडल अधिकारी तैनात किए हैं जो पीएमजीएसवाई और विभागीय सड़कों को हुए नुकसान की रिपोर्ट टीम को सौंपेंगे।
विस्तार
मानसून के नुकसान का जायजा लेने दिल्ली से गृह मंत्रालय की टीम रविवार को जम्मू-कश्मीर पहुंच जाएगी। यह टीम प्रदेश के आपदा प्रभावित इलाकों में जाकर नुकसान का जायजा लेगी। टीम के आने की तारीख तय होने के साथ ही पीडब्ल्यूडी ने भी अपनी तैयारी पूरी कर ली है।
विभाग ने अधिकारियों को तैयार रहने के आदेश दिए हैं। पीडब्ल्यूडी ने टीम के आने से पहले 23 नोडल अधिकारियों की टीम तैनात कर दी है। इनमें से 12 नोडल अधिकारी प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) को हुए नुकसान का आकलन करेंगे। जबकि 11 नोडल अधिकारी पीडब्ल्यूडी की सड़कों को पहुंचे नुकसान की रिपोर्ट तय मानकों के आधार पर बनाएंगे। लोक निर्माण विभाग ने नोडल अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे केंद्रीय टीम के साथ समन्वय स्थापित करेंगे। टीम के दौरे के दौरान बरसात से प्रभावित इलाकों में जाएंगे। केंद्रीय टीम को डैमेज से जुड़ी रिपोर्ट तैयार करके देंगे।
इस दौरान अब तक रिपेयर पर खर्च हुई धनराशि की जानकारी और एसडीआरएफ या एनडीआरएफ से मिली मदद की जानकारी भी साझा करेंगे। विभाग ने दोनों संभाग के लिए डीडीपी इकबाल चौधरी को केंद्रीय टीम के दौरे और भारी बारिश से सड़कों को हुए नुकसान के असेसमेंट के लिए पब्लिक वर्क्स (आरएंडबी) डिपार्टमेंट का नोडल ऑफिसर बनाया है। वे प्रदेश के डिजास्टर मैनेजमेंट डायरेक्टर और दौरे पर आने वाली केंद्रीय टीम के साथ समन्वयक के तौर पर काम करेंगे। पीडब्ल्यूडी की ओर से सभी अधिकारियों को आदेश भेज दिए गए हैं।
- नोडल अधिकारियों पर रहेगी दिल्ली से आने वाली टीम के साथ समन्वय की जिम्मेदारी
- बरसात से प्रभावित इलाकों में जाकर नुकसान से जुड़ी रिपोर्ट तैयार करेंगे अधिकारी
ये होंगे पीडब्ल्यूडी के नोडल अधिकारी
टीम में सांबा के सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर अरिफित गुप्ता, कठुआ के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर रोहित गुप्ता, उधमपुर के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर नीरज वैद, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर रियासी अमित अबरोल, राजोरी के सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर मंजूर अहमद वानी, पुंछ के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर मोहम्मद शहजाद खान, डोडा के सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर अतुल गुप्ता, रामबन के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर इकबाल वानी, श्रीनगर, बडगाम और गंदरबल की सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर अरुज, बारामुला, कुपवाड़ा व बांदीपोरा के रईस अहमद मकदूमी, पुलवामा, शोपियां, कुलगाम व अनंतनाग के सैयद इश्फाक।
पीएमजीएसवाई में 12 अधिकारियों की जिम्मेदारी
जम्मू और सांबा के कार्यकारी अभियंता भूपिंदर कुमार, कठुआ के गुरमीत कुमार, उधमपुर के अत्ता मोहम्मद, रियासी के भारत गुप्ता, राजोरी के शाहिद मुस्तफा, पुंछ के जहीर अहमद, डोडा से शिवांगी, किश्तवाड़ से राजेश गुप्ता, रामबन से संसार सिंह, श्रीनगर से नजुम उल सेहर, बारामुला से शुजात अहमद, पुलवामा शोपियां, कुलगाम और अनंतनाग से मकसूद बसु को नोडल अधिकारी तैनात किया गया है।
राजोरी और पुंछ में 700 करोड़ का नुकसान
इस साल सबसे ज्यादा नुकसान राजोरी और पुंछ में हुआ है। प्रशासन को सौंपी गई रिपोर्ट में दोनों जिलों में करीब 700 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान है। इनमें से राजोरी में 460 करोड़ से ज्यादा और पुंछ में करीब 214 करोड़ के नुकसान का अनुमान है। दोनों जिलों में 900 सड़कों पर आवाजाही प्रभावित हुई थी। इसकी रिपोर्ट पीडब्ल्यूडी ने प्रदेश सरकार को सौंपी है।