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जल्दी बॉडी बनाने का खतरनाक जुनून: युवा ले रहे घोड़े-मवेशियों की दवाएं; किडनी-लिवर और दिल पर पड़ रहा कितना असर?
जल्दी मसल्स बनाने की चाहत युवाओं को ऐसे इंजेक्शन तक ले जा रही है, जिनका इस्तेमाल जानवरों में होता है। नई रिसर्च में सामने आया कि इनके असर से शरीर के अंदर कई गंभीर बदलाव हो सकते हैं। लेकिन इनका इस्तेमाल छोड़ने के बाद वजन और मसल्स पर क्या असर पड़ता है? पढ़िए रिपोर्ट
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बॉडी बनाने की जल्दी में जानवरों वाली दवाएं ले रहे युवा
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक
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विस्तार
शरीर को जल्दी से जल्दी भारी और मांसपेशियों को बड़ा बनाने की चाहत में जिम जाने वाले कुछ युवा अब सिर्फ प्रोटीन और सामान्य सप्लीमेंट तक सीमित नहीं हैं। अब ऐसे इंजेक्शन तक ले रहे हैं, जिनमें मिलने वाले कुछ स्टेरॉयड का इस्तेमाल जानवरों में किया जाता है। इनमें बोल्डेनोन और ट्रेनबोलोन जैसे नाम सामने आते हैं।
सबसे चिंता की बात यह है कि जिस चीज का असर बाहर से सिर्फ बढ़ी हुई मांसपेशियों के रूप में दिखता है, उसके अंदर शरीर के हार्मोन, किडनी, लिवर और दिल पर गंभीर असर पड़ सकता है। बोल्डेनोन, ट्रेनबोलोन और नैंड्रोलोन का इस्तेमाल सबसे ज्यादा हो रहा है। रिसर्च में 79 पुरुषों को देखा गया, स्टेरॉयड का इस्तेमाल बंद करने के तीन महीने बाद ही वजन काफी कम हो गया।
ये भी पढ़ें: बड़ा सवाल: सीडीएससीओ की जांच में 199 दवा के नमूने गुणवत्ता पर खरे नहीं उतरे, एक नकली मिला; कितनी दवाएं असरहीन?
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नई रिसर्च ने खोला शरीर के अंदर का राज
स्टैनले मेडिकल कॉलेज, चेन्नई की रिसर्च में 18 से 50 साल की उम्र के 161 पुरुष जिम करने वालों को देखा गया। इनमें 57 लोगों में ऐसे बदलाव मिले जो स्टेरॉयड के इस्तेमाल से जुड़े थे। इन लोगों में बड़ी संख्या 18 से 25 साल की उम्र वालों की थी। रिसर्च में स्टेरॉयड इस्तेमाल करने वालों के खून में किडनी से जुड़े क्रिएटिनिन और लिवर से जुड़े एंजाइम ज्यादा पाए गए।
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सबसे चिंता की बात यह है कि जिस चीज का असर बाहर से सिर्फ बढ़ी हुई मांसपेशियों के रूप में दिखता है, उसके अंदर शरीर के हार्मोन, किडनी, लिवर और दिल पर गंभीर असर पड़ सकता है। बोल्डेनोन, ट्रेनबोलोन और नैंड्रोलोन का इस्तेमाल सबसे ज्यादा हो रहा है। रिसर्च में 79 पुरुषों को देखा गया, स्टेरॉयड का इस्तेमाल बंद करने के तीन महीने बाद ही वजन काफी कम हो गया।
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स्टैनले मेडिकल कॉलेज, चेन्नई की रिसर्च में 18 से 50 साल की उम्र के 161 पुरुष जिम करने वालों को देखा गया। इनमें 57 लोगों में ऐसे बदलाव मिले जो स्टेरॉयड के इस्तेमाल से जुड़े थे। इन लोगों में बड़ी संख्या 18 से 25 साल की उम्र वालों की थी। रिसर्च में स्टेरॉयड इस्तेमाल करने वालों के खून में किडनी से जुड़े क्रिएटिनिन और लिवर से जुड़े एंजाइम ज्यादा पाए गए।