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डिटेक्ट-डिलीट-डिपोर्ट नीति का असर: बंगाल में 11 होल्डिंग सेंटर, 335 संदिग्ध हिरासत में; प्रशासन अलर्ट मोड पर
Fri, 29 May 2026 02:07 PM IST
शिवम गर्ग
पीटीआई, कोलकाता
पीटीआई, कोलकाता
Published by: शिवम गर्ग
Updated Fri, 29 May 2026 02:07 PM IST
पश्चिम बंगाल सरकार ने अवैध घुसपैठियों के लिए 11 होल्डिंग सेंटर बनाए हैं, जहां 335 संदिग्ध लोगों को रखा गया है। इनमें बांग्लादेशी और रोहिंग्या शामिल होने की आशंका है।
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बंगाल में घुसपैठियों पर बड़ी कार्रवाई।
- फोटो : Amar Ujala Graphics
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विस्तार
पश्चिम बंगाल सरकार ने अवैध घुसपैठियों की पहचान और कार्रवाई के लिए राज्यभर में 11 होल्डिंग सेंटर स्थापित किए हैं। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इन केंद्रों में फिलहाल 335 संदिग्ध लोगों को रखा गया है। अधिकारियों ने बताया कि ये सभी कार्रवाई राज्य की "डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट" नीति के तहत की जा रही है, जिसका उद्देश्य अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों की पहचान कर उन्हें वापस भेजना है।
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बसीरहाट में सबसे ज्यादा हिरासत
उत्तर 24 परगना जिले का बसीरहाट क्षेत्र, जो बांग्लादेश सीमा से सटा हुआ है, यहां सबसे अधिक संदिग्ध लोगों की पहचान हुई है। अधिकारियों के मुताबिक, यहां बांग्लादेशी नागरिकों और रोहिंग्या समुदाय के लोगों के होने की आशंका जताई जा रही है।
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जानकारी के अनुसार, ये होल्डिंग सेंटर अलग-अलग पुलिस जिलों और प्रशासनिक जिलों में संचालित किए जा रहे हैं। इनमें बरुईपुर, सुंदरबन, बसीरहाट, बोंगांव, बरासत, मुर्शिदाबाद, जंगीपुर और कृष्णानगर शामिल हैं। इसके अलावा मालदा, कूचबिहार और दक्षिण दिनाजपुर जिलों में भी ऐसे केंद्र बनाए गए हैं।
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335 लोगों को रखा गया हिरासत में
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इन केंद्रों में कुल 335 लोग मौजूद हैं, जिनमें 148 पुरुष, 99 महिलाएं और 88 बच्चे शामिल हैं। इन सभी की पहचान और दस्तावेजों की जांच की प्रक्रिया जारी है। राज्य गृह विभाग की ओर से जारी आदेश में जिला प्रशासन को निर्देश दिया गया है कि विदेशी नागरिकों को तब तक रखने के लिए आवश्यक ढांचा तैयार किया जाए जब तक उनके निर्वासन की प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती।
बंगाल में आखिर क्या चल रहा है?
पश्चिम बंगाल सरकार और प्रशासन ने कथित अवैध प्रवासियों की पहचान के लिए अभियान तेज कर दिया है। उत्तर 24 परगना के बसीरहाट इलाके के हाकिमपुर चेकपोस्ट पर मंगलवार सुबह बड़ी संख्या में बांग्लादेशी पुरुष और महिलाएं पहुंचीं थी। इनमें कई लोग ऐसे बताए जा रहे हैं जो लंबे समय से बंगाल के अलग-अलग हिस्सों में रह रहे थे। हाल में घुसपैठियों को पकड़ने, पहचान करने और वापस भेजने की बात सामने आने के बाद सीमा पर भीड़ बढ़ गई। प्रशासन अब दस्तावेजों की जांच कर रहा है और संदिग्ध लोगों को होल्डिंग सेंटर भेजा जा रहा है।
होल्डिंग सेंटर में क्या हो रहा है?
मालदा जिला इस कार्रवाई का बड़ा केंद्र बनकर उभरा है। यहां इंग्लिश बाजार इलाके के चंदन पार्क में पहला होल्डिंग सेंटर शुरू किया गया है। यहां फिलहाल नौ संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों को रखा गया है। इनमें तीन महिलाएं और छह नाबालिग शामिल हैं। इन लोगों को गाजोल थाना क्षेत्र से पकड़ा गया था। सेंटर में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और पुलिस के साथ सिविल डिफेंस तथा अन्य कर्मचारी चौबीस घंटे निगरानी कर रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि यहां लोगों के दस्तावेज और पहचान की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई होगी।